पहली तिमाही में शानदार नतीजे
ASML Holding N.V. ने पहली तिमाही (Q1) में €8.8 बिलियन का नेट सेल्स और €2.8 बिलियन का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जो बाज़ार की उम्मीदों (€8.5 बिलियन सेल्स और €2.5 बिलियन प्रॉफिट) से कहीं बेहतर रहा। इन मज़बूत नतीजों ने कंपनी को बड़ी अनिश्चितताओं के बीच भी बढ़त दिलाई है।
2026 का सेल्स टारगेट बढ़ा
इस सकारात्मक माहौल में ASML ने 2026 के लिए अपना सेल्स टारगेट भी काफी ऊपर बढ़ा दिया है। कंपनी अब पूरे 2026 फाइनेंशियल ईयर के लिए €36 बिलियन से €40 बिलियन का नेट रेवेन्यू अनुमान लगा रही है। यह पिछले अनुमान (€34 बिलियन से €39 बिलियन) से ज़्यादा है, जो भविष्य की मांग को लेकर कंपनी के मज़बूत विश्वास को दिखाता है।
AI चिप्स की डिमांड बनी मुख्य वजह
इस बड़ी बढ़ोत्तरी के पीछे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े चिप्स की ज़बरदस्त मांग है। AI सिस्टम और डेटा सेंटर्स के लिए ज़रूरी मेमोरी चिप्स की किल्लत बनी हुई है, जिससे इनकी कीमतें बढ़ रही हैं। इस मांग को पूरा करने के लिए Samsung और SK Hynix जैसी बड़ी कंपनियां ASML के एडवांस्ड इक्विपमेंट से उत्पादन बढ़ाने में जुटी हैं। पहली तिमाही में, नए चिप इक्विपमेंट रेवेन्यू में मेमोरी टूल की बिक्री 51% रही, जो पिछली तिमाही के 30% के मुकाबले काफी ज़्यादा है। ASML के सबसे बड़े क्लाइंट्स में से एक TSMC ने भी पिछले हफ्ते अपने रिकॉर्ड Q1 सेल्स के आंकड़े पेश किए थे, जो AI चिप मार्केट की मज़बूती को दर्शाते हैं।
चीन को एक्सपोर्ट पर दबाव
मज़बूत नतीजों के बावजूद, ASML को चीन से जुड़े कुछ मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। सख्त एक्सपोर्ट नियमों की वजह से कंपनी अपना सबसे एडवांस्ड चिप-मेकिंग मशीनरी चीन को नहीं बेच पा रही है। अब अमेरिकी सांसदों का एक ग्रुप ASML की कम एडवांस्ड मशीनों की भी चीन को शिपमेंट रोकने के लिए नया बिल लाने की तैयारी में है, जिस पर अभी मंज़ूरी आनी बाकी है। इसी का नतीजा है कि ASML की कुल बिक्री में चीन की हिस्सेदारी घटकर 19% रह गई है, जो दिसंबर की तिमाही में 36% थी। यह ग्लोबल टेक सप्लाई चेन पर बढ़ते जियो-पॉलिटिकल दबाव को साफ दिखाता है।