AI का मेमोरी मार्केट पर दबदबा
2026 में Artificial Intelligence (AI) की डिमांड मेमोरी मार्केट की दिशा तय कर रही है। डेटा सेंटर्स में AI ट्रेनिंग और इनफेरेंस के लिए हाई-बैंडविड्थ मेमोरी (HBM) और DDR5 जैसे एडवांस्ड DRAM की मांग तेजी से बढ़ रही है। SK Hynix, जो HBM मार्केट में 50% से अधिक हिस्सेदारी के साथ लीडर है, और Samsung Electronics जैसी बड़ी कंपनियां इन हाई-वैल्यू सेगमेंट्स पर पूरा ध्यान दे रही हैं। इस बदलाव का मतलब है कि कंज्यूमर डिवाइसेज में इस्तेमाल होने वाले स्टैंडर्ड DRAM और NAND फ्लैश के लिए उत्पादन कैपेसिटी कम आवंटित की जा रही है। Trendforce के अनुसार, 2026 की पहली तिमाही (Q1) में DRAM कॉन्ट्रैक्ट कीमतों में 90-95% की भारी उछाल के बाद, दूसरी तिमाही (Q2) में यह 58-63% तक बढ़ सकती हैं। हालांकि, साल की दूसरी छमाही में वृद्धि की रफ्तार घटकर 5-20% रह सकती है, लेकिन कीमतें पहले से ही ऊंचे स्तर पर बनी रहेंगी। Micron Technology भी अपने HBM की मजबूत मांग देख रही है और उसने कैलेंडर वर्ष के लिए अपनी HBM सप्लाई पूरी तरह बेच दी है।
कंज्यूमर टेक की कीमतों में भारी इजाफा
AI के कारण क्षमता के पुनर्वितरण का सीधा असर कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर पर पड़ रहा है। Gartner का अनुमान है कि 2026 के अंत तक DRAM और SSD की कीमतों में संयुक्त रूप से 130% का उछाल आ सकता है। इसके परिणामस्वरूप, PCs की कीमतों में 17% और स्मार्टफोन्स की कीमतों में 13% की बढ़ोतरी होगी। नतीजतन, 2026 में PC शिपमेंट्स में 10.4% और स्मार्टफोन शिपमेंट्स में 8.4% की गिरावट आने का अनुमान है। IDC का पूर्वानुमान तो और भी गंभीर है, जो PCs में 11.3% और स्मार्टफोन्स में 12.9% की बड़ी गिरावट की उम्मीद कर रहा है। एंट्री-लेवल PC मार्केट को बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि विक्रेता कम मार्जिन वाले डिवाइसेज पर बढ़ती कंपोनेंट लागत को झेल नहीं पा रहे हैं। ऐसे में, खरीदारों से उम्मीद की जा रही है कि वे अपने मौजूदा डिवाइसेज का इस्तेमाल लंबे समय तक करेंगे।
AI दिग्गज लॉन्ग-टर्म डील्स से कर रहे मेमोरी सप्लाई सुरक्षित
मार्केट की तंगी ने सौदे करने के तरीके को बदल दिया है। पिछली मंदी के विपरीत, जब ग्राहक अक्सर लॉन्ग-टर्म एग्रीमेंट्स (LTAs) को तोड़ देते थे, अब मेमोरी मैन्युफैक्चरर्स डील्स की शर्तें तय कर रहे हैं और ग्राहक खुद मल्टी-ईयर डील्स की तलाश में हैं। Microsoft और Google जैसे AI दिग्गज Samsung और SK Hynix के साथ HBM और स्टैंडर्ड DRAM की आपूर्ति सुरक्षित करने के लिए पांच साल तक के LTAs पर बातचीत कर रहे हैं। Micron ने भी अपना पहला पांच-साला एग्रीमेंट साइन किया है। यह सब सप्लायर्स को बड़े फैक्ट्री विस्तार के लिए जरूरी अनुमानित रेवेन्यू प्रदान कर रहा है, जिससे मेमोरी एक वोलेटाइल कमोडिटी से हाइपरस्केलर्स के लिए अधिक सुरक्षित, हालांकि महंगी, रिसोर्स बन गई है।
पुरानी DDR4 मेमोरी की कीमतों में भी तगड़ा उछाल
पुरानी DDR4 मेमोरी की कीमतों में प्रतिशत वृद्धि, DDR5 से भी आगे निकल गई है। ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि मैन्युफैक्चरर्स अधिक लाभदायक AI मेमोरी के उत्पादन के लिए DDR4 का प्रोडक्शन बंद कर रहे हैं। पिछले साल में DDR4 स्पॉट प्राइसेस में 2,200% से अधिक का उछाल आया है, जबकि DDR5 में 600% की बढ़ोतरी हुई है। DDR4 की सप्लाई अब मुख्य रूप से Nanya Technology और Winbond जैसी कंपनियों के पास केंद्रित है।
चीन की चिप महत्वाकांक्षाओं पर पाबंदियां
इस बीच, YMTC और CXMC जैसे चीनी मैन्युफैक्चरर्स NAND और DRAM कैपेसिटी का विस्तार कर रहे हैं और मार्केट शेयर बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। YMTC नई फैक्ट्रियों के साथ अपना उत्पादन दोगुना करने की योजना बना रहा है। हालांकि, इन प्रयासों में अमेरिकी एक्सपोर्ट रिस्ट्रिक्शन्स और चीन की चिप निर्माण उपकरणों तक पहुंच को सीमित करने के प्रस्तावित नियमों जैसी बाधाएं आ रही हैं।
सप्लाई की कमी और भू-राजनीतिक जोखिम जारी
कीमत वृद्धि की रफ्तार में नरमी के बावजूद, सप्लाई और डिमांड का असंतुलन बना हुआ है। नई मेमोरी फैब्रिकेशन कैपेसिटी के 2027 के अंत या 2028 की शुरुआत से पहले आने की उम्मीद नहीं है, जिसका मतलब है कि उपभोक्ताओं को इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए ऊंची कीमतें चुकानी पड़ेंगी। भू-राजनीतिक तनाव, विशेष रूप से अमेरिका-चीन व्यापार संबंध और एक्सपोर्ट कंट्रोल, सप्लाई चेन और चीनी मैन्युफैक्चरर्स के विस्तार के लिए एक महत्वपूर्ण जोखिम पैदा करते हैं। यदि AI एडॉप्शन या डेटा सेंटर निर्माण में अप्रत्याशित रूप से मंदी आती है, तो LTAs से उच्च कीमतें हाइपरस्केलर्स पर भारी पड़ सकती हैं, हालांकि सप्लायर्स मांग में बदलाव के कारण मंदी से निपटने के लिए अब बेहतर स्थिति में हैं। ताइवान में केंद्रित एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री के लिए विफलता का एक सिंगल पॉइंट ऑफ फेलियर (single point of failure) जोखिम भी पैदा करता है।