Allied Digital: रिकॉर्ड रेवेन्यू, पर ऑडिट की वजहों से शेयर पर दबाव?

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AuthorAditya Rao|Published at:
Allied Digital: रिकॉर्ड रेवेन्यू, पर ऑडिट की वजहों से शेयर पर दबाव?
Overview

Allied Digital Services ने इस तिमाही (Q3 FY26) में इतिहास रच दिया है! कंपनी ने **₹247 करोड़** का अब तक का सबसे बड़ा तिमाही रेवेन्यू दर्ज किया है, जो पिछले साल की तुलना में **12%** ज्यादा है। यह शानदार ग्रोथ मुख्य रूप से कंपनी के इंटरनेशनल ऑपरेशंस की वजह से आई है। हालांकि, कुछ पुरानी ऑडिट संबंधी चिंताएं अभी भी बनी हुई हैं।

तिमाही नतीजों का पूरा लेखा-जोखा

Allied Digital Services Limited ने फाइनेंशियल ईयर 2026 की तीसरी तिमाही (Q3 FY26) में अपने अब तक के सबसे बेहतरीन तिमाही रेवेन्यू ₹247 करोड़ का आंकड़ा पार कर लिया है। यह पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 12% की जोरदार बढ़ोतरी दिखाता है। वहीं, 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हुई नौ महीनों की अवधि में कंपनी का रेवेन्यू ₹700 करोड़ रहा, जो पिछले साल से 16% अधिक है।

कंपनी के EBITDA में भी 11% की अच्छी बढ़त देखी गई और यह ₹26 करोड़ पर पहुंच गया, जिससे लगभग 10.5% का मार्जिन मिला। Profit Before Tax (PBT) 13% बढ़कर ₹22 करोड़ हो गया।

हालांकि, रिपोर्ट किए गए Profit After Tax (PAT) ₹14 करोड़ पर रहा, जिस पर कुछ एकमुश्त खर्चों (exceptional items) का असर पड़ा। इसमें न्यू लेबर कोड्स के लिए ₹1.3 करोड़ और पिछले वर्षों के टैक्स के लिए ₹4.8 करोड़ का प्रोविजन शामिल था, कुल मिलाकर लगभग ₹6.1 करोड़ का असर रहा। इन एकमुश्त खर्चों को हटा दें तो एडजस्टेड PAT करीब ₹20 करोड़ के आसपास रहता है।

इंटरनेशनल ग्रोथ ने भरी उड़ान

भौगोलिक दृष्टि से देखें तो, कंपनी के इंटरनेशनल ऑपरेशंस में 26% की जबरदस्त वृद्धि हुई है। अमेरिका में नेटवर्क आधुनिकीकरण, डिजिटल वर्कप्लेस और साइबर सुरक्षा पर फोकस इसका मुख्य कारण रहा। वहीं, भारत में कंपनी के ऑपरेशंस में 5% की गिरावट दर्ज की गई। कंपनी का कहना है कि यह प्रमुख प्रोजेक्ट माइलस्टोन की अनुपस्थिति के कारण हुआ है, और अगले तिमाही में इसमें फिर से तेजी आने की उम्मीद है।

सेगमेंट की बात करें तो, सर्विसेज रेवेन्यू में 16% की वृद्धि हुई, जबकि सॉल्यूशंस रेवेन्यू लगभग स्थिर रहा। नॉन-गवर्नमेंट कस्टमर सेगमेंट से होने वाली आमदनी भी सरकारी सेगमेंट की तुलना में 13% की अच्छी ग्रोथ के साथ 12% की ग्रोथ वाले सरकारी सेगमेंट से आगे निकल गई।

चिंताएं और भविष्य की राह

निवेशकों के लिए सबसे बड़ी चिंता इन्वेंटरी, रिसीवेबल्स (प्राप्य) और अनबिल्ड रेवेन्यू से जुड़े ऑडिट क्वालिफिकेशन्स (ऑडिट आपत्तियां) बनी हुई हैं। कंपनी ने मार्च 2026 तक इन मुद्दों को हल करने का वादा किया है। इसके साथ ही, अमेरिका स्थित सब्सिडियरी का लोन-टू-इक्विटी कन्वर्जन के जरिए कंसॉलिडेशन (एकत्रीकरण) भी उसी तारीख तक पूरा होना है, ताकि ऑडिट आपत्तियों को दूर किया जा सके।

मैनेजमेंट डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, AI और डेटा सेंटर्स में सरकारी पहलों का लाभ उठाने को लेकर आश्वस्त है। हालांकि, निवेशकों का विश्वास बनाए रखने के लिए इन ऑडिट चिंताओं का सफल समाधान महत्वपूर्ण है।

आगे देखते हुए, Allied Digital ने फाइनेंशियल ईयर 2027 (FY27) के लिए मध्य-किशोर (mid-teens) राजस्व वृद्धि का अनुमान लगाया है। अगर बड़े कॉन्ट्रैक्ट्स हासिल होते हैं, तो यह मध्य-बीस (mid-20s) तक भी पहुंच सकता है। कंपनी मार्जिन में सुधार का लक्ष्य भी रखती है, अगले 3-4 तिमाहियों में 11-12% और अगले 2-3 सालों में मध्य-किशोर मार्जिन हासिल करने की योजना है। AI-सक्षम इंफ्रास्ट्रक्चर सर्विसेज, स्मार्ट सिटीज, टेक्नोलॉजी मैनेजमेंट और डेटा सेंटर सॉल्यूशंस को कंपनी के प्रमुख ग्रोथ ड्राइवर्स के रूप में पहचाना गया है। तीसरी तिमाही में ऑर्डर फ्लो ₹250 करोड़ से अधिक रहा, जो एक मजबूत पाइपलाइन का संकेत देता है।

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