भारत का AI पावरहाउस बनना
OpenAI के CEO Sam Altman ने भारत को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में सिर्फ एक उपभोक्ता नहीं, बल्कि भविष्य का निर्माता बताया है। उन्होंने भारत की AI को अपनाने की क्षमता, यहां की बेहतरीन तकनीकी प्रतिभा और AI को बड़े पैमाने पर लागू करने की राष्ट्रीय रणनीति की सराहना की। 'इंडिया-AI मिशन' जैसी पहलों से कंप्यूटिंग क्षमता बढ़ाने, AI स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने और स्वास्थ्य व कृषि जैसे क्षेत्रों में AI के इस्तेमाल को तेज करने का लक्ष्य है, ताकि करोड़ों लोगों को इसका फायदा मिल सके।
Altman का यह आकलन भारत के AI टूल्स को तेजी से अपनाने पर आधारित है। उन्होंने बताया कि भारत में 10 करोड़ (100 मिलियन) साप्ताहिक AI यूजर्स हैं, जो अमेरिका के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा बेस है। साथ ही, ChatGPT के इस्तेमाल में भारतीय छात्र दुनिया में सबसे आगे हैं और OpenAI के रिसर्च टूल्स का इस्तेमाल करने वालों में भी भारत टॉप पर है। यह व्यापक जुड़ाव AI इनोवेशन और एप्लीकेशन डेवलपमेंट के लिए एक उपजाऊ जमीन तैयार करता है।
ग्लोबल AI जंग में भारत का बढ़ता दखल
Altman की भारत यात्रा और उनके बयानों का समय भी काफी अहम है, क्योंकि इसी दौरान 'इंडिया AI इम्पैक्ट समिट' में Google, Microsoft, Nvidia और Anthropic जैसी दिग्गजों की AI लीडर्स भारत में जुटीं। यह जमावड़ा ग्लोबल AI सेक्टर में बढ़ती प्रतिस्पर्धा को दिखाता है, जहां Alphabet और Microsoft जैसी कंपनियां AI डेवलपमेंट पर खरबों डॉलर का निवेश कर रही हैं। OpenAI खुद एक अहम खिलाड़ी है, जिसकी वैल्यूएशन तकनीकी प्रगति और वेंचर फंडिंग से प्रभावित होती है। भारत का विशाल आकार, बढ़ता डेवलपर इकोसिस्टम और सरकारी समर्थन, AI कंपनियों के लिए रिसर्च को रेवेन्यू में बदलने और AI में अपना दबदबा बनाने का एक महत्वपूर्ण केंद्र बन गया है। अनुमान है कि भारत का AI मार्केट 2032 तक $130.63 अरब (USD 130.63 billion) तक पहुंच जाएगा।
भारत के AI सफर की चुनौतियां
इतने आशावादी दृष्टिकोण के बावजूद, भारत के पूरी तरह से AI लीडर बनने के रास्ते में कुछ बड़ी बाधाएं हैं। सबसे बड़ी चिंता कुशल AI पेशेवरों की भारी कमी है, जो एडवांस्ड AI तकनीकों को प्रभावी ढंग से लागू करने में रुकावट पैदा कर रही है। इसके अलावा, डेटा प्राइवेसी और सुरक्षा भी महत्वपूर्ण मुद्दे हैं, खासकर जब AI को फाइनेंस और हेल्थकेयर जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में एकीकृत किया जा रहा है। सरकारी नियमों का ढांचा अभी भी विकसित हो रहा है, जो स्टार्टअप्स और डेवलपर्स के लिए कुछ अनिश्चितता पैदा कर सकता है। हालांकि 'इंडिया-AI मिशन' कंप्यूटिंग क्षमता बढ़ाने का लक्ष्य रखता है, लेकिन कुछ क्षेत्रों में इंफ्रास्ट्रक्चर की सीमाएं व्यापक AI इंटीग्रेशन को धीमा कर सकती हैं।
आगे का रास्ता: भारत की AI रणनीति
Altman की तारीफ और वैश्विक AI लीडर्स का भारत में जमावड़ा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में देश के तेजी से बढ़ते प्रभाव को रेखांकित करता है। 'इंडिया-AI मिशन' जैसी सरकारी रणनीतियों का उद्देश्य कंप्यूटिंग पावर तक पहुंच को लोकतांत्रिक बनाना और घरेलू AI क्षमताओं को बढ़ावा देना है। यदि इंफ्रास्ट्रक्चर और कौशल-आधारित चुनौतियों का व्यवस्थित रूप से समाधान किया जाता है, तो भारत AI चिप्स से लेकर एप्लीकेशंस तक, पूरे AI स्टैक में इनोवेशन करके AI के भविष्य को आकार देने में एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी बनने की ओर अग्रसर है।
