Apple Chip Talks: Intel के शेयर रॉकेट बने! Apple की नई चिप रणनीति से बाजार में हलचल

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Apple Chip Talks: Intel के शेयर रॉकेट बने! Apple की नई चिप रणनीति से बाजार में हलचल
Overview

Apple अपनी चिप मैन्युफैक्चरिंग (chip manufacturing) के लिए Intel और Samsung के साथ बातचीत कर रहा है। इसका मकसद TSMC पर निर्भरता कम करना और ताइवान से जुड़े सप्लाई चेन (supply chain) के जोखिमों को दूर करना है। इस खबर से Intel के शेयरों में जोरदार उछाल आया।

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Apple की सप्लाई चेन (supply chain) इस समय भारी दबाव में है, खासकर iPhone और Mac जैसे प्रोडक्ट्स की बात करें तो। हाल ही में एक अर्निंग्स कॉल (earnings call) पर कंपनी के सीईओ टिम कुक (Tim Cook) ने भी माना कि प्रोडक्शन के लिए सप्लाई चेन में उतनी फ्लेक्सिबिलिटी (flexibility) नहीं है जितनी पहले हुआ करती थी। इस वजह से, Apple चिप बनाने के लिए वैकल्पिक जगहों की तलाश कर रहा है। इस तलाश का एक बड़ा कारण ताइवान को लेकर बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव (geopolitical tension) है, जहां TSMC जैसी कंपनियां एडवांस्ड चिप्स (advanced chips) बनाती हैं। ताइवान में किसी भी तरह की रुकावट ग्लोबल टेक सप्लाई चेन के लिए बड़ा खतरा बन सकती है।

इस खबर का सबसे बड़ा असर Intel के शेयरों पर दिखा, जो 12% तक उछल गए। वहीं, Apple के शेयरों में 0.8% की मामूली तेजी रही।

Apple अपनी सबसे एडवांस्ड चिप्स के लिए TSMC पर अपनी निर्भरता कम करना चाहता है। इसलिए, कंपनी Intel Corp. और Samsung Electronics जैसी बड़ी कंपनियों से चिप मैन्युफैक्चरिंग (chip manufacturing) के लिए बातचीत कर रही है। Apple की योजना अमेरिका में अपने मेन सिस्टम-ऑन-ए-चिप (SoC) डिजाइंस को बनाने की हो सकती है। यह Apple की पुरानी रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत वह किसी भी खास पार्ट के लिए एक से ज्यादा सप्लायर रखता है ताकि कीमतों पर कंट्रोल रहे और सप्लाई में दिक्कत आने पर बचाव हो सके।

Intel के लिए यह डील उसके चिप-मेकिंग सर्विसेज को फिर से मजबूत करने की योजना का एक अहम हिस्सा है। अगर Apple जैसा बड़ा ग्राहक Intel की सेवाओं पर भरोसा दिखाता है, तो यह Intel की क्षमताओं के लिए एक बड़ी स्वीकृति होगी, क्योंकि वह TSMC की बराबरी करने की कोशिश कर रहा है। Samsung भी चिप बनाने के क्षेत्र में Intel से आगे है, लेकिन TSMC से काफी पीछे है। Apple का साथ मिलने से Samsung के चिप बिजनेस को भी काफी फायदा हो सकता है।

हालांकि, यह बातचीत अभी शुरुआती दौर में है और किसी भी तरह के ऑर्डर फाइनल नहीं हुए हैं। Apple को यह भी चिंता है कि क्या Intel और Samsung, TSMC की तरह एडवांस टेक्नोलॉजी (जैसे 3-नैनोमीटर चिप्स) का प्रोडक्शन कर पाएंगे। Intel और Apple के बीच पुराना रिश्ता भी थोड़ा खट्टा रहा है, क्योंकि Intel 2006 से 2020 तक Mac प्रोसेसर सप्लाई करता था, जब तक Apple ने अपने खुद के चिप्स पर स्विच नहीं कर लिया।

Apple, TSMC को अमेरिका के एरिजोना (Arizona) में एक फैसिलिटी बनाने में मदद कर रहा है, लेकिन 2026 तक इसका प्रोडक्शन Apple की सालाना शिपमेंट का एक छोटा सा हिस्सा ही पूरा कर पाएगा। अभी सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री में AI डेटा सेंटर (AI data centers) की वजह से भारी डिमांड है, जिससे एडवांस्ड चिप्स की क्षमता पर दबाव है। एनालिस्ट्स Intel की चिप-मेकिंग को लेकर आशावादी हैं, लेकिन उन्हें लागत और TSMC से प्रतिस्पर्धा पर संदेह है। सप्लाई चेन को मजबूत करने और भू-राजनीतिक कारणों से मैन्युफैक्चरिंग को अलग-अलग जगहों पर फैलाने की यह कोशिश आगे भी जारी रहने की उम्मीद है।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.