AI का रिएक्शन: सॉफ्टवेयर शेयरों में भारी बिकवाली
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के लगातार बढ़ते प्रभाव ने सॉफ्टवेयर कंपनियों के बिजनेस मॉडल पर खतरा बढ़ा दिया है। हाल ही में एक AI स्टार्टअप के एक नए लीगल टूल के लॉन्च ने इस चिंता को और भड़का दिया, जिसके चलते पूरे सॉफ्टवेयर सेक्टर में बड़ी बिकवाली शुरू हो गई और शेयरों में 25% तक की भारी गिरावट देखने को मिली।
शुरुआत कैसे हुई और क्या हुआ असर?
AI स्टार्टअप एंथ्रोपिक (Anthropic) द्वारा इन-हाउस वकीलों के लिए एक नए प्रोडक्टिविटी टूल को लॉन्च करने के बाद यह गिरावट शुरू हुई। इस घटना ने पहले से मौजूद मंदी की भावना को और गहरा कर दिया। इसके चलते थॉमसन रॉयटर्स (Thomson Reuters Corp.), सीएस डिस्को (CS Disco Inc.), लीगलज़ूम (Legalzoom.com Inc.), और गार्टनर (Gartner Inc.) जैसी प्रमुख सॉफ्टवेयर कंपनियों के शेयरों में 25% तक की भारी गिरावट दर्ज की गई। इसी तरह, इनफोसिस (Infosys) और विप्रो (Wipro) जैसी भारतीय आईटी कंपनियों के अमेरिकन डिपॉजिटरी रिसीट्स (ADRs) में भी 7% तक की गिरावट आई। गार्टनर के शेयर 21% गिरकर $160.16 पर बंद हुए, एडोब (Adobe) 7.3% गिरकर $271.93 पर आ गया, और सेल्सफोर्स (Salesforce) 6.8% की गिरावट के साथ $196.38 पर बंद हुआ। विप्रो ADRs 4.8% गिरकर $2.56 पर थे, जबकि Infosys ADRs 5.6% गिरकर $17.32 पर बंद हुए। S&P नॉर्थ अमेरिकन सॉफ्टवेयर इंडेक्स लगातार तीन हफ्तों से गिर रहा है और जनवरी में इसमें 15% की गिरावट आई, जो कि अक्टूबर 2008 के बाद इसकी सबसे बड़ी मासिक गिरावट है।
सेक्टर-व्यापी असर और वैल्यूएशन में भारी कमी
वर्तमान बाजार की स्थिति को देखते हुए, सॉफ्टवेयर शेयरों में भारी बिकवाली का दबाव देखा जा रहा है। ब्रोकरेज फर्म जेफरीज (Jefferies) ने इस स्थिति को "SaaSpocalypse" कहा है और ट्रेडिंग को "गेट मी आउट" (get me out) शैली का बताया है। इस निराशावाद ने सॉफ्टवेयर शेयरों को उनके अनुमानित मुनाफे के 23 गुना पर कारोबार करने के लिए मजबूर किया है, जो लगभग तीन साल में सबसे कम मल्टीपल है। तकनीकी संकेतक (Technical indicators) भी इस संकट को दर्शाते हैं, जिसमें 14-दिवसीय रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) "ओवरसोल्ड" (oversold) क्षेत्र में प्रवेश कर गया है। हालांकि, विश्लेषकों का मानना है कि रिकवरी का रास्ता लंबा होगा। बीटीआईएग (BTIG) के चीफ मार्केट टेक्नीशियन, जोनाथन क्रिंस्की (Jonathan Krinsky) ने कहा कि चौथी तिमाही (2025) में सॉफ्टवेयर सेक्टर में "डिटेरियोरेटिंग रिलेटिव स्ट्रेंथ" (deteriorating relative strength) के कारण निवेशकों की लगातार अनदेखी रही है, और इन शेयरों को फिर से मजबूत होने में काफी समय लगेगा।
प्राइवेट इक्विटी का पुनर्मूल्यांकन और आवंटन में बदलाव
AI की विघटनकारी क्षमता को लेकर चिंताएं केवल पब्लिक मार्केट तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि प्राइवेट इक्विटी (Private Equity) को भी प्रभावित कर रही हैं। आर्केमोंट एएमसी (Arcmont AMC) और हेफिन कैपिटल मैनेजमेंट (Hayfin Capital Management) जैसी फर्मों ने सलाहकारों को नियुक्त करके पोर्टफोलियो की समीक्षा शुरू कर दी है, ताकि AI से प्रभावित होने वाले "कमजोर" व्यवसायों की पहचान की जा सके। एसेट आवंटन (Asset allocation) में भी सावधानी देखी जा रही है। उदाहरण के लिए, अपोलो (Apollo) ने सॉफ्टवेयर में अपने डायरेक्ट लेंडिंग फंड्स (direct lending funds) की हिस्सेदारी लगभग आधी कर दी है, जो 2025 की शुरुआत में करीब 20% से घटकर 10% के आसपास आ गई है। यह एक बड़े वित्तीय संस्थान का कदम AI-केंद्रित भविष्य में सॉफ्टवेयर बिजनेस मॉडल की स्थिरता के बारे में एक व्यवस्थित चिंता को रेखांकित करता है।
विश्लेषकों की डाउनग्रेडिंग और तकनीकी संकेत
AI के प्रभाव पर चिंताओं का सीधा असर विश्लेषकों की रेटिंग में गिरावट के रूप में हुआ है। पाइपर सैंडलर (Piper Sandler) ने सोमवार को एडोब इंक (Adobe Inc.), फ्रेशवर्क्स इंक (Freshworks Inc.), और वर्टेक्स इंक (Vertex Inc.) जैसी कई प्रमुख सॉफ्टवेयर कंपनियों को डाउनग्रेड किया, जिसका कारण AI से संबंधित बढ़ती चिंताएं और लगातार बनी हुई स्ट्रक्चरल हेडविंड्स (secular headwinds) हैं। 14-दिवसीय RSI के ओवरसोल्ड स्थिति में गिरने से यह संकेत मिलता है कि अल्पावधि में एक छोटी सी उछाल संभव हो सकती है, लेकिन BTIG के क्रिंस्की का आकलन बताता है कि जब तक सेक्टर में वास्तविक ताकत वापस नहीं आती, तब तक यह एक स्थायी रिकवरी का संकेत नहीं होगा। एडोब (P/E ratio ~32x) और सेल्सफोर्स (P/E ratio ~45x) जैसी कंपनियों के लिए वर्तमान वैल्यूएशन अपने हालिया उच्चतम स्तरों की तुलना में ऐतिहासिक रूप से निचले स्तरों के करीब हैं, हालांकि वे अभी भी अधिक संकटग्रस्त सेक्टर्स की तुलना में अधिक हैं।