Indian IT Stocks: AI डील्स में रिकॉर्ड उछाल, पर Jobs और Valuations के डर से शेयरों में भारी गिरावट

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AuthorAditya Rao|Published at:
Indian IT Stocks: AI डील्स में रिकॉर्ड उछाल, पर Jobs और Valuations के डर से शेयरों में भारी गिरावट
Overview

भारतीय IT कंपनियों के लिए फरवरी का महीना डील्स के लिहाज़ से तो शानदार रहा, लेकिन शेयर बाजार में इन कंपनियों के स्टॉक्स में भारी गिरावट देखी गई। ग्लोबल IT सर्विसेज़ डील साइनिंग में पिछले **5** महीनों का रिकॉर्ड टूटा, लेकिन इस सबके बावजूद Nifty IT इंडेक्स पिछले महीने **15.84%** तक लुढ़क गया।

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डील्स का अंबार, फिर भी IT स्टॉक्स में सुनामी!

जनवरी में ग्लोबल IT सर्विसेज़ डील साइनिंग में पिछले 5 महीनों का सबसे बड़ा उछाल देखा गया। भारतीय IT फर्म्स Coforge और LTIMindtree ने जहां हर एक ने 2-2 सौदे हासिल किए, वहीं अमेरिकी कंपनी Cognizant ने 3 सौदे अपने नाम किए। AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) में बढ़ती पार्टनरशिप्स और नए प्रोजेक्ट्स की पाइपलाइन मजबूत होने के बावजूद, शेयर बाजार में इन कंपनियों के स्टॉक्स में भारी बिकवाली देखने को मिली। Nifty IT इंडेक्स पिछले महीने 15.84% गिर गया और इस साल अब तक यह 20.7% का गोता लगा चुका है।

AI पार्टनरशिप्स से सेक्टर में तेज़ी की उम्मीद

जनवरी में एंटरप्राइज़ सॉल्यूशंस में AI को शामिल करने की रेस तेज़ हुई। ग्लोबल IT सर्विसेज़ फर्म्स ने Google Cloud, Microsoft और OpenAI जैसी बड़ी टेक कंपनियों के साथ AI क्षमताओं को बढ़ाने और AI-संचालित बदलावों को तेज़ी से लाने के लिए कई पार्टनरशिप्स कीं। Cognizant ने Google Cloud, Palantir और Uniphore के साथ हाथ मिलाया, जबकि Capgemini ने OpenAI, Microsoft और Google Cloud के साथ। भारतीय IT दिग्गजों ने भी AI पार्टनरशिप्स की: TCS ने Honeywell, AMD, GitLab और ServiceNow के साथ; Infosys ने Anthropic के साथ AI सॉल्यूशंस के लिए; और HCLTech ने Cisco के साथ AI कॉन्टैक्ट सेंटर सॉल्यूशन और Nvidia के साथ VisionX 2.0 प्लेटफॉर्म पेश किया। Coforge ने अपने CodeInsightAI प्लेटफॉर्म में नई AI क्षमताएं जोड़ीं। यह AI सहयोग सेक्टर की रणनीतिक दिशा को दर्शाता है, जिसका लक्ष्य जनरेटिव AI का उपयोग ऑटोमेशन और इनोवेशन के लिए करना है।

डील्स में तेज़ी, पर शेयर क्यों गिरे? AI का valuation पहेली

भारी संख्या में डील्स मिलने और मजबूत AI पार्टनरशिप्स के बावजूद, भारतीय IT स्टॉक्स के Valuation में गिरावट आई है। Coforge के शेयर 26.5%, Infosys 13.69%, TCS 16.15% और HCLTech 13.57% पिछले महीने गिरे। इस भारी गिरावट की जड़ें निवेशकों की उन चिंताओं में हैं कि AI पारंपरिक जॉब्स को खत्म कर सकता है, जिससे रेवेन्यू मॉडल और लंबे समय की ग्रोथ पर असर पड़ सकता है। एनालिस्ट्स का अनुमान है कि AI से IT सर्विसेज़ की कीमतों और प्रति कर्मचारी रेवेन्यू में 14% से 16% तक की कमी आ सकती है। भले ही डील्स की साइनिंग 5 महीने के उच्च स्तर पर है, लेकिन AI से होने वाले संभावित व्यवधान का डर, वर्तमान व्यावसायिक जीत पर भारी पड़ रहा है, जिससे IT स्टॉक्स के Valuation में भारी गिरावट आई है। उदाहरण के लिए, Infosys का P/E लगभग 19.03, HCLTech का 21.4, TCS का 19.07, Coforge का 29.86, और LTIMindtree का 27.10 है। ये Valuation अपने 5 साल के निचले स्तरों या औसत P/E रेश्यो के करीब हैं।

निवेशक क्यों चिंतित हैं: AI का व्यवधान और Valuation पर असर

एक बड़ी चिंता यह है कि AI कैसे मानव श्रमिकों की आवश्यकता को कम कर सकता है, जिससे प्रति कर्मचारी रेवेन्यू और प्रोजेक्ट लागत पर असर पड़ेगा। कुछ एनालिस्ट्स का अनुमान है कि इससे बड़ी फर्मों के प्रति शेयर आय (EPS) में 10% तक की कमी आ सकती है। अगर AI को तेज़ी से अपनाया गया, तो पारंपरिक IT सर्विसेज़ पर 20-50% तक का डिफ्लेशनरी (मंदी लाने वाला) प्रभाव पड़ सकता है। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और भू-राजनीतिक तनाव भी क्लाइंट्स के IT खर्च को प्रभावित कर रहे हैं। फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (FIIs) ने 2025 में भारतीय IT स्टॉक्स में लगभग $8.5 बिलियन की बिकवाली की, जो व्यापक सावधानी का संकेत देता है। Cognizant (P/E लगभग 14.12) और Capgemini (P/E 11.6x से 15.12x) जैसे ग्लोबल साथियों की तुलना में, अधिकांश भारतीय IT फर्म ज़्यादा महंगी दिखती हैं। Coforge का P/E लगभग 30 है, जो एक वैल्यूएशन प्रीमियम दिखाता है। यह प्रीमियम तब तक टिकाऊ नहीं हो सकता जब तक AI के प्रभाव से रेवेन्यू ग्रोथ धीमी न पड़ जाए। Infosys की पिछली तिमाही में 3.5% ईयर-ओवर-ईयर रेवेन्यू गिरावट और गिरते ऑपरेटिंग मार्जिन भी व्यावसायिक चुनौतियों का संकेत देते हैं।

आगे क्या: गाइडेंस और AI को लेकर स्पष्टता ज़रूरी

FY27 के लिए Infosys और HCLTech जैसे बड़े IT प्लेयर्स से आने वाला गाइडेंस निवेशक भावना के लिए महत्वपूर्ण होगा। HSBC का मानना है कि कंपनियां आशावादी 'बीट-एंड-रेज़' पूर्वानुमानों से हटकर ज़्यादा जमीनी गाइडेंस पेश करेंगी, जो मैनेजमेंट के बदलावों से निपटने के आत्मविश्वास का संकेत दे सकता है। मज़बूत अमेरिकी कॉर्पोरेट आय एक सकारात्मक मैक्रो बैकड्रॉप प्रदान करती है, लेकिन AI को अपनाने की अनिश्चितता और सेवाओं पर इसके वास्तविक प्रभाव के बारे में संदेह, क्लाइंट्स को खर्च रोकने पर मजबूर कर सकता है। सेक्टर को टेस्टिंग से परे AI के व्यावहारिक उपयोग दिखाने होंगे और बिज़नेस मॉडल्स को अनुकूलित करने की स्पष्ट योजनाएं पेश करनी होंगी ताकि निवेशकों का विश्वास फिर से जीता जा सके और वर्तमान Valuations को सही ठहराया जा सके। ज़्यादातर एनालिस्ट्स इन स्टॉक्स को 'होल्ड' (Hold) रेटिंग दे रहे हैं, जबकि कुछ LTIMindtree के लिए 'बाय' (Buy) की सलाह दे रहे हैं, लेकिन कुल मिलाकर सावधानी का माहौल बना हुआ है।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.