AI खर्च के लिए Alphabet की बड़ी रणनीति
Alphabet का यह कदम अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपनी फंडिग के स्रोतों को और बढ़ाने का एक प्रयास है। कंपनी तीन से 40 साल तक की मैच्योरिटी वाले आठ ट्रेंच (tranches) में येन बॉन्ड पेश कर रही है। यह पिछले हफ्ते कैनेडियन डॉलर में अपने डेब्यू के बाद, इस साल Alphabet के बॉन्ड ऑफरिंग के लिए चौथी नई करेंसी बन गई है। इस डील की प्राइसिंग इसी हफ्ते होने की उम्मीद है।
AI पर भारी-भरकम कैपिटल एक्सपेंडिचर
AI को लेकर Alphabet का जोश साफ दिख रहा है। कंपनी ने 2026 के लिए अपने कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capital Expenditure) के अनुमान को बढ़ाकर 180 अरब से 190 अरब डॉलर कर दिया है। यह बड़ा इन्वेस्टमेंट डेटा सेंटर, सर्वर और नेटवर्किंग गियर बनाने के लिए है, जो AI के विकास और डिप्लॉयमेंट के लिए ज़रूरी हैं। 2026 की पहली तिमाही में ही कैपिटल एक्सपेंडिचर 35.7 अरब डॉलर तक पहुँच गया, जो पिछले साल की तुलना में दोगुना से भी ज़्यादा है। कंपनी का मानना है कि 2027 में भी यह खर्च 2026 के स्तर से काफी ज़्यादा रहेगा।
यह खर्च सीधे तौर पर Alphabet की AI पहलों को बढ़ावा दे रहा है, जिससे Google Cloud को काफी फायदा हो रहा है। Google Cloud ने 2026 की पहली तिमाही में 20.0 अरब डॉलर का रेवेन्यू दर्ज किया, जिसमें 63% की वृद्धि हुई। इसका बैकलॉग 460 अरब डॉलर से ज़्यादा है।
टेक दिग्गज बढ़ा रहे AI पर खर्च, Alphabet का कर्ज़ भी बढ़ा
Alphabet का यह येन बॉन्ड इश्यू टेक जगत में एक बड़ी ट्रेंड का हिस्सा है। Amazon.com Inc. जैसी कंपनियाँ भी फंडिग में विविधता ला रही हैं, जिन्होंने हाल ही में स्विस फ्रैंक में 3.6 अरब डॉलर जुटाए थे। 2026 तक, Amazon, Microsoft और Alphabet जैसी बड़ी टेक कंपनियाँ मिलकर लगभग 725 अरब डॉलर के कैपिटल एक्सपेंडिचर का अनुमान लगा रही हैं। इस भारी-भरकम खर्च ने Alphabet के कर्ज़ को भी काफी बढ़ा दिया है। 2026 की पहली तिमाही तक, लॉन्ग-टर्म डेट 77.5 अरब डॉलर तक पहुँच गया था, और कुल डेट 95.9 अरब डॉलर के करीब है। यह पिछले समय से एक बड़ी बढ़ोतरी है। Alphabet ने पहली तिमाही में 31.1 अरब डॉलर के नए सीनियर अनसिक्योर्ड नोट्स (senior unsecured notes) भी जारी किए थे।
AI खर्च, कर्ज़ और वैल्यूएशन पर चिंताएं
जहाँ एक ओर Alphabet का AI इन्वेस्टमेंट शानदार रेवेन्यू ग्रोथ दिखा रहा है, वहीं दूसरी ओर भारी कैपिटल एक्सपेंडिचर कंपनी की फाइनेंशियल फ्लेक्सिबिलिटी पर दबाव डाल रहा है। 2026 की पहली तिमाही में फ्री कैश फ्लो 46.63% गिरकर 10.12 अरब डॉलर रह गया, जिसके चलते कंपनी को शेयर बायबैक (Share Buyback) भी रोकने पड़े। Alphabet के पास 2026 की पहली तिमाही के अंत तक 126 अरब डॉलर से ज़्यादा कैश और इक्विवैलेंट (cash and equivalents) हैं, लेकिन आक्रामक खर्च और कर्ज़ पर बढ़ती निर्भरता लंबी अवधि की स्थिरता और वैल्यूएशन को लेकर सवाल खड़े कर रही है। स्टॉक का 12-महीने का P/E रेश्यो करीब 29.50 है, जो ऐतिहासिक औसत और कुछ प्रतिस्पर्धियों की तुलना में ज़्यादा है। निवेशक AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी निर्भरता के बदले भविष्य की ग्रोथ के लिए बड़ी कीमत चुका रहे हैं। येन की कमजोरी भी एक जोखिम है, जिससे येन-डिनॉमिनेटेड डेट की लागत समय के साथ बढ़ सकती है।
एनालिस्ट्स की राय मिली-जुली
हालांकि, वैल्यूएशन को लेकर चिंताएं हैं, फिर भी ज़्यादातर एनालिस्ट्स 'मजबूत खरीद' (Strong Buy) की रेटिंग और 407.23 से 408.49 डॉलर के मीन प्राइस टारगेट के साथ आशावादी बने हुए हैं। Mizuho और JP Morgan जैसे कुछ एनालिस्ट्स ने 460 डॉलर तक के हाई टारगेट भी सेट किए हैं। वहीं, कुछ आलोचकों का मानना है कि स्टॉक मौजूदा रिकॉर्ड कीमतों पर ओवरवैल्यूड है और 'होल्ड' (Hold) रेटिंग की सलाह देते हैं। Alphabet का भविष्य इस बात पर निर्भर करेगा कि वह अपने विशाल इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च को लगातार, प्रॉफिटेबल ग्रोथ में कैसे बदल पाती है, खासकर Google Cloud के भीतर।
