Amazon ने 2026 के लिए $200 बिलियन से ज़्यादा का कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) प्लान किया है, जिसका बड़ा हिस्सा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च होगा। इस भारी-भरकम ऐलान के बाद कंपनी के शेयर आफ्टर-आवर्स ट्रेडिंग में 11.5% तक गिर गए। ये $200 बिलियन का अनुमान 2025 के लिए आंकी गई $125 बिलियन की राशि से काफी ज़्यादा है, जो खर्च में तेज़ी का इशारा देता है।
यह निवेश इंडस्ट्री में चल रही AI होड़ का हिस्सा है, जहाँ Google, Microsoft, Meta जैसी बड़ी टेक कंपनियां भी 2026 में $480 बिलियन से ज़्यादा का भारी-भरकम खर्च करने की तैयारी में हैं। हालांकि, निवेशकों को इस भारी-भरकम कैपिटल इंटेंसिटी (Capital Intensity) पर चिंता है, लेकिन Amazon का मैनेजमेंट इसे क्लाउड मार्केट में अपनी लीडरशिप बनाए रखने के लिए ज़रूरी बता रहा है। खासकर तब, जब Google Cloud की ग्रोथ तेज़ी से बढ़ रही है; Q4 2025 में इसकी रेवेन्यू 48% सालाना बढ़कर $70 बिलियन के पार पहुंच गई और ऑपरेटिंग मार्जिन 30.1% हो गया। Amazon Web Services (AWS) की ग्रोथ 24% रही, जो अभी भी अच्छी है, लेकिन कड़े मुकाबले को देखते हुए, मार्केट लीडरशिप बनाए रखने के लिए री-इन्वेस्टमेंट (Re-investment) बहुत ज़रूरी है।
Amazon का मौजूदा ट्रेलिंग-ट्वेल्व-मंथ्स प्राइस-टू-अर्निंग्स (P/E) रेश्यो लगभग 33-34x है, जो इसके ऐतिहासिक औसत से कम है लेकिन इंटरनेट - कॉमर्स इंडस्ट्री एवरेज 18.14x से काफी ज़्यादा है। कंपनी ने Q4 2025 में $213.4 बिलियन की नेट सेल्स और $25.0 बिलियन का ऑपरेटिंग इनकम दर्ज किया। वहीं, अगली तिमाही (Q1) के लिए ऑपरेटिंग इनकम का अनुमान $16.5 बिलियन से $21.5 बिलियन के बीच है, जो एनालिस्ट्स की उम्मीदों से थोड़ा कम रहा। इंफ्रास्ट्रक्चर पर बढ़ते खर्च के चलते Q4 में फ्री कैश फ्लो 71% घटकर $11.2 बिलियन रह गया। निवेशक इन भारी-भरकम खर्चों के बदले ऑपरेशनल और फाइनेंशियल रिटर्न की उम्मीद कर रहे हैं।
दूसरे टेक दिग्गज भी इसी तरह के दबाव का सामना कर रहे हैं; Microsoft का क्लाउड ग्रॉस मार्जिन AI की वजह से 69% तक गिर गया, और Meta भी 2026 में $115 बिलियन से $135 बिलियन तक का Capex करने की योजना बना रहा है। Google के शेयर पिछले साल 65% चढ़े थे, जो उसकी तेज़ क्लाउड ग्रोथ और AI निवेशों को दर्शाता है। Amazon के शेयर फिलहाल कंसेंसस प्राइस टारगेट से नीचे ट्रेड कर रहे हैं, जिनके टारगेट $250 से $340 तक हैं।
क्लाउड और AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस के बावजूद, Amazon का डाइवर्सिफाइड बिज़नेस मॉडल दूसरे एरिया में भी मजबूती दिखा रहा है। इसका एडवरटाइजिंग सेगमेंट एक बड़ा ग्रोथ इंजन बना हुआ है, जिसकी Q4 रेवेन्यू 22% बढ़कर $21.3 बिलियन पहुंच गई। वहीं, फिजिकल रिटेल ऑपरेशंस में स्ट्रैटेजिक बदलाव हो रहे हैं, जिसके चलते Amazon Go और Fresh स्टोर्स से जुड़े $610 मिलियन के एसेट इंपेयरमेंट्स (Asset Impairments) हुए हैं और कुछ स्टोर्स बंद भी हो रहे हैं। हालिया छंटनी (layoffs) को AI एफिशिएंसी से जोड़ा गया है, लेकिन साल के अंत तक कर्मचारियों की संख्या 21,000 बढ़ी है, जो स्ट्रक्चरिंग के बावजूद नेट एक्सपेंशन दिखाती है।