AI की दौड़ में PC कंपोनेंट्स हुए महंगे
दुनियाभर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते इस्तेमाल ने कंप्यूटर मेमोरी चिप्स की कीमतों को आसमान पर पहुंचा दिया है। इस 'AI आर्म्स रेस' की वजह से खास तरह की हाई-बैंडविड्थ मेमोरी (HBM) चिप्स की डिमांड इतनी बढ़ गई है कि कंपनियां आम कंज्यूमर्स के लिए बनने वाले DRAM और NAND चिप्स का प्रोडक्शन कम कर रही हैं। यही वजह है कि PC कंपोनेंट्स की सप्लाई में भारी कमी आ गई है और उनकी कीमतें तीन गुना तक बढ़ गई हैं।
कस्टम PC बिल्डर्स पर टूटा 'कीमतों का पहाड़'
AI की इस मार का असर सीधे कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स पर दिख रहा है। कस्टम PC बनाने वाली कंपनी Falcon Northwest के मालिक Kelt Reeves के मुताबिक, 'गर्मी के आखिर से मेमोरी चिप्स की लागत तीन गुना बढ़ गई है।' इस वजह से उनकी कंपनी को हाई-परफॉरमेंस PCs की कीमत ₹5,800 से बढ़ाकर ₹7,000 से भी ज्यादा करनी पड़ी है। यह सिर्फ एक कंपनी की कहानी नहीं है, बल्कि पूरे PC मार्केट में ऐसी ही महंगाई देखने को मिल रही है। यहां तक कि Microsoft के CFO ने भी मेमोरी की बढ़ती कीमतों के चलते PC रेवेन्यू में गिरावट की आशंका जताई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सितंबर की शुरुआत में करीब $105 के RAM मॉड्यूल दिसंबर तक $250 तक पहुंच गए हैं, जो कि कीमतों में आई भारी उछाल को दर्शाता है।
मेमोरी मार्केट का स्ट्रक्चरल चेंज
यह सिर्फ एक साइक्लिकल (cyclical) तेजी नहीं है, बल्कि मेमोरी चिप्स बनाने वाली बड़ी कंपनियां जैसे Samsung Electronics, SK Hynix और Micron Technology अब AI डेटा सेंटर मार्केट पर ज्यादा फोकस कर रही हैं। इसी स्ट्रैटेजिक बदलाव के चलते कंज्यूमर-ग्रेड चिप्स का प्रोडक्शन घट रहा है। Micron Technology ने तो अपने डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर बिजनेस 'Crucial' को बंद करने का फैसला किया है, ताकि वे बड़े और तेजी से बढ़ते AI कस्टमर्स को बेहतर ढंग से सर्व कर सकें।
भविष्य का अनुमान: कब मिलेगी राहत?
इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का मानना है कि मेमोरी चिप्स की यह कमी जल्द खत्म होने वाली नहीं है। अनुमान है कि 2026 की पहली तिमाही (Q1 2026) में PC DRAM की कीमतें 105-110% तक बढ़ सकती हैं, और NAND की कीमतों में भी अच्छी-खासी बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। IDC की रिपोर्ट के मुताबिक, 2026 में DRAM और NAND की सप्लाई ग्रोथ ऐतिहासिक औसत से कम रहने की उम्मीद है। PC वेंडर्स पहले से ही कीमतों में 15-20% तक की बढ़ोतरी का संकेत दे रहे हैं।
कुल मिलाकर, AI की डिमांड के कारण मेमोरी चिप्स की सप्लाई में जो कमी आई है, उससे PC और अन्य कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स की कीमतें 2027 तक या उसके बाद ही सामान्य होने की उम्मीद है। यानी, आने वाले समय में आपको अपना PC अपग्रेड करने के लिए ज्यादा जेब ढीली करनी पड़ सकती है।