AI के डर से Ankur Warikoo का बड़ा फैसला
Entrepreneur Ankur Warikoo का यह फैसला, जो ₹100 करोड़ से ज्यादा की सेल्स (Sales) और ₹25 करोड़ का नेट प्रॉफिट (Net Profit) कमाने वाले उनके एडटेक (EdTech) वेंचर WebVeda को बंद करने का है, AI के बढ़ते दखल को साफ दिखाता है। 5 लाख से ज्यादा स्टूडेंट्स को पढ़ा चुके Warikoo के इस कदम से साफ है कि वे मानते हैं कि AI के आने से डिजिटल एजुकेशन के बिजनेस मॉडल में बड़े बदलाव आने वाले हैं।
AI का बढ़ता प्रभाव और एडटेक मार्केट
AI टूल्स अब पर्सनलाइज्ड कंटेंट (Personalized Content) और अडैप्टिव लर्निंग पाथ (Adaptive Learning Path) आसानी से बना सकते हैं, जो मौजूदा बिजनेस मॉडल्स के लिए सीधे तौर पर चुनौती हैं। अनुमान है कि 2035 तक AI इन एजुकेशन मार्केट $136 बिलियन तक पहुंच सकता है, जबकि 2025 में यह $7.05 बिलियन का था। यह टेक्नोलॉजिकल बदलाव एडटेक कंपनियों को या तो बदलने पर मजबूर करेगा या फिर वे पिछड़ जाएंगी।
मार्केट में बदलाव और टिकाऊपन पर जोर
यह फैसला ऐसे समय में आया है जब भारतीय एडटेक सेक्टर तेजी से बदल रहा है। जहां 2034 तक इसके $33 बिलियन तक पहुंचने की उम्मीद है, वहीं अब फोकस सिर्फ ग्रोथ की बजाय टिकाऊपन (Sustainability) पर है। BYJU's जैसी कंपनियों की मुश्किलें इस सेक्टर के लिए एक बड़ा अलर्ट हैं। मार्केट अब "फिजिकल और डिजिटल" (Phygital) अप्रोच और रियल आउटकम (Tangible Outcomes) पर जोर दे रहा है।
मुनाफा या भविष्य? Warikoo का तर्क
₹100 करोड़ की सेल्स पर ₹25 करोड़ का प्रॉफिट कमाने वाले बिजनेस को बंद करने का निर्णय हैरान करने वाला लग सकता है, लेकिन Warikoo का मानना है कि AI के दौर में पुराने मॉडल की फ्यूचर वायबिलिटी (Future Viability) कम है। छोटे वेंचर्स के लिए AI में भारी निवेश करना मुश्किल हो सकता है, इसलिए उन्होंने मार्केट की वैल्यू गिरने से पहले बाहर निकलना बेहतर समझा।
छात्रों के लिए क्या होगा?
हालांकि, 5 लाख से ज्यादा एनरोल्ड स्टूडेंट्स के भविष्य को लेकर सवाल बने हुए हैं। Warikoo ने जल्द ही इस फैसले की पूरी जानकारी और आगे के प्लान्स को लेकर बात करने का वादा किया है।