AI के दम पर Accenture की रिकॉर्ड बुकिंग
Accenture ने 28 फरवरी, 2026 को समाप्त हुई दूसरी फिस्कल तिमाही में शानदार प्रदर्शन करते हुए रिकॉर्ड $22.1 बिलियन की नई बुकिंग हासिल की है। यह पिछले साल की तुलना में 6% की वृद्धि है, जो $100 मिलियन से ऊपर के 41 बड़े डील्स (Deals) से प्रेरित है। इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू (Revenue) $18.0 बिलियन रहा, जो कंपनी के अपने गाइडेंस (Guidance) के ऊपरी सिरे पर था। इसके अलावा, Accenture ने 13.8% का ऑपरेटिंग मार्जिन (Operating Margin) और $3.7 बिलियन का फ्री कैश फ्लो (Free Cash Flow) भी दर्ज किया। CEO जूली स्वीट ने कहा कि AI इनिशिएटिव (Initiatives) मार्केट शेयर हासिल करने में बड़ी मदद कर रहे हैं। इसी के चलते, Accenture ने पूरे साल के लिए अपने रेवेन्यू ग्रोथ फोरकास्ट (Forecast) को बढ़ाकर 3% से 5% (लोकल करेंसी में) कर दिया है।
AI लीडरशिप ने बढ़ाई कॉम्पिटिटिव एज
Artificial Intelligence (AI) में Accenture के बड़े निवेश कंपनी को अपने कई प्रतिद्वंद्वियों से आगे निकलने और मार्केट शेयर बढ़ाने में मदद कर रहे हैं। यह खास तौर पर मैनेज्ड सर्विसेज (Managed Services) जैसे अहम क्षेत्रों में दिख रहा है, जहां भारतीय आईटी फर्म्स जैसे TCS, Infosys, Wipro और HCLTech के साथ कड़ी टक्कर है। एनालिस्ट्स का अनुमान है कि 2026 में ग्लोबल आईटी स्पेंडिंग (IT Spending) $6 ट्रिलियन के पार निकल जाएगी, जिसमें AI इंफ्रास्ट्रक्चर (Infrastructure) ग्रोथ का मुख्य जरिया होगा। रिसर्च फर्म Gartner के मुताबिक, 2026 में AI स्पेंडिंग 44% बढ़कर $2.52 ट्रिलियन तक पहुंच सकती है, क्योंकि कंपनियां AI को बड़े पैमाने पर लागू करने की ओर बढ़ रही हैं। Accenture का P/E रेश्यो (Price-to-Earnings Ratio) फिलहाल 16.2x-16.6x के आसपास है। इसकी तुलना में, भारतीय आईटी दिग्गजों के वैल्यूएशन (Valuation) अलग-अलग हैं: Cognizant लगभग 13.4x-13.6x पर, Infosys और Wipro लगभग 16.8x-18.2x और 14.8x-15.2x पर, जबकि HCLTech 21.5x-22.4x पर कारोबार कर रहा है। Accenture का उच्च वैल्यूएशन उसकी मजबूत AI लीडरशिप और बड़े, वैल्यू-ड्रिवन प्रोजेक्ट्स जीतने की क्षमता को दर्शाता है।
निवेशकों की सतर्कता के बावजूद मजबूत नतीजे
रिकॉर्ड बुकिंग और बेहतर फोरकास्ट के बावजूद, निवेशकों का सेंटिमेंट (Sentiment) ठंडा पड़ गया है, जिसकी वजह से इस साल Accenture के स्टॉक में तेज गिरावट आई है। नतीजों और शेयर के प्रदर्शन के बीच यह अंतर बाजार की चिंताओं को दर्शाता है। कंपनी का अगले क्वार्टर के लिए दिया गया फोरकास्ट एनालिस्ट्स की उम्मीदों से थोड़ा कम रहा, जिसका एक कारण आर्थिक अनिश्चितता के बीच क्लाइंट्स (Clients) का बड़े आईटी प्रोजेक्ट्स को लेकर और अधिक सतर्क होना है। AI डेवलपमेंट और टैलेंट (Talent) पर भारी खर्च भी भविष्य के प्रॉफिट मार्जिन (Profit Margins) को प्रभावित कर सकता है, जो निवेशकों के लिए एक अहम चिंता का विषय है। Accenture Federal Services की U.S. Department of Justice (DOJ) द्वारा चल रही जांच भी एक अनिश्चित जोखिम पेश करती है। बाजार की यह सुस्त प्रतिक्रिया बताती है कि व्यापक आर्थिक दबाव और कंपनियों के वैल्यूएशन पर AI के जटिल प्रभाव निवेशकों के आत्मविश्वास को प्रभावित कर रहे हैं, भले ही Accenture अपनी तकनीकी क्षमताओं को साबित कर रहा हो। Accenture ने FY26 के लिए एक्विजिशन स्पेंडिंग (Acquisition Spending) को $5 बिलियन तक बढ़ाने की योजना बनाई है, जो मजबूत ग्रोथ की महत्वाकांक्षाओं को दर्शाता है, लेकिन बाजार भविष्य के प्रदर्शन के लिए अधिक जोखिम को आंक रहा है।
AI डिमांड पर Accenture ने बढ़ाया आउटलुक
वित्त वर्ष 2026 के लिए, Accenture 3% से 5% की रेवेन्यू ग्रोथ (लोकल करेंसी में) का अनुमान लगा रहा है और उसने अपने फ्री कैश फ्लो की उम्मीद को बढ़ाकर $10.8 बिलियन से $11.5 बिलियन कर दिया है। पार्टनरशिप (Partnership) से होने वाली बुकिंग पिछले साल की तुलना में इस साल दोगुनी से अधिक होने की उम्मीद है। Accenture के पास अब 85,000 से अधिक AI और डेटा प्रोफेशनल्स (Professionals) हैं, जो उसके लक्ष्य से अधिक है। AI, क्लाउड (Cloud) और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन (Digital Transformation) की बढ़ती मांग से आईटी सर्विसेज इंडस्ट्री (Industry) में समग्र रूप से ग्रोथ की उम्मीद है। AI के बदलते आर्थिक प्रभाव के अनुकूल ढलना एक प्रमुख चुनौती होगी, जिसमें परफॉरमेंस-आधारित कॉन्ट्रैक्ट्स (Contracts) की ओर बदलाव और तेजी से हो रहे तकनीकी विकास की लागतों का प्रबंधन शामिल है। भारतीय आईटी फर्म्स अपने आगामी नतीजों में कैसा प्रदर्शन करती हैं, यह देखना महत्वपूर्ण होगा, जिससे यह पता चलेगा कि वे Accenture जैसे दिग्गजों द्वारा संचालित बढ़ती प्रतिस्पर्धा और मार्केट शेयर में बदलाव को कैसे संभालते हैं।
