Adda247 IPO से पहले बड़ा एक्शन! **200+** एम्प्लॉईज़ को निकाला, क्या प्रॉफिट की तैयारी?

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Adda247 IPO से पहले बड़ा एक्शन! **200+** एम्प्लॉईज़ को निकाला, क्या प्रॉफिट की तैयारी?
Overview

एडटेक कंपनी Adda247 ने अपने आने वाले IPO (Initial Public Offering) से पहले बड़े पैमाने पर छंटनी (Layoffs) की है। कंपनी ने अपने करीब **20%** कर्मचारियों, यानी **200 से ज़्यादा** लोगों को नौकरी से निकाला है। यह कदम कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी (Profitability) बढ़ाने और लागत कम करने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

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IPO के लिए लागत में कटौती

Adda247 ने अपने 200 से ज़्यादा एम्प्लॉईज़ (कर्मचारियों) को नौकरी से निकाल दिया है, जो कंपनी के कुल वर्कफोर्स का लगभग 20% है। यह कदम अगले 12 से 18 महीनों में आने वाले IPO (Initial Public Offering) से पहले कंपनी की फाइनेंशियल परफॉरमेंस (Financial Performance) को बेहतर बनाने के लिए उठाया गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2025 में लगभग ₹240 करोड़ का रेवेन्यू (Revenue) दर्ज किया था, लेकिन ₹70 करोड़ का नुकसान (Loss) भी हुआ था। पब्लिक लिस्टिंग से पहले इस नुकसान को कम करने का लक्ष्य है। कंपनी ने इसे 'स्ट्रक्चरल एडजस्टमेंट्स' (Structural Adjustments) करार दिया है, लेकिन यह एडटेक सेक्टर में लागत कम करने और ऑपरेशनल स्ट्रीमलाइनिंग (Operational Streamlining) की व्यापक ट्रेंड का ही हिस्सा है। रेवेन्यू में टेस्ट प्रिपरेशन का हिस्सा 75%, स्किilling का 15% और CUET का 10% है। हाल ही में हिंदी CUET वर्टिकल को बंद करने से भी कुछ छंटनी हुई है।

कर्मचारियों की चिंताएं

कर्मचारियों ने छंटनी को अचानक और चौंकाने वाला बताया है। 30 अप्रैल को गुरुग्राम ऑफिस में हुई मीटिंग्स में कई लोगों को तुरंत इस्तीफा देने के लिए कहा गया। जूनियर स्टाफ को परफॉरमेंस इश्यूज (Performance Issues) का हवाला दिया गया, जबकि सीनियर स्टाफ से कहा गया कि यह रीस्ट्रक्चरिंग (Restructuring) के कारण है। चिंता की बात यह है कि कम से कम 6 निकाले गए कर्मचारियों को अभी तक उनकी फाइनेंशियल सेटलमेंट (Financial Settlement) नहीं मिली है, जिससे कर्मचारी संबंधों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। 2023 के अंत में भी 50-100 फैकल्टी पोजिशन्स पर छंटनी हुई थी, जहां एजुकेटर्स को कॉन्ट्रैक्टुअल रोल्स (Contractual Roles) में शिफ्ट किया गया था। कंपनी का कहना है कि कस्टमर सर्विस और बेहतर डिलीवरी के लिए टीम स्ट्रक्चर का नियमित मूल्यांकन किया जाता है।

एडटेक सेक्टर के संघर्ष

Adda247 भारत के एडटेक सेक्टर (Edtech Sector) में काम करती है, जिसने पेंडेमिक (Pandemic) के बाद भारी मंदी देखी है। इंडियन एडटेक स्टार्टअप्स की फंडिंग 2021 में लगभग $4.7 बिलियन से घटकर 2022 में $2.6 बिलियन और 2023 में सिर्फ $297 मिलियन रह गई। इस फंडिंग क्रंच (Funding Crunch) के कारण 2022 में ही 14,000 से ज़्यादा कर्मचारियों को नौकरी गंवानी पड़ी थी। Byju's जैसी बड़ी कंपनियों ने भारी छंटनी की है और वे फाइनेंशियल मुश्किलों का सामना कर रही हैं। Unacademy और Vedantu भी लागत कम कर रहे हैं और हाइब्रिड मॉडल (Hybrid Models) की ओर बढ़ रहे हैं। यह सेक्टर अब सिर्फ ऑनलाइन ग्रोथ से हटकर सस्टेनेबल 'फिज़िटल' (Physical + Digital) अप्रोचेस की ओर जा रहा है।

निवेशकों का नजरिया

अक्टूबर 2022 में $35 मिलियन जुटाने के बाद $175 मिलियन की वैल्यूएशन पर Adda247 पर पब्लिक मार्केट इन्वेस्टर्स (Public Market Investors) के सामने एक दमदार फाइनेंशियल केस पेश करने का दबाव है। FY25 के ₹240 करोड़ रेवेन्यू और ₹70 करोड़ के लॉस को देखते हुए, कंपनी को प्रॉफिटेबिलिटी (Profitability) का स्पष्ट रास्ता दिखाना होगा। कंपनी AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) का इस्तेमाल करके पर-स्टूडेंट इंस्ट्रक्शनल कॉस्ट (Per-student instructional costs) को लगभग 35% कम करने और कोर्स कंप्लीशन रेट्स (Course completion rates) को बेहतर बनाने का लक्ष्य रख रही है।

मुख्य जोखिम

छंटनी की अचानक प्रकृति और सेटलमेंट भुगतान के मुद्दे कर्मचारियों का मनोबल गिरा सकते हैं और कंपनी की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा सकते हैं। बार-बार होने वाली छंटनी से पता चलता है कि वर्कफोर्स मैनेजमेंट (Workforce Management) में स्ट्रक्चरल चैलेंजेज (Structural Challenges) बनी हुई हैं। कंपनी का लक्ष्य FY27 तक प्रॉफिटेबल बनना है, लेकिन FY25 में ₹243.39 करोड़ के रेवेन्यू के साथ ₹101 करोड़ का लॉस (जो पहले से कम हुआ) यह दर्शाता है कि प्रॉफिटेबिलिटी हासिल करना अभी भी एक चुनौती है। Physics Wallah जैसी कंपनियों से कड़ी प्रतिस्पर्धा है, और Adda247 को अपने मुख्य सरकारी टेस्ट-प्रिपरेशन सेगमेंट से आगे बढ़कर स्केलेबिलिटी (Scalability) साबित करनी होगी।

IPO की राह

CEO अनिल नागर (Anil Nagar) ने 12-18 महीनों में IPO लाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। उनका फोकस प्रॉफिटेबिलिटी हासिल करना और मुख्य टेस्ट प्रिपरेशन बिजनेस को मज़बूत करना है। कंपनी स्किilling में भी डायवर्सिफाई कर रही है और एक्वीजीशन (Acquisitions) पर भी विचार कर रही है। पब्लिक मार्केट्स के लिए एक मज़बूत ऑर्गनाइजेशन स्ट्रक्चर (Organization Structure) बनाना, AI इंटीग्रेशन और हाइब्रिड लर्निंग मॉडल्स (Hybrid Learning Models) पर फोकस करना इस राह का अहम हिस्सा है। रेवेन्यू ग्रोथ के बावजूद, सस्टेनेबल प्रॉफिटेबिलिटी (Sustainable Profitability) ही IPO के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.