AI के डर से शेयर क्यों गिरे?
हाल ही में Anthropic कंपनी ने Claude Code Security नाम का एक नया AI टूल लॉन्च किया है, जो सॉफ्टवेयर में कमजोरियों का पता लगाने और उन्हें ठीक करने में मदद करता है। इस टूल के आने से निवेशकों में यह डर बैठ गया कि AI शायद साइबर सुरक्षा कंपनियों के कारोबार को खत्म कर देगा।
इसका असर यह हुआ कि 23 फरवरी 2026 को शेयर बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिली। CrowdStrike और Zscaler के शेयरों में लगभग 11% की गिरावट आई। वहीं, Datadog 11%, Fortinet और Okta करीब 6% और Palo Alto Networks 3% नीचे आ गए। SentinelOne भी 5% गिर गया। कुछ बड़ी साइबर सुरक्षा फर्मों के शेयरों में तो एक ही दिन में 8-9% तक की गिरावट आई, और अकेले CrowdStrike की वैल्यू महीने भर में 20% से ज्यादा घट गई। इस बिकवाली का असर iShares Cybersecurity and Tech ETF (IHAK) पर भी पड़ा, जो 3% से ज्यादा गिर गया।
असली बात: AI कैसे बढ़ाएगा मांग?
हालांकि, शेयर बाजार की यह प्रतिक्रिया तुरंत की घबराहट दिखाती है, लेकिन असलियत इससे कहीं ज्यादा अलग है। कई एनालिस्ट्स का मानना है कि साइबर सुरक्षा का बाजार वास्तव में AI की वजह से और तेजी से बढ़ेगा। अनुमान है कि 2026 तक दुनिया भर में साइबर सुरक्षा प्रोडक्ट्स और सर्विसेज पर सालाना $520 बिलियन से ज्यादा खर्च होंगे। AI खुद इस सेक्टर के लिए $2 ट्रिलियन के टोटल एड्रेसेबल मार्केट (TAM) में योगदान देगा। यह ग्रोथ डिजिटलीकरण बढ़ने, खतरों के बदलते स्वरूप और नए नियमों की वजह से और तेज होगी।
Gartner का अनुमान है कि 2026 में दुनिया भर में IT खर्च $6.1 ट्रिलियन तक पहुंच जाएगा, जिसमें AI एक बड़ा ड्राइवर होगा।
Robert W. Baird के एनालिस्ट्स ने इस बिकवाली को "घबराहट पर आधारित, कहानी से प्रेरित बिकवाली" बताया। उनका कहना है कि Anthropic के नए टूल का सीधे तौर पर बड़ी साइबर सुरक्षा कंपनियों के मुख्य बिजनेस से ज्यादा लेना-देना नहीं है। UBS ने भी कहा कि यह प्रतिक्रिया "असलियत से ज्यादा घबराहट" के कारण हुई है।
यह नजरिया इस बात से भी मजबूत होता है कि AI सिर्फ मौजूदा चीजों को बाधित नहीं करता, बल्कि यह साइबर सुरक्षा की जरूरत को और बढ़ाता है। हर नए AI सिस्टम के साथ नए हमले की संभावना (attack surface) बढ़ जाती है, जिससे मजबूत सुरक्षा समाधानों की जरूरत और भी अहम हो जाती है। इतिहास गवाह है कि नई तकनीकें कभी भी साइबर सुरक्षा को खत्म नहीं करतीं, बल्कि उसे नया रूप देती हैं और नए खतरों से निपटने के लिए रक्षा तंत्र को मजबूत करती हैं।
बाजार में कंपनियों के वैल्यूएशन में भी काफी अंतर दिख रहा है। Palo Alto Networks का फॉरवर्ड P/E रेशियो 116.4x है, जो भविष्य की बड़ी ग्रोथ की उम्मीदें दिखाता है। वहीं, Check Point Software का फॉरवर्ड P/E 16.7x है, जो इसे वैल्यू-आधारित स्टॉक बनाता है। Cyber Security Cloud, Inc. का P/E 32.05 है। यह अंतर कंपनियों की ग्रोथ स्ट्रेटेजी और बाजार की धारणा को दर्शाता है।
खतरे की घंटी: AI का दूसरा पहलू
यह कहना गलत नहीं होगा कि AI के डर के पीछे कुछ वाजिब कारण भी हैं। AI की उन्नत क्षमताओं का इस्तेमाल आजकल साइबर अपराधी भी कर रहे हैं। वे AI का इस्तेमाल ज्यादा खतरनाक फिशिंग कैंपेन, व्यक्तिगत सोशल इंजीनियरिंग हमले, तेजी से मैलवेयर के नए वेरिएंट बनाने और भरोसेमंद डीपफेक कंटेंट तैयार करने के लिए कर रहे हैं, जिससे उनके हमलों की सफलता दर बढ़ रही है।
इसके अलावा, AI एजेंट (agentic AI) नए हमले के रास्ते खोलता है और शासन (governance) से जुड़ी चुनौतियां पेश करता है। एक चिंता यह भी है कि जिन कंपनियों ने AI को सिर्फ अपने मौजूदा प्रोडक्ट्स में 'ऊपर-ऊपर से' जोड़ा है, उन्हें ज्यादा खतरा हो सकता है, खासकर डेवलपर टूल्स और कोड सुरक्षा से जुड़ी कंपनियों को।
वहीं, Microsoft जैसी बड़ी कंपनियां अपने बड़े प्रोडक्ट्स में सुरक्षा सुविधाओं को पहले से ही शामिल कर रही हैं, जिससे छोटी और स्वतंत्र साइबर सुरक्षा कंपनियों पर प्रतिस्पर्धा का दबाव बढ़ सकता है। बाजार में ग्रोथ की उम्मीदों का फिर से आकलन यह दिखाता है कि निवेशकों को चिंता है कि AI एंटरप्राइज सिक्योरिटी के कुछ पहलुओं को सामान्य (commoditize) बना सकता है।
भविष्य का रास्ता: उम्मीदें बरकरार
कुल मिलाकर, कई एक्सपर्ट्स का मानना है कि साइबर सुरक्षा सेक्टर की बुनियाद मजबूत बनी हुई है और कंपनियां सुरक्षा पर खर्च बढ़ा रही हैं। AI के विकास से मांग और बढ़ने की उम्मीद है, क्योंकि यह हमले और बचाव दोनों की क्षमताओं को बढ़ाएगा, जिससे पूरा बाजार और बड़ा होगा।
JPMorgan जैसी फर्मों का मानना है कि CrowdStrike, Okta और Zscaler जैसी कंपनियां लंबी अवधि के लिए बेहतरीन निवेश अवसर हैं, जिन्हें AI को अपनाने से फायदा होगा। यह एक स्पष्ट संकेत है कि AI नई चुनौतियां भले ही पैदा करे, लेकिन यह खतरे वाले माहौल को और जटिल बनाता है, जिससे विशेष और उन्नत साइबर सुरक्षा समाधानों और मानवीय विशेषज्ञता की जरूरत और भी बढ़ जाती है। अब फोकस इस बात पर है कि कैसे इंसान और AI मिलकर काम करें, जहां AI इंसानी एनालिस्ट्स की क्षमताओं को बढ़ाए और उन्हें वह समझ दे जो AI अकेले नहीं दे सकता।