Apple India: ₹12 लाख करोड़ से ज्यादा की कमाई पर, अब भारत में कंपनी का बड़ा दांव!

TECH
Whalesbook Logo
AuthorAditi Chauhan|Published at:
Apple India: ₹12 लाख करोड़ से ज्यादा की कमाई पर, अब भारत में कंपनी का बड़ा दांव!
Overview

Apple Inc. भारत में अपने पैर और मजबूती से जमाने की तैयारी में है। कंपनी ने मुंबई में अपना दूसरा रिटेल स्टोर खोलने का ऐलान किया है, साथ ही चेन्नई में पहला कॉर्पोरेट ऑफिस भी स्थापित करेगी। यह कदम कंपनी के **2026 के पहले फिस्कल क्वार्टर** की रिकॉर्ड-तोड़ कमाई के बाद आया है।

भारत बना Apple के लिए ग्रोथ का बड़ा केंद्र

Apple Inc. इस वक्त अपनी रिकॉर्ड-तोड़ कमाई का जश्न मना रहा है। कंपनी ने 2026 के पहले फिस्कल क्वार्टर में $143.8 अरब का रेवेन्यू दर्ज किया है, जो पिछले साल के मुकाबले 16% ज्यादा है। वहीं, प्रति शेयर आय (Diluted EPS) में भी 19% की शानदार बढ़ोतरी हुई और यह $2.84 पर पहुंच गई। iPhone की बिक्री में 23% की जबरदस्त तेजी देखी गई, जबकि कंपनी की सर्विसेज से कमाई 14% बढ़कर $30 अरब तक पहुंच गई। कंपनी का एक्टिव डिवाइस का इंस्टॉल्ड बेस अब 2.5 अरब से भी ज्यादा हो चुका है।

मुंबई में रिटेल एंबिशंस का विस्तार

इस शानदार ग्रोथ को सहारा देने के लिए, Apple भारत में अपने रिटेल फुटप्रिंट को और बढ़ाने की योजना बना रहा है। कंपनी मुंबई में अपना दूसरा रिटेल स्टोर खोलने की तैयारी में है। यह नया स्टोर बोरीवली (ईस्ट) के ओबेरॉय स्काई सिटी मॉल में करीब 12,616 स्क्वायर फीट की जगह पर खुलने की उम्मीद है। भारत में यह Apple का छठा फिजिकल रिटेल स्टोर होगा, जो ग्राहकों के लिए नए उत्पाद और सेवाएं सुलभ बनाएगा और प्रमुख शहरी केंद्रों में ब्रांड की उपस्थिति को मजबूत करेगा।

चेन्नई हब से ऑपरेशनल गहराई का संकेत

सिर्फ कंज्यूमर-फेसिंग रिटेल ही नहीं, Apple भारत में अपने ऑपरेशनल बेस को भी मजबूत कर रहा है। कंपनी चेन्नई में अपना पहला डेडिकेटेड कॉर्पोरेट ऑफिस स्थापित कर रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पोरूर के DLF साइबरसिटी IT पार्क में लगभग 20,000 स्क्वायर फीट की जगह लीज पर ली गई है। यह सुविधा एक ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) के तौर पर काम करेगी, जो कंपनी के महत्वपूर्ण ग्लोबल ऑपरेशंस को संभालेगी। यह कदम भारत की बढ़ती अहमियत को दर्शाता है, एक ऐसे हब के तौर पर जो मल्टीनेशनल कंपनियों की जटिल ऑपरेशनल जरूरतों को पूरा करने में सक्षम है।

भारतीय मार्केट में मोमेंटम का विश्लेषण

Apple का भारत में बढ़ता निवेश देश के तेजी से बढ़ते बाजार की गतिशीलता से प्रेरित है। भारत अब दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा स्मार्टफोन मार्केट और चौथा सबसे बड़ा पीसी मार्केट है। हालिया प्रदर्शन में मजबूत डबल-डिजिट रेवेन्यू ग्रोथ दिख रही है, जिसमें नए ग्राहकों की बड़ी संख्या शामिल है, जिनमें से कई पहली बार Apple डिवाइस खरीद रहे हैं। सरकार की 'मेक इन इंडिया' पहल और प्रोडक्शन-लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) स्कीमें मैन्युफैक्चरिंग के लिए एक अनुकूल माहौल बना रही हैं। अब भारत दुनिया भर में iPhone प्रोडक्शन का लगभग 25% हिस्सा बनाता है, जो कुछ साल पहले सिंगल डिजिट में था। हाल ही में हुए एक रेगुलेटरी एडजस्टमेंट से फॉरेन फर्म्स को कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरर्स के लिए मशीनरी फंड करने में आसानी हुई है, जिससे टैक्स का तत्काल जोखिम कम हुआ है। यह Apple और उसके सप्लाई चेन पार्टनर्स के लिए एक बड़ी जीत है, जो चीन से मैन्युफैक्चरिंग डायवर्सिफाई करने और सप्लाई चेन को रेसिलिएंट बनाने की Apple की रणनीति को सपोर्ट करता है।

कॉम्पिटिटिव लैंडस्केप और फ्यूचर आउटलुक

Apple का यह विस्तार भारतीय बाजार में कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच हो रहा है, जहाँ Samsung जैसी कंपनियां भी स्थानीय मैन्युफैक्चरिंग, R&D और डिजिटल इंक्लूजन पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं। Q1 2026 के नतीजों के बावजूद, Apple को एडवांस्ड चिप मैन्युफैक्चरिंग नोड्स में सप्लाई की कमी का सामना करना पड़ा, जिससे iPhone की उपलब्धता प्रभावित हुई। हालांकि, कंपनी का प्रदर्शन इतना मजबूत था कि 2 फरवरी 2026 को आफ्टर-आवर ट्रेडिंग में शेयर में करीब 0.72% की तेजी आई। इस तारीख तक, Apple का स्टॉक लगभग $259.07 पर कारोबार कर रहा था, जिसकी मार्केट कैपिटलाइजेशन करीब $3.81 ट्रिलियन थी और P/E रेश्यो लगभग 32.80 था। मॉर्निंगस्टार के एनालिस्ट्स का मानना है कि स्टॉक उचित वैल्यू पर है, जो इसके इकोनॉमिक मोट (Economic Moat) को दर्शाता है, जो इसके इंटीग्रेटेड इकोसिस्टम और कस्टमर स्विचिंग कॉस्ट से आता है। रिटेल और ऑपरेशनल विस्तार, मजबूत प्रोडक्ट डिमांड और बढ़ती सर्विसेज रेवेन्यू के साथ, भारत Apple के लिए एक महत्वपूर्ण लॉन्ग-टर्म ग्रोथ ड्राइवर के रूप में तैयार है।

Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.