AI का तगड़ा वार
Amazon इस लड़ाई में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और एडवांस्ड टेक्नोलॉजी का भरपूर इस्तेमाल कर रही है। कंपनी के ऑटोमेटेड सिस्टम हर दिन अरबों लिस्टिंग्स को स्कैन करते हैं ताकि नकली रिव्यू और नकली प्रोडक्ट्स को ग्राहकों तक पहुंचने से पहले ही पकड़ा जा सके। Amazon के CCU डायरेक्टर, Kebharu Smith के मुताबिक, उनके AI सिस्टम दुनिया भर में 99% से ज़्यादा आपत्तिजनक लिस्टिंग्स को प्रोएक्टिवली ब्लॉक कर देते हैं।
ग्लोबल स्ट्रैटेजी, लोकल एक्शन
Amazon की CCU दुनिया भर में एक सफल रणनीति अपनाती है। यूनिट ने 200 से ज़्यादा सिविल मुकदमे दायर किए हैं, जिससे $180 मिलियन से ज़्यादा का जुर्माना लगा है और कानून प्रवर्तन एजेंसियों को ऐसे मामले सौंपे गए हैं। भारत में, Indian Cybercrime Coordination Centre (I4C) के साथ साझेदारी ने पिछले एक साल में ₹17.7 करोड़ के जाली ट्रांजैक्शन्स को रोकने में मदद की है।
भारत का ई-कॉमर्स बाज़ार और नई चुनौतियाँ
यह कार्रवाई ऐसे समय में हो रही है जब भारत का ई-कॉमर्स मार्केट 2030 तक $170-$180 बिलियन तक पहुंचने का अनुमान है। वहीं, देश में नकली सामानों का बाजार भारी है, जिसका सालाना मूल्य $58.7 बिलियन है और इससे सरकार को $16.2 बिलियन का टैक्स राजस्व का नुकसान होता है। हालांकि, इस समस्या को पूरी तरह खत्म करना एक बड़ी चुनौती है। शातिर जालसाज अब जेनरेटिव AI का इस्तेमाल कर रहे हैं, जो एक नया और लगातार विकसित होने वाला खतरा है। ऐसे में AI सिस्टम की लागत और संभावित गलतियों से भी निपटना होगा।
Amazon का दीर्घकालिक निवेश
Amazon का यह कदम भारत के ई-कॉमर्स सेक्टर में भरोसा कायम करने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कंपनी 2030 तक भारत में $35 बिलियन का निवेश करने की योजना बना रही है, जो इस क्षेत्र के प्रति उसकी गहरी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
