AI सिर्फ़ एफिशिएंसी नहीं, ग्रोथ का इंजन!
Accenture की CEO, Julie Sweet का कहना है कि AI को अब सिर्फ काम आसान बनाने वाले टूल की तरह नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि यह एंटरप्राइज ग्रोथ का मुख्य इंजन है। यह नए रास्ते खोलता है, खासकर छोटे व्यवसायों के लिए जो पहले ग्लोबल पहुंच बनाने में मुश्किल महसूस करते थे। Accenture की पूरी स्ट्रेटेजी अब अपने क्लाइंट्स को AI अपनाने और इसके ज़रिए आगे बढ़ने में मदद करने पर केंद्रित है।
LLMs: SMEs के लिए 'नए शॉपिंग मॉल'
कंपनी का मानना है कि असली ग्रोथ सिर्फ कॉस्ट कटिंग से नहीं, बल्कि नए रेवेन्यू स्ट्रीम्स (revenue streams) बनाने और बाज़ार में अपनी पैठ बढ़ाने से आएगी। लार्ज लैंग्वेज मॉडल्स (LLMs) को अब सिर्फ़ बेहतर सर्च इंजन नहीं, बल्कि 'नए शॉपिंग मॉल' की तरह देखा जा रहा है। ये ऐसे डिजिटल प्लेटफॉर्म हैं जो दुनिया भर में कस्टमर एंगेजमेंट और ट्रांजेक्शन आसान बना सकते हैं। इससे स्मॉल एंड मीडियम-साइज़्ड एंटरप्राइजेज (SMEs) को वो मौके मिलेंगे जो पहले सिर्फ बड़ी कंपनियों के लिए थे। Accenture अपनी AI-ट्रेन टीम के ज़रिए कंपनियों को इस क्षमता का फायदा उठाने में मदद कर रही है।
AI अपनाने में चुनौतियाँ और बाज़ार की उठापटक
AI को अपनाने का रास्ता आसान नहीं है। खासकर इक्विटी इन्वेस्टर्स (equity investors) को AI के लंबे समय के असर को लेकर थोड़ी चिंता है, खासकर लेबर-इंटेंसिव आउटसोर्सिंग (outsourcing) मॉडल्स पर। Accenture मानती है कि AI को अपनाने में सबसे बड़ी बाधा यही है।
हाल के फाइनेंशियल ईयर 2025 में, Accenture का रेवेन्यू (revenue) $69.7 बिलियन रहा और बुकिंग्स $80 बिलियन के पार गईं। जनरेटिव AI (GenAI) से रेवेन्यू $2.7 बिलियन तक पहुंच गया, जो पिछले साल के मुकाबले तीन गुना है, और GenAI बुकिंग्स $5.9 बिलियन रहीं।
इन शानदार नंबर्स के बावजूद, कंपनी के शेयर में हाल ही में काफी उठापटक देखी गई है। फरवरी 2026 में यह अपने 52-हफ्ते के निचले स्तर $211.06 पर भी पहुंचा। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि IT सर्विसेज सेक्टर का री-वैल्यूएशन (re-evaluation) हो रहा है और AI पारंपरिक आउटसोर्सिंग मॉडल्स को चुनौती दे सकता है। Infosys और TCS जैसी कंपनियां भी AI से अपने रेवेन्यू का करीब 5.5% और 5.8% बता रही हैं।
आशंकाएं: पुराने मॉडल पर खतरा और वैल्यूएशन का सवाल
Accenture AI में लीडर बनने की कोशिश कर रही है, लेकिन कई चुनौतियां हैं। AI से प्रोडक्टिविटी बढ़ेगी, लेकिन इससे बिल होने वाले घंटों पर चलने वाले पारंपरिक IT आउटसोर्सिंग मॉडल पर खतरा भी मंडरा रहा है। इसी वजह से वैल्यूएशन (valuation) पर दबाव है। Accenture अब AI रेवेन्यू के खास आंकड़े नहीं बता रही, क्योंकि AI अब काम का हिस्सा बन गया है।
हालांकि, UBS और Berenberg जैसे एनालिस्ट्स (analysts) ने 'Buy' रेटिंग बरकरार रखते हुए $313-$320 का टारगेट प्राइस दिया है, लेकिन कुछ का मानना है कि दूसरी AI-फोकस्ड कंपनियों में ज़्यादा ग्रोथ की संभावना हो सकती है। कंपनी अपने कर्मचारियों की तरक्की को AI टूल्स के इस्तेमाल से जोड़ रही है, लेकिन इसमें कुछ अंदरूनी दिक्कतें और एग्जीक्यूशन (execution) रिस्क भी हो सकते हैं। पब्लिक सर्विस सेक्टर में Accenture की ग्रोथ थोड़ी कम हुई है, और अगर क्लाइंट्स खर्च कम करते हैं तो भविष्य में मौके सीमित हो सकते हैं।
आगे क्या?
Accenture फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए 2-5% रेवेन्यू ग्रोथ और $13.52 से $13.90 के बीच एडजस्टेड EPS (Earnings Per Share) का अनुमान लगा रही है। कंपनी FY26 में $9.3 बिलियन से ज़्यादा शेयरहोल्डर्स को डिविडेंड (dividend) और शेयर बायबैक (share buybacks) के ज़रिए लौटाने की योजना बना रही है। एनालिस्ट्स आमतौर पर इसे 'मॉडरेट बाय' (Moderate Buy) मानते हैं, जिसका टारगेट प्राइस लगभग $298.38 है। यह AI की दुनिया में Accenture की मजबूत पोजिशन को दिखाता है, लेकिन IT सर्विसेज पर AI के लॉन्ग-टर्म असर को बाज़ार कैसे देखता है, यह देखना अहम होगा।