Infosys, Wipro के शेयर गिरे! AI टूल ने मचाया हाहाकार, 'SaaSapocalypse' का डर

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Infosys, Wipro के शेयर गिरे! AI टूल ने मचाया हाहाकार, 'SaaSapocalypse' का डर
Overview

Infosys और Wipro के निवेशकों को बड़ा झटका लगा है। मंगलवार को इन भारतीय IT कंपनियों के अमेरिकन डिपॉजिटरी रिसिप्ट्स (ADRs) में **5%** से ज़्यादा की गिरावट देखी गई। वजह है AI कंपनी Anthropic द्वारा लॉन्च किया गया एक नया ऑटोमेशन टूल, जिसने 'SaaSapocalypse' की आशंकाओं को हवा दे दी है।

AI के नए टूल ने मचाया ग्लोबल IT मार्केट में हड़कंप

AI स्टार्टअप Anthropic द्वारा लॉन्च किए गए एक एडवांस्ड AI ऑटोमेशन टूल ने ग्लोबल टेक्नोलॉजी सेक्टर में हड़कंप मचा दिया है। इस डेवलपमेंट ने 'SaaSapocalypse' के डर को हवा दी है, जिसके चलते बड़े IT फर्मों में भारी बिकवाली देखने को मिली।

Infosys, Wipro के ADRs में बड़ी गिरावट

भारतीय IT दिग्गजों Infosys और Wipro को सबसे ज़्यादा नुकसान हुआ। इन कंपनियों के अमेरिकन डिपॉजिटरी रिसिप्ट्स (ADRs) में भारी गिरावट आई, Infosys के ADRs करीब 5.51% गिरकर $17.33 पर बंद हुए। यह Infosys के लिए अक्टूबर 2023 के बाद सबसे बड़ी एक-दिवसीय प्रतिशत गिरावट है। Wipro के ADRs में भी 4% से ज़्यादा की कमी देखी गई।

अमेरिकी IT कंपनियों पर भी असर

इसका असर अमेरिकी IT बाजार पर भी साफ दिखा। Accenture और Cognizant के शेयरों में लगभग 10% की गिरावट आई। वहीं, डेटा और सॉफ्टवेयर कंपनियां जैसे Thomson Reuters Corp. और FactSet Research Systems Inc. को भी झटका लगा। Thomson Reuters के शेयरों में 18% तक की गिरावट आई, जबकि FactSet 9.11% नीचे आया। इस माहौल का असर Nasdaq Composite इंडेक्स पर भी दिखा, जो 1.43% की गिरावट के साथ बंद हुआ।

'SaaSapocalypse' का मतलब क्या है?

विश्लेषकों ने इस स्थिति को 'SaaSapocalypse' का नाम दिया है। इसका मतलब है कि AI अब केवल बिजनेस ऑपरेशन्स को बेहतर बनाने के बजाय, उन्हें सीधे तौर पर बदलने की क्षमता रखता है। Anthropic का नया AI एजेंट कानूनी और वर्कफ़्लो जैसे जटिल कामों को ऑटोमेट कर सकता है, जो सीधे तौर पर पारंपरिक Software-as-a-Service (SaaS) बिजनेस मॉडल के लिए एक बड़ी चुनौती है।

वैल्यूएशन पर गहराया संकट

Infosys (P/E ~22.2x-23.3x, मार्केट कैप ~$80B USD) और Wipro (P/E ~18.0x-19.1x, मार्केट कैप ~$30B USD) जैसी भारतीय IT कंपनियां प्योर-प्ले SaaS वेंडर्स के बजाय सर्विस इंटीग्रेटर्स और कंसल्टिंग पार्टनर्स के तौर पर काम करती हैं। फिर भी, उनके ADRs में आई भारी गिरावट दर्शाती है कि निवेशक AI के कारण IT सेक्टर में व्यापक री-प्राइसिंग कर रहे हैं। Wipro, जिसका वैल्यूएशन Infosys और Accenture (P/E ~30x) जैसे अमेरिकी साथियों की तुलना में पहले से ही कम था, वह भी इस गिरावट से अछूता नहीं रहा।

भविष्य की राह: बदलाव या पीछे छूटना?

इस शुरुआती घबराहट के बावजूद, Infosys और Wipro जैसी IT सर्विस कंपनियों का भविष्य इस बात पर निर्भर करेगा कि वे खुद को कितनी जल्दी ढाल पाती हैं। Infosys अपने 'AI-first' अप्रोच और 'Infosys Topaz' सूट के साथ, तो वहीं Wipro अपनी 'ai360' स्ट्रेटेजी के ज़रिए क्लाइंट्स को AI का लाभ उठाने में मदद करने का लक्ष्य रख रहे हैं। यह पारंपरिक आउटसोर्सिंग से हटकर AI-संचालित ट्रांसफॉर्मेशन में प्रमुख पार्टनर बनने की ओर इशारा करता है, जिससे AI इंटीग्रेशन और मैनेज्ड सर्विसेज की नई मांग पैदा हो सकती है।

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