नियमों के तहत हिस्सेदारी बिक्री की मजबूरी
SEBI की न्यूनतम सार्वजनिक शेयरधारिता (MPS) के नियम कहते हैं कि लिस्टेड कंपनियों में पब्लिक की हिस्सेदारी कम से कम 25% होनी चाहिए। Aditya Infotech (AIL) के प्रमोटर्स की अभी करीब 76.74% हिस्सेदारी है, जिसे उन्हें कम करना होगा। इसी अनुपालन (compliance) के लिए, AIL के प्रमोटर्स, जिनमें Hari Khemka Business Family Trust और Rishi Khemka शामिल हैं, और Dixon Technologies मिलकर कंपनी के 5.8% शेयर बेचेंगे। इस ब्लॉक डील का अनुमानित मूल्य लगभग ₹1,000 करोड़ है। यह डील 25 फरवरी 2026 से 5 मार्च 2026 के बीच होगी, और शेयर को मौजूदा बाजार भाव से थोड़ा कम (slight discount) पर बेचा जाएगा ताकि यह आसानी से बिक जाए। इसका मुख्य मकसद कंपनी में पब्लिक की हिस्सेदारी बढ़ाना और कॉरपोरेट गवर्नेंस के मानकों को पूरा करना है।
डील की बारीकियां और बाजार पर असर
इस ब्लॉक डील में Hari Khemka Business Family Trust और Rishi Khemka के साथ-साथ Dixon Technologies भी अपने शेयर बेच रहे हैं। मार्केट इस बात पर बारीकी से नजर रखेगा कि इतने बड़े ब्लॉक की बिक्री को बाजार कैसे सोखेगा, क्योंकि इससे AIL के शेयर की कीमत पर थोड़ा दबाव आ सकता है। AIL की मार्केट कैप अभी ₹17,600 करोड़ से ₹18,700 करोड़ के बीच है। इसका पी/ई (P/E) रेशियो 79.7 से 129.7 तक है, जो बताता है कि स्टॉक प्रीमियम वैल्यूएशन पर ट्रेड कर रहा है। वहीं, Dixon Technologies, जिसकी मार्केट कैप ₹63,000-₹67,000 करोड़ के आसपास है, का पी/ई रेशियो 35.95 से 70.05 के बीच है। Dixon Technologies का इस बिक्री में शामिल होना कई सवाल खड़े करता है, कि क्या यह सिर्फ AIL की मदद के लिए है या इसके पीछे कोई और रणनीति है।
वैल्यूएशन और सेक्टर का विश्लेषण
पिछले साल के मुकाबले Aditya Infotech के शेयर में लगभग 39% की बढ़त देखी गई है। हालांकि, यह बड़ी हिस्सेदारी की बिक्री आने वाले समय में शेयर पर थोड़ा दबाव डाल सकती है। एक्सपर्ट्स का AIL पर भरोसा बना हुआ है, और उन्होंने इसे "Strong Buy" रेटिंग दी है। उनका औसत 12 महीने का टारगेट प्राइस करीब ₹1,910.33 है, जो अभी के भाव से 27% से ज्यादा की बढ़त का संकेत देता है। लेकिन, तत्काल ब्लॉक डील से कीमत पर असर पड़ सकता है। भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज (EMS) सेक्टर में Dixon Technologies जैसी कंपनियां 'मेक इन इंडिया' और PLI स्कीमों के चलते तेजी से आगे बढ़ रही हैं। AIL, जो अपने 'CP PLUS' ब्रांड के लिए जानी जाती है, वह भी नए प्रोडक्ट्स और मैन्युफैक्चरिंग में निवेश कर रही है। इस सेक्टर को सरकारी पहलों और डोमेस्टिक डिमांड का फायदा मिल रहा है, पर कॉम्पिटिशन भी बढ़ रहा है। Dixon Technologies के शेयर में हाल ही में थोड़ा उतार-चढ़ाव देखा गया है, जो ₹10,385 से ₹11,179 के बीच रहा है, और पिछले 1 साल में इसमें -25.36% की गिरावट आई थी। AIL की बिक्री पर मार्केट की प्रतिक्रिया सेक्टर के सेंटिमेंट पर भी निर्भर करेगी।
संभावित जोखिम (Bear Case)
हालांकि नियमों का पालन करना मुख्य वजह बताई जा रही है, पर प्रमोटर्स और Dixon Technologies जैसे बड़े प्लेयर का इतनी बड़ी हिस्सेदारी बेचना कुछ सवाल खड़े करता है। बाजार भाव से थोड़ा कम कीमत पर बेचने का प्रस्ताव दिखाता है कि प्रमोटर्स डील को सफल बनाना चाहते हैं। Aditya Infotech का ऊंचा और बदलता हुआ पी/ई (P/E) रेशियो एक जोखिम है। अगर कंपनी की कमाई (earnings) इस वैल्यूएशन के हिसाब से नहीं बढ़ी, तो शेयर पर दबाव आ सकता है, खासकर जब ब्लॉक डील से सप्लाई बढ़ेगी। सिक्योरिटी और सर्विलांस मार्केट में कॉम्पिटिशन भी बढ़ रहा है, जहां AI और IoT जैसी नई टेक्नोलॉजी को अपनाने की जरूरत है। अगर कंपनी की कमाई भविष्य में वैल्यूएशन को जस्टिफाई नहीं कर पाई, तो शेयर की कीमत गिर सकती है।
भविष्य की राह
Aditya Infotech के मैनेजमेंट ने क्षमता विस्तार (capacity augmentation) और R&D पर फोकस करने वाली नई सब्सिडियरी खोलने की योजना बताई है। कंपनी ने हाल ही में Q3 FY26 में अच्छी रेवेन्यू और नेट प्रॉफिट ग्रोथ दर्ज की है। एनालिस्ट्स का "Strong Buy" रेटिंग और टारगेट प्राइस बताता है कि वे AIL के भविष्य को लेकर उत्साहित हैं। ब्लॉक डील से फिलहाल थोड़ी अस्थिरता (volatility) आ सकती है, लेकिन यह AIL को भविष्य के लिए बेहतर स्थिति में ला सकती है। Dixon Technologies की भागीदारी पर भी आगे नजर रखी जाएगी।