AI पर NASSCOM का नया फोकस
AI के क्षेत्र में भारत के एक बड़े नाम, श्रीकांत वेलमक्कनी, जो Fractal Analytics के को-फाउंडर और CEO हैं, अब NASSCOM के नए चेयरमैन की कमान संभालेंगे। यह नियुक्ति भारत की टेक्नोलॉजी इंडस्ट्री के लिए एक नए युग की शुरुआत का संकेत देती है, जिसका मुख्य फोकस AI-फर्स्ट इनोवेशन (AI-first innovation) और प्रोडक्ट डेवलपमेंट (product development) पर रहेगा। Fractal Analytics, जिसने हाल ही में ₹2,834 करोड़ का IPO पूरा किया है, वहां से आने वाले वेलमक्कनी का अनुभव NASSCOM के लिए एक अलग दृष्टिकोण लाएगा।
NASSCOM प्रेसिडेंट राजेश नंबियार ने स्पष्ट किया है कि नई लीडरशिप का मुख्य एजेंडा इंडस्ट्री को ग्लोबल टेक ट्रेंड्स के साथ अलाइन करना होगा। इसमें AI-ड्रिवन सर्विसेज (AI-driven services) को तेज़ी से बढ़ाना और प्रोडक्ट इनोवेशन (product innovation) को प्रोत्साहित करना शामिल है। KPIT Technologies के किशोर पाटील को वाइस चेयरमैन चुना गया है।
भारत की AI महत्वाकांक्षाएं और ग्लोबल लक्ष्य
NASSCOM का अनुमान है कि FY2026 तक भारतीय टेक सेक्टर का रेवेन्यू $315 बिलियन तक पहुंच जाएगा। इस वृद्धि में AI इंफ्रास्ट्रक्चर (AI infrastructure) और डेटा सेंटर्स (data centers) में भारी निवेश का अहम योगदान होगा, क्योंकि 2026 तक IT खर्च बढ़कर $176.3 बिलियन तक पहुंचने का अनुमान है। वैश्विक स्तर पर, AI खर्च 2026 तक $2.52 ट्रिलियन तक पहुंचने की उम्मीद है, जो एक ज़बरदस्त मार्केट अपॉर्च्युनिटी (market opportunity) का संकेत है। NASSCOM का लक्ष्य भारत को ऑटोनॉमस सिस्टम्स (autonomous systems) और स्पेशलाइज्ड AI प्रोडक्ट्स (specialized AI products) के लिए एक प्रमुख हब बनाना है। इंडस्ट्री एजेंट्स AI (Agentic AI) और रिस्पॉन्सिबल AI (responsible AI) को भी मुख्य रणनीतियों के तौर पर बढ़ावा देगी।
कंपनियों का वैल्यूएशन और मार्केट कॉम्पिटिशन
इस बीच, Fractal Analytics जैसी कंपनियों का मार्केट कैप लगभग ₹16,500 करोड़ है, जिसका P/E रेशियो पिछले 12 महीनों में 71x से 103x के बीच रहा है। वहीं, KPIT Technologies, जो ऑटोमोटिव सेक्टर के लिए एम्बेडेड सॉफ्टवेयर और AI सॉल्यूशंस में एक मुख्य प्लेयर है, उसका मार्केट कैप करीब ₹20,158 करोड़ है और P/E रेशियो 27x से 37x के बीच है। कुछ एनालिस्ट्स का मानना है कि KPIT अपने पिछले प्रदर्शन और इंडस्ट्री के मुकाबले थोड़ी अंडरवैल्यूड (undervalued) है। लीडरशिप में यह बदलाव AI-नेटिव सॉल्यूशंस (AI-native solutions) और इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी (intellectual property) डेवलपमेंट पर कॉम्पिटिटिव फोकस को बढ़ा सकता है।
टेक सेक्टर के सामने चुनौतियां
AI का भविष्य उज्ज्वल होने के बावजूद, भारतीय IT सेक्टर कुछ बड़ी चुनौतियों का सामना कर रहा है। AI टेक्नोलॉजीज एफिशिएंसी बढ़ाकर मानव घंटों की आवश्यकता कम कर सकती हैं, जिससे सर्विस रेवेन्यू में गिरावट आ सकती है। AI और मशीन लर्निंग (ML) टैलेंट की लगातार कमी भी एक बड़ी बाधा है। इसके अलावा, AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च का कुछ बड़ी क्लाउड प्रोवाइडर्स (cloud providers) के हाथों में केंद्रित होना भी लंबी अवधि की मार्केट स्टेबिलिटी (market stability) पर सवाल खड़े करता है। कंपनियों को AI को बिज़नेस प्रोसेस (business process) में प्रभावी ढंग से एकीकृत करने और ROI (Return on Investment) दिखाने की चुनौती होगी।
भविष्य की राह: AI-संचालित विकास
श्रीकांत वेलमक्कनी का विजन है कि AI भारतीय टेक इंडस्ट्री को एक नए मुकाम पर ले जाएगा, जिससे मल्टी-ट्रिलियन-डॉलर के अवसर पैदा होंगे और रोज़गार में वृद्धि होगी। उनके नेतृत्व में, NASSCOM इस AI-संचालित विकास को सेवाओं और उत्पादों दोनों के लिए आगे बढ़ाएगा, IP-LED इनोवेशन (IP-led innovation), डीप-टेक स्किल्स (deep-tech skills) और ह्यूमन+AI कोलैबोरेशन (Human+AI collaboration) पर ज़ोर देगा।
