चिप सेक्टर में बिकावली का दौर
एडवांस्ड माइक्रो डिवाइसेस (AMD) के शेयर बुधवार को 17% तक लुढ़क गए, जो कि 2017 के बाद की सबसे बड़ी एकदिनी गिरावट है। यह बड़ी गिरावट कंपनी की ओर से जारी किए गए भविष्य के लिए गाइडेंस के कारण आई, जो निवेशकों की उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा। इससे यह संकेत मिला है कि आने वाले समय में मांग या सप्लाई चेन में दिक्कतें आ सकती हैं।
AMD का वैल्यूएशन (P/E रेश्यो) फिलहाल 120x के आसपास है, जो कि Nvidia (46x) और Broadcom (67x) जैसे प्रतिस्पर्धियों से काफी ज्यादा है। इतनी ऊंची वैल्यूएशन के चलते निवेशकों की नजरें कंपनी के प्रदर्शन पर और कड़ी हो जाती हैं। AMD की इस भारी गिरावट का असर तुरंत अन्य चिप कंपनियों पर भी दिखा। Nvidia के शेयर 3.5%, Broadcom के शेयर करीब 4% गिरे, वहीं Qualcomm के शेयर में भी कारोबार के बाद गिरावट दर्ज की गई।
इन सब का नतीजा यह हुआ कि Nasdaq Composite इंडेक्स बुधवार को 1.5% और गिर गया, जिससे पिछले दो दिनों की गिरावट लगभग 700 अंकों तक पहुंच गई। S&P 500 इंडेक्स भी 0.5% नीचे आया। Alphabet, Amazon और Meta जैसे बड़े टेक दिग्गज कंपनियों के शेयर भी 2% से 3% तक गिरे, जिससे Nasdaq पर दबाव और बढ़ गया।
बाजार में दिख रहा दो ध्रुवीयता का असर
टेक्नोलॉजी सेक्टर की इस भारी गिरावट के बिल्कुल उलट, Dow Jones Industrial Average लगातार दूसरे दिन बढ़त बनाए रखने में कामयाब रहा। यह 260 अंक ऊपर बंद हुआ। यह अंतर बताता है कि बाजार दो अलग-अलग धाराओं में बंट गया है, जहां 'पुरानी अर्थव्यवस्था' की कंपनियां ज्यादा मजबूती दिखा रही हैं।
Amgen का शेयर 8% से ज्यादा उछला, क्योंकि कंपनी के नतीजे उम्मीद से बेहतर आए। Honeywell ने भी Dow को सहारा दिया, जिसने हाल ही में 2025 की चौथी तिमाही के नतीजे जारी किए थे, जिसमें EPS $2.59 रहा (जो $2.54 के अनुमान से ज्यादा था) और रेवेन्यू $10.1 बिलियन दर्ज किया गया।
आर्थिक संकेत और अनिश्चितता
बुधवार को जारी हुए आर्थिक आंकड़ों ने बाजार को मिली-जुली और कुछ हद तक सतर्क तस्वीर दिखाई। ADP की रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी में प्राइवेट सेक्टर में केवल 22,000 नई नौकरियां आईं, जो कि अनुमानित 45,000 से काफी कम है। इससे रोजगार बाजार की रफ्तार पर सवाल उठ रहे हैं।
अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (DXY) में मजबूती जारी रही और यह 97.64 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। इससे यह संकेत मिलता है कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में अभी भी सावधानी बरती जा रही है। फेडरल रिजर्व ने जनवरी 2026 में अपनी प्रमुख ब्याज दर को 3.5%-3.75% पर अपरिवर्तित रखा है, और उम्मीद है कि 2026 के उत्तरार्ध में केवल एक बार 0.25% की कटौती हो सकती है। यह लगातार महंगाई की चिंताओं और एक स्थिर, लेकिन बहुत मजबूत नहीं, रोजगार बाजार के बीच मौद्रिक नीति पर फेड के धैर्यपूर्ण रुख को दर्शाता है।
आगे क्या?
AMD के कमजोर गाइडेंस के साये में, बाजार के प्रतिभागी अब Amazon जैसी बड़ी कंपनियों के आने वाले नतीजों पर नजरें गड़ाए हुए हैं। ई-कॉमर्स या क्लाउड कंप्यूटिंग में किसी भी तरह की मंदी के संकेत बाजार पर और दबाव डाल सकते हैं। कॉर्पोरेट आय, रोजगार बाजार के आंकड़े और फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति का आपसी तालमेल ही निकट भविष्य में बाजार की दिशा तय करेगा।
