ऊर्जा और इंफ्रास्ट्रक्चर का बड़ा दांव
Adani Group के डायरेक्टर जीत अडानी ने इस मौके पर कहा कि भारत के पास एआई इंफ्रास्ट्रक्चर और एनर्जी के क्षेत्र में बड़ा स्ट्रक्चरल एडवांटेज है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह $15 अरब की पहल भारत की ऊर्जा क्षमताओं और एग्जीक्यूशन स्ट्रेंथ का लाभ उठाकर देश को ग्लोबल एआई रेस में लीडर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस प्रोजेक्ट के तहत 1 गीगावाट की एआई कैपेसिटी विकसित की जाएगी, जिसमें जरूरी डेटा सेंटर और कनेक्टिविटी का निर्माण शामिल है।
विशाखापत्तनम बनेगा नया डिजिटल हब
खास बात यह है कि पारंपरिक रूप से मुंबई और चेन्नई जैसे शहरों में केंद्रित भारत के डिजिटल गेटवे अब विशाखापत्तनम की ओर शिफ्ट हो रहे हैं। शहर में सबमरीन केबल लैंडिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास एक नए डिजिटल गेटवे का निर्माण कर रहा है, जो इसे ग्लोबल डेटा फ्लो के करीब लाएगा। यह भारत के बढ़ते डिजिटल फुटप्रिंट के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
अडानी ग्रुप का विजन
इस पूरे बदलाव में Adani Group एक अहम भूमिका निभा रहा है। ग्रुप ने भारत की एआई ग्रोथ के लिए 100 बिलियन डॉलर का बड़ा निवेश करने का संकल्प लिया है। यह प्लेटफॉर्म एनर्जी जनरेशन, ट्रांसमिशन, डिजिटल नेटवर्क और डेटा सेंटर जैसे क्षेत्रों को कवर करेगा। इसे ग्रीन और भरोसेमंद एनर्जी पर चलाया जाएगा, और इसे बड़े स्केल, स्पीड और रेजिलिएंस के साथ डिजाइन किया गया है। इसका लक्ष्य व्यापक एआई इकोसिस्टम को सक्षम बनाना और ग्लोबल एआई रेस में भारत की स्थिति को मजबूत करना है।
