Accenture की धांसू परफॉरमेंस, भारतीय IT को क्यों लग रहा डर?
ग्लोबल IT सर्विसेज कंपनी Accenture ने FY26 की दूसरी तिमाही में उम्मीदों से कहीं बेहतर प्रदर्शन किया है। कंपनी ने $22.1 बिलियन की अब तक की सबसे बड़ी नेट बुकिंग हासिल की है, और रेवेन्यू $18.04 बिलियन रहा, जो कि 4% की लोकल करेंसी ग्रोथ दिखाता है। इस शानदार परफॉरमेंस में 41 ऐसे क्लाइंट्स का बड़ा योगदान रहा जिन्होंने $100 मिलियन से ज्यादा का कॉन्ट्रैक्ट साइन किया। कंपनी ने अपने पूरे साल के रेवेन्यू ग्रोथ का अनुमान भी 3-5% तक बढ़ा दिया है।
इसके बावजूद, जो एनालिस्ट भारतीय IT सेक्टर पर नजर रखते हैं, वे अभी भी थोड़ी अनिश्चितता देख रहे हैं। बाजार में ग्लोबल इकोनॉमिक प्रेशर और ईरान जैसे देशों के बीच चल रहे जिओ-पॉलिटिकल तनाव का असर भी दिख रहा है। ऐसे में, भारतीय IT कंपनियों के शेयरों में नियर-टर्म में बड़ी तेजी की उम्मीद कम है।
AI: प्रोडक्टिविटी बढ़ाएगा या डिमांड?
Accenture का कहना है कि AI पर काम तेजी से आगे बढ़ रहा है और क्लाइंट्स सिर्फ प्रूफ-ऑफ-कॉन्सेप्ट (POC) से आगे बढ़कर प्रोडक्शन लेवल पर AI को अपना रहे हैं, खासकर क्लाउड सिक्योरिटी और डेटा मॉडर्नाइजेशन में। लेकिन एनालिस्ट्स की मानें तो, AI को इस तरह से अपनाना अभी भारतीय IT सर्विसेज फर्म्स के लिए वैसी बड़ी डिमांड पैदा नहीं कर रहा है, जैसी उम्मीद थी।
विशेषज्ञों का मानना है कि AI से प्रोडक्टिविटी में जो बढ़त होगी, वह भारतीय IT कंपनियों के लिए दबाव बना सकती है। अगर जनरेटिव AI के असर को लेकर चिंताएं बनी रहीं, तो कंपनियों के वैल्यूएशन में बड़ी बढ़ोतरी की उम्मीद कम है। Accenture जैसे ग्लोबल लीडर्स AI का इस्तेमाल करके मार्केट शेयर बढ़ा रहे हैं, लेकिन भारतीय IT फर्म्स के लिए इसका सीधा मतलब अभी बड़ा बूस्ट नहीं है।
वैल्यूएशन पर ग्लोबल प्रेशर
भारतीय IT सेक्टर, जिसे Nifty IT Index ट्रैक करता है, पहले ही 25% तक गिर चुका है और Nifty 50 इंडेक्स से काफी पीछे चल रहा है। हालिया तेजी के बावजूद, सेंटीमेंट अभी भी सतर्क है। प्रमुख भारतीय IT कंपनियों के मौजूदा P/E रेशियो में भी बड़ा अंतर दिख रहा है: Infosys (लगभग 17-19x), TCS (लगभग 18-19x), Wipro (लगभग 15-21x), HCL Technologies (लगभग 18-22x), Tech Mahindra (लगभग 25-30x), और LTIMindtree (लगभग 26-37x)।
इन वैल्यूएशन्स पर ग्लोबल इकोनॉमिक दबाव और जिओ-पॉलिटिकल अस्थिरता का असर है। हालांकि, 2026 में ग्लोबल IT स्पेंडिंग में 9% से 10.8% की ग्रोथ का अनुमान है, जो $6.15 ट्रिलियन तक पहुंच सकती है, यह ग्रोथ मुख्य रूप से AI इंफ्रास्ट्रक्चर और क्लाउड सर्विसेज पर केंद्रित है। ईरान जैसे संघर्षों से एनर्जी कॉस्ट और इन्फ्लेशन बढ़ सकता है, जिससे कंपनियों के IT बजट कम हो सकते हैं। इसके अलावा, हीलियम जैसे जरूरी मटेरियल की सप्लाई चेन समस्याएँ सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग को प्रभावित कर सकती हैं, जो AI हार्डवेयर के लिए अहम हैं।
AI प्रोडक्टिविटी ट्रैप और मैक्रो रिस्क
भारतीय IT कंपनियों के लिए एक बड़ी चिंता 'AI प्रोडक्टिविटी ट्रैप' की है। AI से एफिशिएंसी तो बढ़ेगी, लेकिन क्लाइंट्स इस बढ़त का इस्तेमाल कम दाम मांगने या काम खुद करने में कर सकते हैं, जिससे सर्विस प्रोवाइडर्स के मार्जिन पर असर पड़ेगा। AI क्षमताओं को बनाने और इंटीग्रेट करने के लिए IT कंपनियों को बड़ा इन्वेस्टमेंट भी करना होगा, और क्लाइंट्स के खर्च को लेकर अनिश्चितता एक बड़ा रिस्क है।
Accenture का बढ़ाया हुआ गाइडेंस यह भी बताता है कि जिओ-पॉलिटिकल रिस्क के बिगड़ने पर प्रोजेक्ट्स में देरी और IT बजट में कटौती हो सकती है। Accenture और अन्य ग्लोबल प्लेयर्स की तरह, भारतीय IT कंपनियों को भी अपने सर्विस मॉडल्स को बदलना होगा। इससे प्रति कर्मचारी रेवेन्यू पर असर पड़ सकता है और पारंपरिक डिलीवरी इकोनॉमिक्स बदल सकती है। यह दौर सिर्फ डिमांड रिकवरी का नहीं, बल्कि टेक्नोलॉजी के ऐसे इवोल्यूशन का है जहाँ एफिशिएंसी बढ़ने से रेवेन्यू ग्रोथ पर उल्टा असर भी पड़ सकता है।
भविष्य का रास्ता: सेलेक्टिविटी जरूरी
एनालिस्ट्स भारतीय IT सेक्टर में सेलेक्टिव (चुनिंदा) इन्वेस्टमेंट की सलाह दे रहे हैं। उन कंपनियों को प्राथमिकता दी जा रही है जिनके पास मजबूत डील विजिबिलिटी है, एग्जीक्यूशन का अच्छा ट्रैक रिकॉर्ड है और जो बड़े डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन प्रोग्राम्स में शामिल हैं। Nomura ने Infosys और Cognizant पर 'Buy' रेटिंग दी है, जबकि Emkay Global Infosys, LTIMindtree, TCS, HCL Technologies, Tech Mahindra, और Wipro को पसंद कर रहा है। 2026 के IT खर्च के अनुमान बताते हैं कि ग्रोथ सिक्योरिटी, AI और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे जरूरी इन्वेस्टमेंट्स से आएगी। इस माहौल में, उन कंपनियों को फोकस में रखना होगा जो इन कोर टेक्नोलॉजी इन्वेस्टमेंट्स का फायदा उठा सकें और साथ ही मैक्रो और AI-ड्रिवेन स्ट्रक्चरल बदलावों से निपट सकें।
