'डेप्रिसिएशन ट्रिक' का खेल?
AI इंफ्रास्ट्रक्चर में भारी निवेश हो रहा है, जहाँ बड़ी-बड़ी कंपनियां साल 2026 तक $600 बिलियन से ज़्यादा के कैपिटल एक्सपेंडिचर (CapEx) का अनुमान लगा रही हैं। लेकिन, माइकल बैरी के नेतृत्व में एक नई बहस छिड़ गई है। उनका कहना है कि इन एसेट्स (assets) के लिए जिस तरह से फाइनेंशियल अकाउंटिंग (financial accounting) की जा रही है, वह उनकी तेजी से गिरती इकोनॉमिक लाइफ (economic life) से मेल नहीं खाती।
बैरी का मुख्य तर्क AI चिप्स, खासकर GPUs के डेप्रिसिएशन (depreciation) को लेकर है। जहाँ आम IT इक्विपमेंट (equipment) को 3-6 साल में डेप्रिसिएट किया जाता है, वहीं AI चिप्स टेक्नोलॉजी में तेज़ी से बदलाव के कारण 2-3 साल में ही पुरानी पड़ जाती हैं। एनालिस्ट्स (analysts) का अनुमान है कि 2026-2028 के बीच इस गैप (gap) के कारण डेप्रिसिएशन को $176 बिलियन तक कम दिखाया जा सकता है, जिससे Oracle और Meta जैसी कंपनियों का रिपोर्टेड इनकम (reported income) 20% से ज़्यादा बढ़ सकता है। बैरी इसे "डेप्रिसिएशन ट्रिक" बताते हैं, जिससे मुनाफे को कृत्रिम रूप से बढ़ाया जाता है।
CapEx काBoom और कर्ज का बोझ
AI की मांग के चलते खर्चों में अभूतपूर्व तेज़ी देखी जा रही है। टॉप 5 अमेरिकी हाइपरस्केलर्स (hyperscalers) 2026 में AI पर फोकस करते हुए लगभग $600 बिलियन खर्च कर सकते हैं। यह भारी-भरकम खर्च ज़्यादातर कर्ज (debt) के ज़रिए उठाया जा रहा है। टेक सेक्टर में बॉन्ड इश्यूएंस (bond issuance) 2025 में रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुँच गया था। JPMorgan का अनुमान है कि भविष्य में टेक डेट (tech debt) $1.5 ट्रिलियन तक जा सकता है। Amazon ने $200 बिलियन के CapEx का ऐलान किया है, और Alphabet का फ्री कैश फ्लो (free cash flow) काफी गिर सकता है। ऐसे में, कैपिटल-इंटेंसिव (capital-intensive) और अस्थिर प्रोजेक्ट्स के लिए कर्ज पर निर्भरता वित्तीय स्थिरता पर सवाल खड़ी करती है।
Nvidia का 'Pure-Play' रिस्क
माइकल बैरी ने खास तौर पर Nvidia को टारगेट किया है, क्योंकि यह AI बूम का "प्योरेस्ट प्ले" (purest play) है। यानी, Nvidia के पास AI रेवेन्यू (revenue) के अलावा दूसरे बड़े रेवेन्यू सोर्स (source) नहीं हैं, जिससे यह AI इंफ्रास्ट्रक्चर की डिमांड घटने पर ज़्यादा प्रभावित हो सकती है। Nvidia का मार्केट कैप (market cap) लगभग $4.66 ट्रिलियन है और इसका P/E रेश्यो (P/E ratio) 60-75 के बीच है। वहीं, AMD जैसी दूसरी बड़ी कंपनी का मार्केट कैप लगभग $320 बिलियन है।
RCA का इतिहास दोहराएगा?
बैरी मौजूदा AI बूम की तुलना 1920 के दशक के रेडियो क्रेज़ (radio craze) से करते हैं, जिसमें RCA (Radio Corporation of America) जैसी कंपनियों के शेयर रॉकेट की तरह उड़े और फिर 1929-1932 के बीच 98% तक गिर गए। तब RCA का P/E रेश्यो 72x तक पहुँच गया था, जो फंडामेंटल्स (fundamentals) से काफी ज़्यादा था। यह घटना एक चेतावनी है कि कैसे सट्टा गर्मी (speculative fervor) में वैल्यूएशन बहुत बढ़ सकते हैं, भले ही टेक्नोलॉजी क्रांतिकारी हो।
आगे का रास्ता
चिंताओं के बावजूद, सेमीकंडक्टर मार्केट (semiconductor market) के 2026 तक $1 ट्रिलियन तक पहुँचने का अनुमान है, जिसका मुख्य कारण AI है। Gartner के अनुसार, 2026 में AI पर ग्लोबल खर्च $2.52 ट्रिलियन होगा, जिसमें AI इंफ्रास्ट्रक्चर का हिस्सा $1.37 ट्रिलियन होगा। Nvidia और AMD जैसी कंपनियों के लिए एनालिस्ट्स का सेंटीमेंट (sentiment) अभी भी काफी पॉजिटिव है। हालांकि, निवेश का पैमाना और बैरी द्वारा उठाए गए अकाउंटिंग सवालों को देखते हुए, AI इंफ्रास्ट्रक्चर की अंधाधुंध ग्रोथ की कहानी पर अब ज़्यादा बारीकी से नज़र रखी जाएगी।