AI पर शक, तेल में उफान: टेक शेयरों में भारी गिरावट, कच्चा तेल $110 के पार!

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
AI पर शक, तेल में उफान: टेक शेयरों में भारी गिरावट, कच्चा तेल $110 के पार!
Overview

AI में भारी भरकम निवेश पर रिटर्न को लेकर निवेशकों की चिंताएं फिर बढ़ गई हैं, जिसके चलते टेक कंपनियों के शेयर धड़ाम हो गए। दूसरी ओर, जियो-पॉलिटिकल तनाव बढ़ने से कच्चा तेल **$110** प्रति बैरल के पार निकल गया है। अप्रैल की तेजी पर अब दोहरी मार पड़ रही है।

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AI निवेश पर शक से टेक शेयरों में बिकवाली

निवेशकों के बीच AI में हो रहे भारी-भरकम निवेश पर मुनाफे को लेकर शक गहराने लगा है, जिसके चलते टेक शेयरों में तेज बिकवाली देखी जा रही है। Nasdaq 100 futures में गिरावट के संकेत मिल रहे हैं, जो इस सेक्टर की हालिया तेजी पर ब्रेक लगने की ओर इशारा कर रहा है। इस गिरावट की एक बड़ी वजह यह खबर बताई जा रही है कि AI डेवलपर OpenAI अपने यूजर ग्रोथ और सेल्स के टारगेट को पूरा करने में नाकाम रहा है।

OpenAI के प्रभाव से SoftBank पर गिरी गाज

OpenAI में बड़ी हिस्सेदारी रखने वाली SoftBank Group Corp. के शेयर टोक्यो में 9.9% तक गिर गए। इस चिंता का असर उन दूसरी कंपनियों पर भी देखा गया जिनके OpenAI से मजबूत संबंध हैं, जैसे Oracle Corp., Advanced Micro Devices Inc. (AMD), और CoreWeave Inc.। इन कंपनियों के शेयरों में भी प्री-मार्केट ट्रेडिंग में गिरावट दर्ज की गई। यह टेक इकोसिस्टम की आपसी जुड़ाव और सिर्फ रेवेन्यू से आगे बढ़कर परफॉरमेंस मेट्रिक्स को लेकर निवेशकों की संवेदनशीलता को दर्शाता है।

जियो-पॉलिटिकल टेंशन से तेल की कीमतों में उफान

दूसरी ओर, Brent Crude ऑयल लगातार सातवें दिन ऊपर चढ़ा है और $110 प्रति बैरल का आंकड़ा पार कर गया है। हॉरमज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के आसपास बढ़ते तनाव के चलते ऑयल मार्केट में अनिश्चितता बढ़ गई है। व्हाइट हाउस ने संकेत दिया है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जल्द ही इस जलडमरूमध्य से जुड़े एक प्रस्ताव पर बात करेंगे, जिससे स्थिति और गंभीर हो सकती है। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें सीधे तौर पर महंगाई को बढ़ावा दे रही हैं।

बाजार पर दोहरा खतरा: महंगाई और टेक की चिंताएं

S&P 500 futures में भी गिरावट दर्ज की गई, जो wider market की घबराहट को दिखा रहा है। अप्रैल में Chipmakers ने S&P 500 में करीब 10% की तेजी लाने में अहम भूमिका निभाई थी, लेकिन अब यह रैली जांच के दायरे में है, खासकर जब प्रमुख टेक कंपनियों के earnings reports आने वाले हैं। एनालिस्ट्स कैपिटल स्पेंडिंग (capital spending) के ट्रेंड्स पर बारीकी से नजर रखे हुए हैं: अगर इसमें मंदी आती है तो यह निवेशकों को डरा सकता है, वहीं अगर इसमें तेज उछाल आता है तो भविष्य के रिटर्न पर सवाल खड़े हो सकते हैं।

यूरोप में महंगाई का बढ़ता दबाव

महंगाई को लेकर चिंताएं काफी ज्यादा हैं, खासकर यूरोप में, जहां बॉन्ड मार्केट को बड़ा नुकसान हुआ है। बढ़ते तेल की कीमतें इस डर को बढ़ा रही हैं कि महंगाई और तेज हो सकती है, जिससे सेंट्रल बैंक्स को अपनी मॉनेटरी पॉलिसी (monetary policy) कड़ी करनी पड़ सकती है। यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ECB) के एक सर्वे में उपभोक्ताओं ने अगले 12 महीनों में महंगाई दर 4% तक पहुंचने का अनुमान लगाया है, जो फरवरी के मुकाबले काफी ज्यादा है। फेडरल रिजर्व, ECB और बैंक ऑफ इंग्लैंड (Bank of England) की आगामी पॉलिसी मीटिंग्स के मद्देनजर, बाज़ारें फिलहाल दरों को स्थिर रखने की उम्मीद कर रही हैं। हालांकि, मिडिल ईस्ट संघर्ष की अवधि अनिश्चित बनी हुई है, ऐसे में, खासकर यूरोप में, ब्याज दरों में और बढ़ोतरी की संभावना बढ़ती जा रही है।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.