'टूटे हुए' दुनिया के लिए भारत की नींव
CII Business Summit में बोलते हुए, गौतम अडानी ने कहा कि दुनिया अब 'फ्लैट' से 'फ्रैक्चर्ड' यानी टूटी हुई हो रही है। ऐसे में, भारत को महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर में अपनी संप्रभु क्षमताएं (sovereign capabilities) बनानी होंगी। उनका मानना है कि एनर्जी और डिजिटल सुरक्षा ही 'राष्ट्रीय शक्ति की जुड़वां नींव' हैं।
$200 बिलियन काmega-investment
इस विजन को साकार करने के लिए, Adani Group ने दो प्रमुख क्षेत्रों में भारी निवेश की घोषणा की है:
- एनर्जी ट्रांज़िशन (Energy Transition): $100 बिलियन (लगभग ₹8.3 लाख करोड़) का निवेश स्वच्छ ऊर्जा और बिजली की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए किया जाएगा। यह भारत के 2047 तक 2,000 गीगावाट (GW) बिजली क्षमता के लक्ष्य का समर्थन करता है।
- डेटा सेंटर (Data Centers): $100 बिलियन (लगभग ₹8.3 लाख करोड़) का निवेश भारत के AI और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करेगा। भारतीय डेटा सेंटर मार्केट के 2034 तक बढ़कर $13.11 बिलियन होने का अनुमान है, जो AI और क्लाउड कंप्यूटिंग की बढ़ती मांग से प्रेरित है। ग्लोबल AI इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च 2035 तक $947 बिलियन से अधिक होने की उम्मीद है।
इस निवेश का मुख्य मकसद यह सुनिश्चित करना है कि भारत AI के क्षेत्र में अपनी निर्भरता कम करे और अपनी कंप्यूटिंग व डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर पर खुद का नियंत्रण रखे।
प्रतिस्पर्धा और चुनौतियां
Adani Group के इस कदम से देश के अन्य बड़े समूह जैसे Reliance Industries (जो AI और डिजिटल इंफ्रा में $110 बिलियन निवेश कर रही है) और Tata Group (जो रिन्यूएबल एनर्जी पर ध्यान दे रही है) से प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी।
हालांकि, Adani Group को कुछ बड़ी चुनौतियों का भी सामना करना पड़ रहा है। ग्रुप पर $26 बिलियन (FY24 के अंत तक) का भारी कर्ज है और Adani Enterprises का डेट-टू-इक्विटी रेशियो 97.2% है। इसके अलावा, Hindenburg Research के आरोपों और अमेरिकी अभियोजकों द्वारा Gautam Adani पर लगाए गए धोखाधड़ी के आरोपों ने निवेशक के भरोसे पर सवाल उठाए हैं। ग्रुप का लक्ष्य 2030 तक कुल कर्ज को ₹1 लाख करोड़ तक सीमित करना है।
भविष्य की राह
भारत सरकार की नीतियों और घरेलू मांग के समर्थन से AI और एनर्जी सेक्टर तेजी से बढ़ रहे हैं। Adani Power (मार्केट कैप ₹3.87 लाख करोड़), Adani Ports (मार्केट कैप ₹3.63 लाख करोड़) और Adani Enterprises (मार्केट कैप ₹2.87 लाख करोड़) जैसी कंपनियां इस विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। Adani और Reliance जैसे समूहों के बड़े निवेश भारत को ग्लोबल AI और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर का एक प्रमुख केंद्र बनाने की ओर ले जा रहे हैं।
