Apple Share Price: AI में देरी और सरकारी जांच का डबल अटैक, शेयर **5%** लुढ़का!

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Apple Share Price: AI में देरी और सरकारी जांच का डबल अटैक, शेयर **5%** लुढ़का!
Overview

Apple के निवेशकों के लिए एक बुरी खबर है। कंपनी के शेयर में बीते ट्रेडिंग सेशन में बड़ी गिरावट आई है। स्टॉक **5%** तक लुढ़क गया, जिससे इस साल की सारी बढ़त खत्म हो गई और निवेशकों को तगड़ा झटका लगा। इस गिरावट की मुख्य वजह AI यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़ी Siri के अपग्रेड में देरी और Apple News ऐप पर सरकारी जांच का बढ़ना बताया जा रहा है।

शेयर बाजार में Apple का भारी नुकसान

गुरुवार, 12 फरवरी 2026 को Apple के शेयर में करीब 5% की जबरदस्त गिरावट देखी गई। यह पिछले करीब एक साल में किसी एक दिन में सबसे बड़ी गिरावट थी। इस भारी गिरावट ने इस साल अब तक की सारी बढ़त को खत्म कर दिया और कंपनी का मार्केट कैप करीब $202 बिलियन घट गया। यह गिरावट मुख्य रूप से दो बड़े कारणों से हुई: पहला, कंपनी के AI-पावर्ड Siri अपग्रेड में उम्मीद से ज़्यादा देरी और दूसरा, Apple News ऐप पर अमेरिकी रेगुलेटर, फेडरल ट्रेड कमीशन (FTC) की बढ़ती जांच।

AI के गेम में पिछड़ता दिख रहा Apple?

Apple अपनी AI क्षमताओं को मज़बूत करने की कोशिश कर रहा है, खासकर Siri के नए AI-संचालित अपग्रेड के साथ। लेकिन अंदरूनी रिपोर्ट्स के अनुसार, इस अपग्रेड के पूरी तरह से रोलआउट होने में मई या उसके बाद तक का समय लग सकता है, जबकि उम्मीद थी कि यह कुछ ही हफ्तों में आ जाएगा। इस देरी से Apple की AI रेस में अपनी पोजीशन मजबूत करने की कोशिशों पर सवाल उठ रहे हैं।

इस बीच, इसके कॉम्पिटिटर्स भी AI डेवलपमेंट में लगे हैं। Google के Gemini AI मॉडल में भी देरी हुई है, वहीं Microsoft अपने Copilot AI को विंडोज 11 में तेजी से इंटीग्रेट कर रहा है, लेकिन इसे भी यूज़र्स की तरफ से सिस्टम रिसोर्स के इस्तेमाल को लेकर आलोचना झेलनी पड़ रही है। Apple की ये डेवलपमेंटल दिक्कतें बताती हैं कि कंपनी अपने राइवल्स की तुलना में AI में कितनी तेज़ी से आगे बढ़ पा रही है, जो कि एक इनोवेशन-ड्रिवन कंपनी के लिए बहुत अहम है।

Apple News पर सरकारी शिकंजा

मार्केट की चिंताएं यहीं खत्म नहीं होतीं। FTC की चेयरपर्सन एंड्रयू फर्ग्यूसन ने Apple के CEO टिम कुक को एक चिट्ठी लिखकर Apple News ऐप की टर्म्स ऑफ सर्विस और कंटेंट क्यूरेशन पॉलिसी की समीक्षा करने को कहा है। आरोप हैं कि यह ऐप कथित तौर पर कुछ खास न्यूज़ आउटलेट्स को ज़्यादा प्रमोट करता है और कंज़र्वेटिव कंटेंट को दबाता है।

इस सरकारी जांच का मतलब है कि Apple को कंटेंट मैनेजमेंट और कंज्यूमर प्रोटेक्शन लॉज़ के पालन को लेकर नए नियमों का सामना करना पड़ सकता है। यह टेक्नोलॉजी कंपनियों के लिए कंटेंट एग्रीगेशन और एल्गोरिथम बायस को लेकर बढ़ती रेगुलेटरी निगरानी का एक और उदाहरण है।

AI पर सेक्टर की चिंताएं और Apple का वैल्यूएशन

Apple की ये दिक्कतें ऐसे समय में आई हैं जब पूरा टेक सेक्टर AI में भारी निवेश को लेकर चिंतित है। बड़ी टेक कंपनियां 2026 में AI पर करीब $600 बिलियन खर्च करने का अनुमान है, जिससे भविष्य की प्रॉफिटेबिलिटी और मार्केट में बड़े बदलावों को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। UBS ने हाल ही में टेक सेक्टर को 'न्यूट्रल' रेटिंग दी है, जिसकी वजह 'सॉफ्टवेयर अनिश्चितता' और कैपिटल एक्सपेंडिचर में भारी बढ़ोतरी बताई गई है।

Apple का स्टॉक, जो फरवरी 2026 की शुरुआत में अपने पीयर ग्रुप से काफी ऊपर, लगभग 34.86 के P/E रेश्यो पर ट्रेड कर रहा था, इन चुनौतियों से प्रभावित हो सकता है। AI की बढ़ती मांग के कारण मेमोरी और स्टोरेज की लागत में वृद्धि से मार्जिन पर भी असर पड़ने की आशंका है।

आगे क्या?

इन सब चिंताओं के बावजूद, एनालिस्ट्स की राय Apple के लिए ज़्यादातर पॉजिटिव बनी हुई है। 36 एनालिस्ट्स ने 'मॉडरेट बाय' रेटिंग दी है और एवरेज 1-यार टारगेट प्राइस करीब $291.70 है। Wedbush जैसे फर्म्स का मानना है कि 2026 AI एडवांस्ड फीचर्स और नए iPhone साइकल की वजह से Apple के लिए एक बड़ा साल साबित हो सकता है। हालांकि, AI डेवलपमेंट में सक्सेस और रेगुलेटरी चुनौतियों से निपटना निवेशकों का भरोसा बनाए रखने के लिए बेहद ज़रूरी होगा।

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