AM Group ने ग्रेटर नोएडा में $25 अरब के विशाल AI कंप्यूट हब (AI Compute Hub) को हकीकत बनाने की दिशा में पहला कदम बढ़ा दिया है। 1 गीगावाट (GW) क्षमता वाला यह प्रोजेक्ट सिर्फ डेटा सेंटर (Data Center) नहीं, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया में क्रांति लाने की तैयारी है। इसका सबसे बड़ा आकर्षण है ग्रीनको (Greenko) के फाउंडर्स का सपोर्ट और खुद की जनरेट की हुई क्लीन एनर्जी (Clean Energy)।
इस प्रोजेक्ट के लिए AM Group की सहयोगी कंपनी AM AI Labs को यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (YEIDA) से जमीन के लिए लेटर ऑफ इंटेंट (LOI) मिल गया है। यह $25 अरब की डील का एक अहम पड़ाव है। कंपनी साल 2028 तक 350 मेगावाट (MW) और साल 2030 तक पूरी 1 GW क्षमता हासिल करने का लक्ष्य लेकर चल रही है। इसके लिए करीब 5 लाख हाई-परफॉरमेंस चिप्स (High-Performance Chips) लगाए जाएंगे।
इस प्रोजेक्ट की सबसे खास बात यह है कि यह पूरी तरह से कार्बन-फ्री पावर (Carbon-Free Power) पर चलेगा। AM Group अपनी खुद की क्लीन एनर्जी का इस्तेमाल करेगा, जिसमें सोलर (Solar), विंड (Wind) और पम्प्ड स्टोरेज (Pumped Storage) शामिल हैं। इसका सीधा फायदा यह होगा कि AI सर्विसेज और AI टोकन (AI Tokens) की लागत ग्लोबल बेंचमार्क (Global Benchmark) से काफी कम रखी जा सकेगी। यह AI की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए एक गेम-चेंजर साबित हो सकता है।
भारत का डेटा सेंटर मार्केट (Data Center Market) तेजी से बढ़ रहा है, और AI वर्कलोड्स (AI Workloads) इसकी मांग को और बढ़ा रहे हैं। 2031 तक यह मार्केट $21 अरब से ज्यादा का होने का अनुमान है। AM Group का यह कदम उत्तर प्रदेश को एक बड़ा AI हब (AI Hub) बनाने में मदद करेगा। हालांकि, इस फील्ड में Adani Group, Google, Microsoft, और Amazon जैसे बड़े खिलाड़ी भी भारी निवेश कर रहे हैं। Adani Group 2035 तक 5 GW की क्षमता स्थापित करने का लक्ष्य लेकर चल रहा है।
$25 अरब का यह प्रोजेक्ट काफी बड़ा है और इसमें बड़े कैपिटल (Capital) के साथ-साथ एग्जीक्यूशन रिस्क (Execution Risk) भी जुड़े हैं। ग्रीनको (Greenko) की विशेषज्ञता के बावजूद, AI कंप्यूट की खास ऊर्जा जरूरतों को पूरा करना एक चुनौती होगी। वहीं, टेक्नोलॉजी के तेजी से बदलने और मार्केट की बदलती मांगों के बीच प्रोजेक्ट को समय पर पूरा करना भी महत्वपूर्ण होगा। अगर AM Group अपनी योजना को सफलतापूर्वक लागू कर पाता है, तो यह भारत के AI इंफ्रास्ट्रक्चर (AI Infrastructure) में एक नया अध्याय लिखेगा।