TCS का AI लीडरशिप का लक्ष्य
Tata Consultancy Services (TCS) दुनिया की लीडिंग AI-ड्रिवन टेक्नोलॉजी सर्विस फर्म बनना चाहती है। इसी के चलते, वे अपने वर्कफोर्स को AI स्किल्स सिखाने पर पूरा ज़ोर दे रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिलहाल 2,17,000 से ज़्यादा कर्मचारी AI में स्किल्ड हो चुके हैं। नए रिक्रूटमेंट के लिए भी अब 'AI-first' अप्रोच अपनाया जा रहा है, जिसमें ट्रेडिशनल टेक ट्रेनिंग से आगे बढ़कर प्रैक्टिकल AI टूल्स का इस्तेमाल सिखाया जा रहा है।
नई ट्रेनिंग मेथड्स का बोलबाला
कंपनी ने अपने मॉडल को 'Learn-Practice-Deploy' से बदलकर 'Simulate-Solve-Deliver' कर दिया है। अब नए प्रोफेशनल्स असली बिजनेस प्रॉब्लम्स पर काम करते हैं और Copilot व ChatGPT जैसे AI टूल्स का इस्तेमाल सीखते हैं। एक इंटरनल AI कोच इसमें मदद करता है, जिससे वे जल्दी और बेहतर योगदान दे पाते हैं।
AI स्पेशलाइजेशन पर फोकस
पूरे IT Sector में, AI ट्रेनिंग का फोकस अब जनरल अवेयरनेस से हटकर स्पेशलाइज्ड स्किल्स जैसे प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग (Prompt Engineering), AI आर्किटेक्चर (AI Architecture) और इंडस्ट्री-स्पेसिफिक AI एप्लीकेशन्स (AI Applications) पर आ गया है। यह बदलाव कंपनियों को रेलेवेंट बने रहने और एडवांस्ड AI सॉल्यूशंस देने के लिए बेहद ज़रूरी है।
Infosys और Cognizant की AI ट्रेनिंग
Infosys ने फ्रेशर्स की ट्रेनिंग को AI-first पाथ में बांटा है - AI-Aware, AI Builders, और AI Masters। अब 90% से ज़्यादा एम्प्लॉइज AI-Aware हो चुके हैं। Cognizant भी कंपनी-वाइड AI फ्लूएंसी के लिए थ्री-वेक्टर स्ट्रैटेजी (Three-Vector Strategy) पर काम कर रही है और 3,30,000 से ज़्यादा एसोसिएट्स को ट्रेन कर चुकी है।
रिकॉर्ड-तोड़ अपस्किलिंग
Nasscom के अनुसार, इंडिया का IT Sector दुनिया के सबसे बड़े इन-सर्विस स्किलिंग प्रोग्राम्स में से एक चला रहा है। 20 लाख से ज़्यादा प्रोफेशनल्स को AI ट्रेनिंग मिल चुकी है, जिनमें से 2 लाख से 3 लाख लोगों ने एडवांस्ड AI स्किल्स हासिल की हैं। AI, साइबर सिक्योरिटी और क्लाउड जैसे सेक्टर्स में AI-रेडी टैलेंट की डिमांड लगातार हाई बनी हुई है।
रोज़मर्रा के काम में AI का इंटीग्रेशन
अब ट्रेडिशनल क्लासरूम ट्रेनिंग की जगह ऑन-द-जॉब, कंटीन्यूअस लर्निंग पर ज़्यादा ज़ोर है। इंटरनल AI प्लेटफॉर्म्स कर्मचारियों को क्लाइंट प्रोजेक्ट्स पर काम करते हुए सीखने का मौका दे रहे हैं। AI को अब कोडिंग से लेकर कंसल्टिंग तक, सभी IT सर्विसेज का एक फंडामेंटल लेयर माना जा रहा है, न कि कोई अलग से सीखी जाने वाली स्किल।