Apple AI रेस में CEO John Ternus का नया दांव: प्रोडक्ट पर फोकस, भारी खर्च से दूरी!

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Apple AI रेस में CEO John Ternus का नया दांव: प्रोडक्ट पर फोकस, भारी खर्च से दूरी!
Overview

Apple के नए CEO John Ternus **1 सितंबर** से कमान संभालेंगे और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दौड़ में कंपनी को प्रोडक्ट-फर्स्ट (product-first) यानी 'पहले प्रोडक्ट' वाले सीधे-सादे तरीके से आगे ले जाने की रणनीति पर जोर दे रहे हैं। यह तरीका Microsoft, Google और Meta जैसी कंपनियों के बिलकुल उलट है, जो AI में अरबों डॉलर झोंक रही हैं।

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Apple Inc. में 1 सितंबर को CEO की ज़िम्मेदारी संभालने वाले John Ternus, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते हुए दौर में कंपनी को एक खास नज़रिया दे रहे हैं। उनका सबसे बड़ा जोर 'प्रोडक्ट एक्सीलेंस' यानी बेहतरीन प्रोडक्ट बनाने पर है, न कि सिर्फ टेक्नोलॉजी पर। यह बिल्कुल वैसा ही है जैसा Apple के सह-संस्थापक Steve Jobs किया करते थे।

यह नज़रिया उन बड़ी टेक कंपनियों से बिलकुल अलग है जो AI के क्षेत्र में भारी-भरकम निवेश कर रही हैं। Microsoft, Alphabet (Google), Amazon और Meta Platforms जैसी कंपनियां साल 2026 तक AI पर $650 बिलियन से ज़्यादा खर्च करने का अनुमान लगा रही हैं। वहीं, AI चिप मार्केट में Nvidia का दबदबा है, जो AI मॉडल ट्रेनिंग चिप्स का 80% से ज़्यादा मार्केट शेयर रखती है। Apple, जिसकी मार्केट वैल्यूएशन करीब $4.01 ट्रिलियन है और P/E रेश्यो लगभग 34.19 है, को अपनी हार्डवेयर की ताक़त का इस्तेमाल AI लीडरशिप में बदलना होगा, बिना अपने प्रतिद्वंद्वियों की तरह अंधाधुंध खर्च किए।

Ternus की रणनीति में ऑन-डिवाइस (on-device) AI प्रोसेसिंग पर खास ध्यान दिया गया है। इसका मकसद यूजर की प्राइवेसी को बचाना और AI को Apple के इकोसिस्टम में बेहतर तरीके से इंटीग्रेट करना है। यह Apple को क्लाउड-आधारित AI पर निर्भर कंपनियों से अलग कर सकता है और प्रॉफिट मार्जिन बनाए रखने में मदद कर सकता है। हालांकि, इसमें कुछ जोखिम भी हैं। एनालिस्ट्स का कहना है कि Apple ने अपने Siri असिस्टेंट के अपडेट्स देर से लॉन्च किए हैं और कुछ कामों के लिए वह Google के AI का भी इस्तेमाल कर सकती है। दूसरी तरफ, Samsung साल 2030 तक 'AI-Driven Factories' लॉन्च करने की योजना बना रहा है और OpenAI जैसी कंपनियां Microsoft के साथ मिलकर AI से कमाई का रास्ता बना रही हैं।

इन चुनौतियों के बावजूद, एनालिस्ट्स Apple को लेकर उत्साहित हैं। Wedbush ने स्टॉक पर 'Outperform' रेटिंग बरकरार रखी है और टारगेट प्राइस $350 रखा है, उनका मानना है कि AI को लेकर जो चिंताएं स्टॉक को नीचे खींच रही हैं, वो 'बेबुनियाद' हैं। Bank of America Securities ने भी 'Buy' रेटिंग और $325 का टारगेट प्राइस दिया है, जो Apple के ऑन-डिवाइस AI और M5 चिप की AI क्षमताओं पर भरोसा जताता है। औसतन, एनालिस्ट्स का टारगेट प्राइस Apple के लिए करीब $315.91 है।

Apple के लिए Ternus की सबसे बड़ी चुनौती यह है कि क्या उनका सीधा-सादा, प्रोडक्ट पर केंद्रित नज़रिया AI के तेज़ विकास के साथ तालमेल बिठा पाएगा। AI डेवलपमेंट में कंपनी की कथित सुस्ती और Google जैसी थर्ड-पार्टी AI सॉल्यूशंस पर निर्भरता एक बड़ा कॉम्पिटिटिव डिसएडवांटेज साबित हो सकती है। Microsoft ने 2026 तक $145 बिलियन और Amazon ने $200 बिलियन AI पर खर्च करने का अनुमान लगाया है, जिससे एक बड़ा रिसोर्स गैप बनता है। Nvidia के AI चिप्स में लगातार बने रहने का प्रभुत्व भी हार्डवेयर इनोवेशन के लिए एक बाधा है। AI/ML से जुड़े कई बड़े लोगों के कंपनी छोड़कर जाने से भी AI स्ट्रेटेजी की निरंतरता पर सवाल उठते हैं। साथ ही, चीन के सुप्रीम कोर्ट का AI पेटेंट डिस्प्यूट में Apple के खिलाफ फैसला भी कानूनी चुनौतियां खड़ी करता है।

यह सब तब हो रहा है जब ग्लोबल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) मार्केट के 2033 तक $3.5 ट्रिलियन तक पहुंचने का अनुमान है, जिसमें 30.6% की सालाना ग्रोथ रेट देखी जा सकती है। कुछ अनुमानों के मुताबिक, Apple की AI स्ट्रैटेजी से आने वाले कुछ सालों में कंपनी के वैल्यूएशन में $75 से $100 प्रति शेयर का इजाफा हो सकता है। Ternus के नेतृत्व की असल परीक्षा यही होगी कि क्या वो Apple को AI के दौर में ले जाते हुए, Pragmatism (व्यावहारिकता) और इनोवेशन की ज़रूरत के बीच सही संतुलन बिठा पाते हैं।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.