AI का डर: सॉफ्टवेयर शेयरों में ₹300 बिलियन की सेंध, पर ये 5 दिग्गज बनेंगे मालामाल!

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
AI का डर: सॉफ्टवेयर शेयरों में ₹300 बिलियन की सेंध, पर ये 5 दिग्गज बनेंगे मालामाल!
Overview

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते दबदबे के डर ने सॉफ्टवेयर सेक्टर को झकझोर दिया है, जिससे शेयरों का मार्केट कैप **$300 बिलियन** से भी ज्यादा घट गया है। लेकिन, जाने-माने एनालिस्ट डैन आइव्स का मानना है कि यह डर बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया जा रहा है। उनका कहना है कि ये बड़ी सॉफ्टवेयर कंपनियां AI से खत्म नहीं होंगी, बल्कि इसे अपनाकर और मजबूत होंगी।

AI के खतरे ने सॉफ्टवेयर सेक्टर में मचाया हाहाकार

इस हफ्ते सॉफ्टवेयर कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट देखी गई है, जिससे कुल मार्केट कैप में $300 बिलियन से ज्यादा की सेंध लगी है। IGV सॉफ्टवेयर इंडेक्स साल की शुरुआत से अब तक लगभग 18.8% गिर चुका है, जबकि S&P 500 इंडेक्स में ज्यादा बदलाव नहीं आया है। इस गिरावट की मुख्य वजह AI टूल्स का तेजी से विकास है, जो ट्रेडिशनल सॉफ्टवेयर के कामों को बहुत सस्ते में कर सकते हैं। खबरें हैं कि 80% CIOs (चीफ इन्फॉर्मेशन ऑफिसर्स) अपने बजट को AI की तरफ मोड़ रहे हैं, जिससे पुरानी सॉफ्टवेयर कंपनियों को नुकसान हो रहा है। चिंता यह है कि AI एजेंट, महंगे सॉफ्टवेयर सब्सक्रिप्शन की जगह ले सकते हैं।

डैन आइव्स की अलग राय: AI है मौके का द्वार, तबाही का नहीं

Wedbush के मैनेजिंग डायरेक्टर डैन आइव्स, जो अपनी बेबाक राय के लिए जाने जाते हैं, का कहना है कि अभी बाजार में जो डर का माहौल है, वो जायज से ज्यादा है। उनका मानना है कि कंपनियां दशकों से सॉफ्टवेयर इंफ्रास्ट्रक्चर और डेटा में खरबों डॉलर लगा चुकी हैं। इन सिस्टम्स को सिर्फ AI के डर से रातोंरात नहीं बदला जा सकता, क्योंकि डेटा सिक्योरिटी, गवर्नेंस और माइग्रेशन के रिस्क बहुत बड़े हैं। आइव्स के अनुसार, AI मॉडल्स को काम करने के लिए एक सुरक्षित और मैनेज्ड लेयर की जरूरत होती है, जो मौजूदा सॉफ्टवेयर कंपनियां ही दे सकती हैं। इस बिकवाली को वे "एपोकैलिप्स सिनेरियो" बता रहे हैं, जो असलियत से कोसों दूर है।

आइव्स की टॉप 5 पिक्स: सॉफ्टवेयर "गैराज सेल" में छुपे हीरे

सेक्टर में चल रही इस बड़ी बिकवाली के बीच, आइव्स ने पांच ऐसी सॉफ्टवेयर कंपनियों की पहचान की है, जिन्हें वे बहुत अंडरवैल्यूड मानते हैं और जो मजबूत कॉम्पिटिटिव एडवांटेज रखती हैं। वे इन्हें आकर्षक अधिग्रहण (acquisition) टारगेट के तौर पर देख रहे हैं:

  • Microsoft (MSFT): आइव्स की टॉप पिक, जिनका टारगेट प्राइस $575 है। यह शेयर साल की शुरुआत से 12% से ज्यादा गिर चुका है। कंपनी का मार्केट कैप करीब $3.08 ट्रिलियन है और P/E ratio लगभग 27 है। Microsoft अपने Azure क्लाउड प्लेटफॉर्म और OpenAI पार्टनरशिप का इस्तेमाल AI को मोनेटाइज करने के लिए कर रही है। हाल ही में Azure ग्रोथ 38% पर आई थी, लेकिन एनालिस्ट अभी भी इसे AI प्ले के तौर पर देख रहे हैं।
  • Palantir Technologies (PLTR): इस स्टॉक में नवंबर 2025 के हाई से करीब 30% की गिरावट आई है। इसका मार्केट कैप लगभग $332.59 बिलियन है। आइव्स ने $230 का टारगेट प्राइस दिया है, जो काफी ज्यादा अपसाइड दिखाता है। William Blair ने इसे "Outperform" रेटिंग दी है, जो AI प्लेटफॉर्म्स में बढ़ती मांग को दर्शाती है।
  • Snowflake (SNOW): यह स्टॉक साल की शुरुआत से 23% से ज्यादा गिरकर लगभग $165.00 पर ट्रेड कर रहा है। कंपनी का मार्केट कैप $54.58 बिलियन है। आइव्स इसे AI के लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर के तौर पर देखते हैं, जो एंटरप्राइज डेटा और AI मॉडल के बीच सुरक्षा और गवर्नेंस लेयर का काम करता है। उन्होंने $270 का टारगेट दिया है।
  • Salesforce (CRM): सॉफ्टवेयर बिकवाली के चलते यह शेयर 7% गिरा है और फिलहाल $189.67 के आसपास है। इसका मार्केट कैप करीब $180 बिलियन है। आइव्स का मानना है कि Salesforce का दशकों का कस्टमर डेटा, AI एजेंट्स के लिए बेहद कीमती है। उन्होंने $375 का टारगेट सेट किया है। 14-दिन का RSI 25.86 बताता है कि शेयर ओवरसोल्ड (oversold) हो सकता है।
  • CrowdStrike (CRWD): यह स्टॉक 4% की गिरावट के साथ $377.16 पर ट्रेड कर रहा है। कंपनी का मार्केट कैप लगभग $104.71 बिलियन है। आइव्स का $600 का टारगेट है, क्योंकि उनका मानना है कि AI अपनाने से साइबर सिक्योरिटी की जरूरतें और बढ़ेंगी।

वैल्यूएशन और सेक्टर का हाल

हालांकि Palantir जैसी कंपनियों के वैल्यूएशन पर सवाल हैं, आइव्स का कहना है कि पारंपरिक मेट्रिक्स से इन कंपनियों की लंबी अवधि की क्षमता को नहीं मापा जा सकता। फिलहाल सॉफ्टवेयर सेक्टर का PE ratio अपने 3-साल के औसत से नीचे है, जबकि IT सेक्टर का PE ratio लगभग 40.5x है। बाजार की यह नई सोच है कि AI सॉफ्टवेयर को खत्म करने की बजाय, यह उन कंपनियों को फायदा पहुंचाएगा जो इसे अपने मौजूदा समाधानों में सुरक्षित और प्रभावी ढंग से इंटीग्रेट कर सकें।

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