AI इंटीग्रेशन के लिए Acko का बड़ा कदम, 60 कर्मचारियों को हटाया
डिजिटल इंश्योरटेक फर्म Acko ने अपने ऑपरेशंस में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को गहराई से एकीकृत करने की अपनी स्ट्रैटेजी के तहत लगभग 60 कर्मचारियों (कुल स्टाफ का करीब 5%) की छंटनी की है। इस कदम का मुख्य मकसद AI-नेटिव वर्कफ़्लो (AI-native workflows) को अपनाना और ऑटोमेशन (automation) को बढ़ाना है।
रेवेन्यू में जोरदार बढ़त, घाटा कम
यह स्ट्रैटेजिक रीस्ट्रक्चरिंग (strategic restructuring) ऐसे समय में हुई है जब Acko ने शानदार वित्तीय प्रदर्शन किया है। फाइनेंशियल ईयर 2025 (FY25) के लिए, कंपनी का ऑपरेटिंग रेवेन्यू (operating revenue) पिछले साल के ₹2,106 करोड़ से बढ़कर ₹2,836 करोड़ हो गया। वहीं, कंपनी का नेट लॉस (net loss) भी घटकर ₹424 करोड़ रह गया, जो पिछले फाइनेंशियल ईयर में ₹667 करोड़ था।
IPO की तैयारी और लीडरशिप में बदलाव
इस छंटनी को लागत कम करने के बजाय AI-फर्स्ट (AI-first) भविष्य के लिए ज़रूरी स्किल सेट्स को प्राथमिकता देने के रूप में देखा जा रहा है। कंपनी अंडरराइटिंग (underwriting), क्लेम प्रोसेसिंग (claims processing) और कस्टमर एंगेजमेंट (customer engagement) जैसे क्षेत्रों में AI का इस्तेमाल कर ऑटोमेशन बढ़ाने की योजना बना रही है। इस संगठनात्मक बदलाव के साथ, चीफ मार्केटिंग ऑफिसर (CMO) Ashish Mishra ने 5 साल से ज़्यादा समय के बाद कंपनी छोड़ दी है। उनकी जगह लंबे समय से Acko से जुड़े Nitin Khanna लेंगे। Acko 2016 में Varun Dua और Ruchi Deepak द्वारा स्थापित की गई थी और इसे Amazon व Accel जैसे निवेशकों से $450 मिलियन से ज़्यादा का फंड मिल चुका है। कंपनी FY27 तक प्रॉफिटेबल (profitable) बनने का लक्ष्य रखती है और $300-$400 मिलियन के IPO की तैयारी कर रही है।
कॉम्पिटिशन और AI इंटीग्रेशन की चुनौतियां
Acko भारतीय बीमा बाज़ार में Go Digit Insurance और Policybazaar जैसे मंझले खिलाड़ियों को टक्कर दे रही है। Go Digit का मार्केट कैप करीब ₹29,700 करोड़ और PB Fintech (Policybazaar) का मार्केट कैप ₹74,000 करोड़ के आसपास है। Acko की AI-संचालित स्ट्रेटेजी उसे कॉम्पिटिशन में एक अलग पहचान दिलाने में मदद कर सकती है। हालांकि, AI इंटीग्रेशन में टैलेंट को बनाए रखना, बढ़ते खर्च और एल्गोरिथमिक गलतियों जैसे जोखिम भी शामिल हैं, जिन पर कंपनी को ध्यान देना होगा।
