AI के डर से ग्लोबल मार्केट में गिरावट, IT सेक्टर पर असर
Artificial Intelligence (AI) का बढ़ता दबदबा भारतीय IT सेक्टर के लिए चिंता का सबब बनता जा रहा है। Meta और Anthropic जैसी दिग्गज कंपनियों द्वारा नए AI मॉडल लॉन्च करने के बाद, ग्लोबल सॉफ्टवेयर स्टॉक्स में भारी बिकवाली देखी गई है। Oracle, ServiceNow, Salesforce और Adobe जैसे स्टॉक 4% से 8% तक गिर गए। यह दिखाता है कि निवेशक AI की तेज रफ्तार से चिंतित हैं, जिन्हें डर है कि यह मौजूदा बिजनेस मॉडल को बाधित कर सकता है और IT सर्विस प्रोवाइडर्स के भविष्य के रेवेन्यू को प्रभावित कर सकता है। इसी तरह की AI संबंधी चिंताओं के कारण फरवरी में भारतीय IT स्टॉक्स में 15-20% की गिरावट आई थी।
AI की चिंताओं के बीच IT कंपनियों के मजबूत नतीजे
AI को लेकर चल रही चिंताओं के बीच, व्यक्तिगत IT कंपनियां शानदार प्रदर्शन कर रही हैं। Tata Consultancy Services (TCS) ने फाइनेंशियल ईयर 2026 की चौथी तिमाही के नतीजे जारी किए हैं, जो बाजार की उम्मीदों पर खरे उतरे हैं। कंपनी का रेवेन्यू ₹70,698 करोड़ रहा, जो पिछले साल की तुलना में 9.6% अधिक है। वहीं, नेट प्रॉफिट 12.2% बढ़कर ₹13,718 करोड़ हो गया। TCS ने $2.3 बिलियन का एनुअलाइज्ड AI रेवेन्यू और तिमाही में $12 बिलियन का टोटल कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू (TCV) दर्ज किया, जो AI सर्विसेज की मजबूत मांग का संकेत है।
इसके अलावा, Wipro Ltd. 16 अप्रैल 2026 को अपने नतीजे घोषित करने वाली है। कंपनी का बोर्ड शेयर बायबैक (Share Buyback) प्रस्ताव पर भी विचार करेगा, जो लगभग तीन साल में पहला ऐसा प्रस्ताव होगा। Wipro के पास लगभग ₹41,000 करोड़ की नेट कैश रिजर्व है, जिससे वह ऐसे प्रस्तावों को फंड कर सकती है। कंपनी ने जून 2023 में ₹12,000 करोड़ का बायबैक किया था।
वैल्यूएशन में बड़ा अंतर: लार्ज-कैप vs मिड-कैप
मार्केट वैल्यूएशन में भारतीय IT कंपनियों के बीच बड़ा अंतर देखने को मिल रहा है। जहां Nifty IT इंडेक्स अप्रैल में 9% बढ़ा है, वहीं Mphasis, LTIMindtree, Coforge और Persistent Systems जैसी मिड-कैप IT फर्में 12% से 16% तक चढ़ गई हैं। यह आउटपरफॉरमेंस उनके ऊंचे वैल्यूएशन मल्टीपल्स में भी झलकती है। LTIMindtree का P/E लगभग 27.16-27.89 के आसपास है, जबकि HCL Technologies का P/E 23.15-27.12 के दायरे में है।
इसके विपरीत, बड़ी IT कंपनियों के P/E कम हैं: TCS का P/E लगभग 18.07-19.41, Infosys का 16.8-17.84 और Wipro का 14.8-16.71 के बीच है। यह दर्शाता है कि निवेशक मिड-कैप कंपनियों के ग्रोथ को ज्यादा महत्व दे रहे हैं, शायद उन्हें AI से होने वाले नुकसान से कम प्रभावित मान रहे हैं।
बड़ी IT कंपनियों पर AI का संभावित प्रभाव
बड़ी IT सर्विस फर्में चिंतित हैं कि जनरेटिव AI (Generative AI) कंसल्टेंट्स और डेवलपर्स द्वारा किए जाने वाले कामों को ऑटोमेट कर सकता है। हालांकि TCS AI सर्विस रेवेन्यू में मजबूत ग्रोथ दिखा रही है, लेकिन क्लाइंट्स द्वारा सस्ती AI सॉल्यूशंस की मांग के कारण सेक्टर पर मार्जिन प्रेशर बढ़ सकता है। Meta के Muse Spark और Anthropic के एडवांस्ड मॉडल के साथ AI का तेजी से विकास एकfierce कॉम्पिटिटिव माहौल तैयार कर रहा है। Meta जैसी कंपनियां AI में अरबों डॉलर का निवेश कर रही हैं।
Wipro का स्टॉक पिछले एक साल में 14.26% और इस साल अब तक 22.97% गिर चुका है, जो सेक्टर की व्यापक चिंताओं को दर्शाता है।
भारतीय IT सेक्टर का भविष्य
भारतीय IT सेक्टर का भविष्य AI के विकास और इसे अपनाने की गति पर निर्भर करेगा। TCS के मजबूत नतीजे और Wipro का संभावित बायबैक कुछ सहारा दे सकते हैं, लेकिन निवेशक यह देखेंगे कि कंपनियां AI से होने वाले व्यवधानों के अनुकूल कैसे ढलती हैं। ब्रोकरेज रिपोर्ट्स एक मिश्रित आउटलुक की ओर इशारा करती हैं। AI चिंताओं के बने रहने के कारण मिड-कैप फर्में बड़ी कंपनियों की तुलना में उच्च वैल्यूएशन बनाए रख सकती हैं।