Apple India ने FY25 में एक ज़बरदस्त प्रदर्शन किया है। कंपनी का रेवेन्यू 18% बढ़कर ₹79,378 करोड़ पर पहुंच गया, वहीं नेट प्रॉफिट 16% बढ़कर ₹3,196 करोड़ दर्ज किया गया।
भारत बना iPhone का बड़ा प्रोडक्शन हब
यह वित्तीय ग्रोथ इसलिए भी अहम है क्योंकि भारत अब iPhone के प्रोडक्शन के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र बन गया है। 2025 में, भारत में iPhone प्रोडक्शन में लगभग 53% की भारी बढ़ोतरी हुई, जिसमें स्थानीय स्तर पर 55 मिलियन यूनिट्स असेंबल की गईं। यह Apple के कुल ग्लोबल आउटपुट का करीब 25% है, जो पिछले साल के 36 मिलियन यूनिट्स से काफी ज्यादा है। चीन से हटते सप्लाई चेन और भारत की प्रोडक्शन-लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) स्कीम्स के चलते यह बड़ा बदलाव आया है। Apple ने FY25 में ही एक्सपोर्ट के लिए ₹1.5 लाख करोड़ के iPhones असेंबल किए, जो भारत की ग्लोबल सप्लाई चेन में अहमियत को दिखाता है।
वैल्यू मार्केट शेयर में दबदबा
Apple की इंडिया पर खास रणनीति रंग ला रही है। 2025 में, कंपनी ने भारतीय स्मार्टफोन मार्केट के वैल्यू शेयर में रिकॉर्ड 28% पर कब्जा किया, जो 2024 में 23% था। यह प्रीमियम सेगमेंट की ओर बढ़ते रुझान का नतीजा है। भले ही Q3 2025 में Apple का वॉल्यूम मार्केट शेयर लगभग 10.4% (जो 26% सालाना बढ़ा) था, जिससे वह चौथे स्थान पर रही, लेकिन वैल्यू शेयर में उसकी स्थिति कहीं बेहतर है। iPhone 16, 2025 में भारत का सबसे ज़्यादा शिप किया जाने वाला मॉडल रहा।
रिटेल और डिजिटल सेवाओं का विस्तार
Apple ने भारत में अपने फिजिकल और डिजिटल फुटप्रिंट का भी तेजी से विस्तार किया है। कंपनी ने अप्रैल 2023 में मुंबई और दिल्ली में अपने पहले रिटेल स्टोर खोले थे, और अब बेंगलुरु, पुणे, नोएडा और अन्य शहरों में भी नए स्टोर्स के साथ कुल छह स्टोर हो गए हैं। इसके अलावा, Apple भारत में mid-2026 तक अपनी Apple Pay सर्विस लॉन्च करने की तैयारी में है, जो भारत के बढ़ते डिजिटल पेमेंट्स इकोसिस्टम में एक बड़ा कदम होगा।
चुनौतियां और भविष्य
इन सब के बावजूद, Apple के सामने भारत में अभी भी कई चुनौतियां हैं, जैसे कि कीमतों को लेकर संवेदनशीलता और कड़े कॉम्पिटिशन। एनालिस्ट्स का मानना है कि FY26 में Apple की सेल्स में 10-15% की बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। भारत, Apple के लिए एक महत्वपूर्ण ग्रोथ इंजन बन रहा है और 2030 तक यह कंपनी के ग्लोबल स्ट्रैटेजी का अहम हिस्सा होगा।