AI का खौफ! Indian IT Shares धड़ाम, सेक्टर पर आया 'एडॉप्शन' का टेस्ट

TECH
Whalesbook Logo
AuthorSaanvi Reddy|Published at:
AI का खौफ! Indian IT Shares धड़ाम, सेक्टर पर आया 'एडॉप्शन' का टेस्ट
Overview

Indian IT शेयरों में इस समय भारी बिकवाली का माहौल है। **Nifty IT index** पिछले चार कारोबारी दिनों में **9%** तक गिर गया है और तीन महीने के निचले स्तर पर आ गया है। यह गिरावट ब्रॉडर **Nifty 50 index** के मुकाबले काफी ज्यादा है। इस बिकवाली की मुख्य वजह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर बढ़ती चिंताएं हैं।

AI का डर IT शेयरों पर भारी

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते प्रभाव को लेकर इंडस्ट्री में खलबली मच गई है, खासकर भारतीय IT सेक्टर में। AI के आने वाले समय में सॉफ्टवेयर और ERP जैसे कामों को कैसे बदल सकता है, इस डर से IT शेयरों में भारी बिकवाली शुरू हो गई है। इसका नतीजा यह हुआ कि Nifty IT index पिछले चार कारोबारी सत्रों में लगभग 9% गिर गया और तीन महीने के सबसे निचले स्तर 35,211.95 के करीब पहुंच गया। यह गिरावट ब्रॉडर Nifty 50 index की तुलना में कहीं ज्यादा है, जो दिखाता है कि इनवेस्टर्स IT सेक्टर को लेकर कितने चिंतित हैं।

US टेक मार्केट से भी इसी तरह के संकेत मिले, जहाँ Nasdaq 5 फरवरी 2026 को 1.8% गिर गया। भारत में, Persistent Systems, Coforge, और Oracle Financial Services जैसी कंपनियों के शेयर करीब 4% गिरे। वहीं, TCS, Infosys, और HCL Technologies जैसे बड़े नामों में 2% से 3% तक की गिरावट देखी गई। Hexaware Technologies तो अपने ऑल-टाइम लो पर पहुंच गया और 11% टूट गया।

सेक्टर की मजबूती और एडॉप्शन

बाजार की यह बिकवाली काफी हद तक भावना-आधारित (sentiment-driven) लग रही है। एनालिस्ट्स का कहना है कि भारतीय IT सर्विसेज सेक्टर के पास पहले भी क्लाउड कंप्यूटिंग और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन जैसी बड़ी टेक्नोलॉजिकल शिफ्ट्स को अपनाने का शानदार ट्रैक रिकॉर्ड रहा है। ICICI Securities और Motilal Oswal Financial Services (MOFSL) जैसी फर्मों का मानना है कि AI सेक्टर के लिए एक खतरा होने के बजाय एक इवोल्यूशनरी स्टेप है।

कंपनियों को अभी भी सिस्टम इंटीग्रेशन, गवर्नेंस, डेटा मॉडर्नाइजेशन और ऑर्केस्ट्रेशन जैसी सेवाओं की जरूरत होगी, जहाँ IT सर्विस फर्म्स महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। MOFSL को उम्मीद है कि 2026 के मध्य तक AI से जुड़ी सर्विसेज के डील्स में बढ़ोतरी देखी जा सकती है। हालांकि, Nifty IT index का पिछले 1 साल का रिटर्न -10.90% है, जो मौजूदा मुश्किल माहौल को दिखाता है।

वैल्यूएशन पर बढ़ी नज़र

इस बिकवाली के बाद, प्रमुख भारतीय IT कंपनियों के वैल्यूएशन पर अब ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है। TCS का P/E रेश्यो लगभग 22.82, Infosys का 23.27, HCL Technologies का 26.81, और Wipro का 19.19 है। यह IT सेक्टर के एवरेज P/E रेश्यो, जो लगभग 24.41 है, के आसपास ही है। TCS ने Q3 FY2026 में ₹67,087 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया था, जो कंपनी की मजबूत बिजनेस हेल्थ को दर्शाता है। अब यह देखना होगा कि ये कंपनियां AI को कितनी जल्दी अपने सर्विस पोर्टफोलियो में शामिल करती हैं और नए रेवेन्यू स्ट्रीम कैसे बनाती हैं। नियर-टर्म में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है, लेकिन सेक्टर की एडैप्टेबिलिटी (adaptability) लॉन्ग-टर्म में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.