Arm Holdings, Qualcomm Share Price: AI के 'चिप' संकट ने डुबोए शेयर, स्मार्टफ़ोन पर गहराया खतरा

TECH
Whalesbook Logo
AuthorMehul Desai|Published at:
Arm Holdings, Qualcomm Share Price: AI के 'चिप' संकट ने डुबोए शेयर, स्मार्टफ़ोन पर गहराया खतरा
Overview

Arm Holdings और Qualcomm के निवेशकों के लिए अच्छी खबर नहीं है। दोनों दिग्गज कंपनियों के शेयर नतीजों के बाद बड़ी गिरावट के साथ खुले हैं। इसका मुख्य कारण AI इंफ्रास्ट्रक्चर की बढ़ती मांग के चलते मेमोरी चिप्स की ग्लोबल शॉर्टेज है, जो फिलहाल स्मार्टफ़ोन प्रोडक्शन को धीमा कर रही है। हालांकि, AI के क्षेत्र में डेटा सेंटर के लिए लॉन्ग-टर्म अवसर बन रहे हैं।

AI की बढ़ती मांग और सप्लाई चेन में लगातार आ रही रुकावटों ने चिप निर्माताओं के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। हाल ही में जारी की गई तिमाही नतीजों के बाद Arm Holdings और Qualcomm के शेयरों में तेज गिरावट इसी का नतीजा है।

Qualcomm पर मेमोरी शॉर्टेज का असर

Qualcomm ने पहली तिमाही (Q1) फाइनेंशियल ईयर 2026 के नतीजे पेश किए, जिसमें 12.25 बिलियन डॉलर का रिवेन्यू रहा, जो बाजार के अनुमानों से थोड़ा कम था। कंपनी ने दूसरी तिमाही (Q2) के लिए 10.2 बिलियन डॉलर से 11 बिलियन डॉलर का रिवेन्यू गाइडेंस दिया है। मैनेजमेंट ने कहा है कि 'मेमोरी सप्लाई और हैंडसेट OEMs के लिए प्राइसिंग में नियर-टर्म अनिश्चितता' के चलते यह सतर्कता बरती जा रही है। चीन में कई ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स (OEMs) चिप की कमी के चलते अपने हैंडसेट प्रोडक्शन प्लान को कम कर रहे हैं। Qualcomm का मार्केट कैप 157 बिलियन डॉलर है और इसे Zacks Rank #4 (Sell) रेटिंग मिली हुई है।

Arm Holdings की चुनौती

Arm Holdings के भी नतीजे आए, जिसमें कंपनी ने रिकॉर्ड तीसरी तिमाही (Q3) में रिवेन्यू 26% बढ़कर 1.24 बिलियन डॉलर दर्ज किया। हालांकि, लाइसेंसिंग रिवेन्यू 505 मिलियन डॉलर पर रहा, जो उम्मीदों से थोड़ा कम है। कंपनी ने माना है कि मेमोरी सप्लाई चेन की कमी के चलते लोअर-जेनरेशन चिप की रॉयल्टी पर असर पड़ सकता है। Arm Holdings का P/E Ratio 134-138 के आसपास बना हुआ है और इसका मार्केट कैप करीब 111 बिलियन डॉलर है। स्टॉक अक्टूबर 2025 में $183.16 के हाई से नीचे आया है और पिछले 52 हफ्तों में 30% से ज्यादा गिर चुका है।

इंडस्ट्री पर AI का दोतरफा वार

AI इंफ्रास्ट्रक्चर के जोरदार निर्माण के कारण मेमोरी चिप मेकर्स जैसे Samsung Electronics, SK Hynix और Micron Technology हाई-बैंडविड्थ मेमोरी (HBM) के प्रोडक्शन को प्राथमिकता दे रहे हैं। इसका सीधा मतलब है कि स्मार्टफ़ोन और पर्सनल कंप्यूटर (PCs) में इस्तेमाल होने वाले कंपोनेंट्स के लिए सप्लाई कम हो गई है। एनालिस्ट्स का मानना है कि यह चिप शॉर्टेज 2028 तक जारी रह सकती है।

भविष्य की राह: AI सेंटर्स और बड़े बाजार

इस मुश्किल दौर के बावजूद, दोनों कंपनियां AI डेटा सेंटर मार्केट में लंबी अवधि की ग्रोथ के लिए खुद को तैयार कर रही हैं। Arm को उम्मीद है कि भविष्य में उसका डेटा सेंटर बिज़नेस मोबाइल रिवेन्यू से आगे निकल जाएगा। ग्लोबल सेमीकंडक्टर मार्केट के 2030 तक $1 ट्रिलियन से अधिक होने का अनुमान है, जिसमें मेमोरी सेगमेंट अकेले 2026 तक 127.3 बिलियन डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है। नए चिप फैक्ट्रियों को बनाने और तैयार करने में एक साल से अधिक का समय लगता है, जो सप्लाई की कमी को और लंबा खींच सकता है।

Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.