AI की बहार, तेल में उबाल: एशियाई शेयर बाजार की तूफानी रफ्तार!

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
AI की बहार, तेल में उबाल: एशियाई शेयर बाजार की तूफानी रफ्तार!
Overview

एशियाई शेयर बाजारों ने रिकॉर्ड ऊंचाई से थोड़ी नरमी दिखाई, लेकिन AI से चलने वाली डिमांड, खासकर Samsung और SK Hynix जैसे चिपमेकर्स के सपोर्ट से ये मजबूती पर रहे। इस बीच, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने कच्चे तेल की कीमतों को **$101** प्रति बैरल के पार पहुंचा दिया।

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दुनिया भर के बाजारों में इस वक्त दो बड़ी ताकतें हावी हैं – एक तरफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की जबरदस्त डिमांड, जो एशियाई टेक शेयरों को नई ऊंचाई पर ले जा रही है, और दूसरी तरफ अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव से भड़का कच्चे तेल का बाजार।

AI की डिमांड से टेक सेक्टर में ग्रोथ

शुक्रवार को रिकॉर्ड ऊंचाई से थोड़ी गिरावट के बावजूद, एशियाई शेयर बाजार, खासकर साउथ कोरिया का KOSPI, इस हफ्ते बड़ी बढ़त के लिए तैयार है। इस तेजी का मुख्य कारण AI से जुड़ी टेक्नोलॉजी और चिप बनाने वाली कंपनियों की लगातार बढ़ती मांग है। SK Hynix और Samsung Electronics इस दौड़ में सबसे आगे हैं, जिससे KOSPI इंडेक्स 2008 के बाद अपनी सबसे बड़ी साप्ताहिक बढ़त दर्ज करने की राह पर है। ताइवान के बेंचमार्क इंडेक्स ने भी AI इंफ्रास्ट्रक्चर में भारी निवेश के चलते मजबूत साप्ताहिक ग्रोथ दिखाई है।

Goldman Sachs का अनुमान है कि 2026 के अंत तक AI से जुड़ा हार्डवेयर रेवेन्यू $700 बिलियन से अधिक हो सकता है। उन्होंने ग्लोबल सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री के लिए इस साल 49% रेवेन्यू ग्रोथ का अनुमान लगाया है। यह इंडस्ट्री 2025 में लगभग $793 बिलियन का रेवेन्यू कमा सकती है, जिसमें AI कंपोनेंट्स का हिस्सा एक तिहाई के करीब होगा।

भू-राजनीतिक तनाव ने बढ़ाई तेल की कीमतें

दूसरी तरफ, पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच हुई गोलीबारी के बाद शुक्रवार को ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) फ्यूचर्स 1.3% बढ़कर $101.43 प्रति बैरल पर पहुंच गया। इस घटना ने एक महीने के सीजफायर का परीक्षण किया, हालांकि दोनों पक्षों ने तनाव कम करने की इच्छा जताई है।

ऐतिहासिक रूप से, ऊर्जा उत्पादक क्षेत्रों में भू-राजनीतिक संघर्षों के कारण तेल की कीमतों में $5-15 प्रति बैरल का रिस्क प्रीमियम जुड़ जाता है। यह स्थिति 2019 में हुए टैंकर हमलों जैसी पुरानी घटनाओं की याद दिलाती है, जिनसे कीमतों में तुरंत उछाल आया था।

हालांकि बाजार इस मौजूदा संघर्ष के सीमित प्रभाव का अनुमान लगा रहा है, लेकिन तेल की बढ़ी हुई कीमतें महंगाई को लेकर चिंताएं बढ़ा सकती हैं और अर्थव्यवस्था पर दबाव डाल सकती हैं। पुराने आंकड़ों के अनुसार, तेल की कीमतों में तेज उछाल और मंदी के बीच एक संबंध देखा गया है।

सप्लाई चेन की चुनौतियों का सामना कर रही टेक कंपनियां

सॉफ्टबैंक ग्रुप (SoftBank Group) के शेयर गिर गए, क्योंकि उसकी मेजोरिटी होल्ड वाली कंपनी Arm Holdings ने अपने नए AI चिप्स के लिए सप्लाई चेन को सुरक्षित करने में संभावित मुश्किलों की चेतावनी दी है। यह AI हार्डवेयर इकोसिस्टम में एक संभावित रुकावट को उजागर करता है।

SK Hynix, एक प्रमुख मेमोरी चिप सप्लायर, का मौजूदा 12 महीने का P/E रेश्यो लगभग 10.47 है। वहीं, सॉफ्टबैंक ग्रुप का P/E रेश्यो करीब 9.17 है। Samsung Electronics और Arm Holdings के विशिष्ट P/E रेश्यो तुरंत उपलब्ध नहीं थे।

करेंसी मार्केट स्थिर, निवेशक Jobs Data का इंतजार

करेंसी मार्केट में ज्यादातर स्थिरता रही। अमेरिकी डॉलर हाल की गिरावट से उबर गया, जबकि जापानी येन (Yen) में सरकारी हस्तक्षेप की अटकलों के चलते फोकस बना रहा, जिससे USD/JPY 156.88 के करीब कारोबार कर रहा था।

चीन का युआन (Yuan) डॉलर के मुकाबले थोड़ा ऊपर चढ़ा, जो करीब 6.81 युआन प्रति डॉलर के स्तर पर कारोबार कर रहा था, जो कुछ समय से इसकी सबसे मजबूत स्थिति है। निवेशक अप्रैल के लिए अमेरिकी नॉन-फार्म पेरोल (US Non-farm Payrolls) रिपोर्ट का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। अर्थशास्त्रियों का अनुमान है कि मार्च के 178,000 के मुकाबले यह आंकड़ा 62,000 नई नौकरियों तक धीमा हो जाएगा।

यूके की लेबर पार्टी के स्थानीय चुनावों में खराब प्रदर्शन ने अनिश्चितता पैदा की है, जो अतिरिक्त राजनीतिक जोखिम के कारण गिल्ट मार्केट पर दबाव डाल सकती है। ऑस्ट्रेलियाई 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड बढ़कर 4.99% हो गया, जो शायद बढ़ी हुई तेल कीमतों से जुड़ी महंगाई की चिंताओं को दर्शाता है।

सप्लाई चेन के जोखिम और भू-राजनीतिक तनाव

AI की डिमांड की मजबूती को अब सप्लाई चेन के मोर्चे पर भी परखा जा रहा है। Arm Holdings की चेतावनी, भले ही अस्थायी हो, कमजोरियों को उजागर करती है।

अगर पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव बढ़ता है, तो ऊर्जा और शिपिंग को प्रभावित करने वाली सप्लाई चेन में और अधिक व्यवधान आ सकते हैं, जिसका असर चिप मैन्युफैक्चरिंग और व्यापक अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा।

बाजार की मौजूदा सोच यह है कि जल्द ही तनाव कम हो जाएगा; लेकिन एक लंबा संघर्ष तेल की कीमतों में और बड़ी उछाल ला सकता है, महंगाई को बढ़ा सकता है और संभावित रूप से व्यापक आर्थिक संकुचन का कारण बन सकता है – जैसा कि दशकों पहले के रुझानों में देखा गया है।

SK Hynix और Samsung जैसी प्रमुख चिपमेकर्स को AI डिमांड से लाभ के बावजूद, तीव्र प्रतिस्पर्धा और लीडरशिप के लिए आवश्यक भारी पूंजीगत व्यय से चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री एक संरचनात्मक बदलाव का सामना कर रही है: उच्च-मूल्य वाली AI चिप्स रेवेन्यू बढ़ा रही हैं, लेकिन यूनिट वॉल्यूम का एक छोटा हिस्सा बनाती हैं। यह मूल्य निर्धारण की गतिशीलता मांग में बदलाव या बढ़ती प्रतिस्पर्धा के प्रति संवेदनशील हो सकती है।

आगे क्या? डेटा और भू-राजनीति तय करेंगे बाजार की चाल

सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री से मजबूत ग्रोथ जारी रहने की उम्मीद है, अनुमान है कि 2026 तक वार्षिक बिक्री $975 बिलियन तक पहुंच सकती है, जिसका मुख्य कारण जेनरेटिव AI चिप्स होंगे, जो ग्लोबल चिप बिक्री का लगभग आधा हिस्सा हासिल करने की उम्मीद है।

हालांकि, तात्कालिक भविष्य पश्चिम एशिया की भू-राजनीतिक स्थिति और अमेरिकी नॉन-फार्म पेरोल रिपोर्ट पर निर्भर करता है। किसी भी निरंतर संघर्ष के संकेत या उम्मीद से कमजोर अमेरिकी नौकरी वृद्धि बाजार की धारणा को बदल सकती है, AI-संचालित आशावाद को कम कर सकती है और ऊर्जा, प्रौद्योगिकी और व्यापक वैश्विक अर्थव्यवस्था में परस्पर जुड़े जोखिमों को उजागर कर सकती है।

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