Amazon का रेवेन्यू किंगडम
Amazon ने आखिरकार Walmart को पीछे छोड़ दिया है। 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त हुए अपने फाइनेंशियल ईयर (Financial Year) में Amazon ने $716.9 अरब का सेल्स रेवेन्यू दर्ज किया। यह आंकड़ा Walmart के $713.2 अरब (जो 31 जनवरी, 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए था) से थोड़ा अधिक है। एक दशक से भी ज़्यादा समय से Walmart यह रेवेन्यू का ताज पहने हुए था, लेकिन अब Amazon के क्लाउड कंप्यूटिंग और ई-कॉमर्स में आक्रामक विस्तार ने इस परिदृश्य को बदल दिया है।
AWS का दम, Amazon की कहानी
यह रेवेन्यू में अव्वल आने की कहानी काफी हद तक Amazon Web Services (AWS) के दमदार प्रदर्शन से जुड़ी है। AWS ने 2025 में अकेले करीब $128.7 अरब का रेवेन्यू कमाया। अगर AWS के इस योगदान को हटा दें, तो Amazon का कुल रेवेन्यू $588 अरब होता, जो Walmart से कम रह जाता। यह इस बात पर ज़ोर देता है कि Amazon की कमाई में क्लाउड कंप्यूटिंग का कितना बड़ा हाथ है, एक ऐसा क्षेत्र जहाँ Walmart सीधा मुकाबला नहीं करता। भले ही Amazon का ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म हर महीने करीब 2.7 अरब विज़िट्स के साथ विशाल हो, लेकिन रेवेन्यू रैंकिंग में नंबर वन बनने का श्रेय उसके क्लाउड डिवीज़न की ताकत को ही जाता है।
रेवेन्यू से आगे, मार्केट वैल्यू का खेल
निवेशकों के नजरिए से देखें तो, सिर्फ रेवेन्यू का बड़ा होना ही मार्केट लीडरशिप तय नहीं करता। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया में धूम मचाने वाली Nvidia का मार्केट कैप (Market Cap) $4.5 ट्रिलियन डॉलर से भी ज़्यादा है, जो Amazon (लगभग $2 ट्रिलियन) और Walmart (लगभग $995 अरब) दोनों के मार्केट कैप को काफी पीछे छोड़ देता है। Amazon का P/E रेश्यो (Price-to-Earnings Ratio) करीब 28.5 है, जबकि Walmart का यह 44-52 के बीच और Nvidia का 46-47 के करीब है। यह बड़ा अंतर साफ दिखाता है कि Amazon रेवेन्यू के मामले में भले ही आगे निकल गया हो, लेकिन निवेशक Nvidia जैसी कंपनियों को उनकी भविष्य की अत्यधिक ग्रोथ क्षमता के कारण ज़्यादा महत्व दे रहे हैं।
जीत के पीछे की चुनौतियां
Amazon की यह रेवेन्यू जीत महत्वपूर्ण तो है, लेकिन यह कई जटिलताओं के साथ आती है। अपनी टॉप-लाइन कमाई के लिए AWS पर अत्यधिक निर्भरता और कोर ई-कॉमर्स बिजनेस में कड़ी प्रतिस्पर्धा Amazon के लिए जोखिम पैदा करती है। Walmart के पास दुनिया भर में 10,000 से अधिक फिजिकल स्टोर हैं, जबकि Amazon का फिजिकल रिटेल फुटप्रिंट (Footprint) एक सेकेंडरी फोकस बना हुआ है। इसके अलावा, Amazon के विशाल आकार के कारण उस पर रेगुलेटरी (Regulatory) जांच का दबाव भी बढ़ सकता है, जैसा कि पहले भी बड़ी कंपनियों के साथ होता आया है। और यह भी ध्यान देने वाली बात है कि Amazon का रिटेल बिजनेस, AWS की तुलना में ऐतिहासिक रूप से कम मार्जिन पर काम करता है, जिसका मतलब है कि प्रॉफिटेबिलिटी (Profitability) काफी हद तक क्लाउड सेगमेंट पर निर्भर करती है।
आगे की राह
एनालिस्ट (Analysts) दोनों कंपनियों के भविष्य को लेकर आम तौर पर पॉजिटिव हैं, लेकिन उनकी रणनीतिक दिशाएं अलग हैं। Amazon के लिए 44 एनालिस्ट 'Strong Buy' रेटिंग दे रहे हैं, जिनका एवरेज टारगेट प्राइस लगभग $282 है। यह AWS और बढ़ते एडवरटाइजिंग (Advertising) बिजनेस की ग्रोथ पर मजबूत भरोसे को दर्शाता है। वहीं, Walmart को 28 एनालिस्ट 'Strong Buy' रेटिंग दे रहे हैं, जिनका एवरेज टारगेट प्राइस लगभग $133 है। यह रिटेल में उसकी मजबूती, ओमनीचैनल (Omnichannel) स्ट्रैटेजी और बढ़ते एडवरटाइजिंग व क्लाउड सर्विसेज पर विश्वास दिखाता है। क्लाउड कंप्यूटिंग और AI इंफ्रास्ट्रक्चर की लगातार बढ़ती मांग को देखते हुए, AWS Amazon के लिए एक महत्वपूर्ण ग्रोथ इंजन बना रहेगा, जबकि Walmart अपनी ऑपरेशनल एफिशिएंसी (Operational Efficiency) और ग्राहक मूल्य पर ध्यान केंद्रित करके रिटेल सेक्टर में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाना जारी रखेगा।