AI इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़ा कदम: AMD और Meta की धमाकेदार पार्टनरशिप
यह एक ऐतिहासिक डील है जहाँ Advanced Micro Devices (AMD) Meta Platforms को अगले 5 सालों में 6 गीगावाट तक AI चिप सप्लाई करेगा। इस समझौते के तहत, Meta के पास AMD के 160 मिलियन शेयर खरीदने का विकल्प भी होगा। AMD के CEO Lisa Su के अनुसार, इस डील का पोटेंशियल 100 अरब डॉलर से भी ज़्यादा हो सकता है, क्योंकि प्रति गीगावाट 'डबल-डिजिट अरबों' डॉलर का रेवेन्यू मिल सकता है।
Meta का यह कदम AI डेवलपमेंट को तेज़ करने और चिप सप्लायर के तौर पर Nvidia पर निर्भरता कम करने की रणनीति का हिस्सा है। इस डील में कस्टम AMD Instinct GPUs शामिल होंगे, जो MI450 आर्किटेक्चर पर आधारित होंगे और 2026 की दूसरी छमाही से इनकी शिपमेंट शुरू हो सकती है। इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह AMD के लिए एक बड़ी जीत है, खासकर Nvidia जैसी कंपनियों के मुकाबले। यह AI इंफ्रास्ट्रक्चर में हो रहे भारी निवेश को भी दर्शाता है, जिसके तहत इस साल सिर्फ हाइपरस्केलर्स 135 अरब डॉलर खर्च करने वाले हैं।
चीन-जापान तनाव और ग्लोबल मार्केट की चाल
जहां एक तरफ टेक सेक्टर में खुशियों की लहर है, वहीं दूसरी ओर चीन और जापान के बीच भू-राजनीतिक तनाव गहरा गया है। चीन ने राष्ट्रीय सुरक्षा के हवाला देते हुए जापान की 40 कंपनियों पर एक्सपोर्ट बैन लगा दिया है। इनमें Mitsubishi Heavy Industries और Subaru Corporation जैसी बड़ी कंपनियां शामिल हैं। यह कदम जापान के कुछ स्टेटमेंट्स के बाद उठाया गया है, जिससे दोनों देशों के बीच कूटनीतिक तल्खी बढ़ गई है।
इस तनाव के बावजूद, जापान का Nikkei 225 इंडेक्स रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गया। इसकी मुख्य वजह कमजोर येन (Yen) रही, जिसने जापानी एक्सपोर्टर्स को फायदा पहुंचाया। USD/JPY की जोड़ी लगभग 155.60 पर ट्रेड कर रही थी। Honda Motor Co. और Panasonic Corp. जैसी कंपनियों को भी इससे फायदा मिला। एशिया के अन्य बाजारों में भी तेजी देखने को मिली: ऑस्ट्रेलिया का S&P/ASX 200 1.1%, साउथ कोरिया का Kospi 1.7%, हांगकांग का Hang Seng 0.3%, और शंघाई कंपोजिट 0.7% ऊपर बंद हुए।
चुनौतियां और जोखिम
चीन द्वारा जापानी कंपनियों पर लगाए गए एक्सपोर्ट बैन से सप्लाई चेन में बाधा आ सकती है और दोनों देशों के आर्थिक संबंधों में और तनाव बढ़ सकता है। Subaru और Mitsubishi जैसी कंपनियां सीधे तौर पर प्रभावित हो सकती हैं। इसके अलावा, AI सेक्टर में वैल्यूएशन को लेकर भी चिंताएं बनी हुई हैं। Nvidia जैसे स्थापित खिलाड़ियों और नए AI डेवलपर्स के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा के चलते ओवरसप्लाई या उम्मीद से धीमी ग्रोथ का जोखिम बना हुआ है। Meta की अपनी मल्टी-सोर्सिंग और इन-हाउस चिप बनाने की रणनीति का मतलब है कि AMD के लिए भी एकाधिकार बनाए रखना मुश्किल होगा।
आगे क्या?
फरवरी में अमेरिकी कंज्यूमर कॉन्फिडेंस इंडेक्स थोड़ा सुधरकर 91.2 पर पहुंचा, लेकिन भविष्य को लेकर उम्मीदें अभी भी मंदी की ओर इशारा कर रही हैं। 10-ईयर ट्रेजरी यील्ड लगभग 4.05% पर बनी हुई है। भू-राजनीतिक तनावों और सप्लाई संबंधी चिंताओं के चलते कच्चे तेल की कीमतें बढ़कर ब्रेंट क्रूड 71.22 डॉलर प्रति बैरल और WTI 66.08 डॉलर प्रति बैरल पर हैं। एनालिस्ट AI सेक्टर को लेकर सतर्कता के साथ आशावादी हैं, लेकिन उन्हें प्रतिस्पर्धा और वैल्यूएशन की चिंताओं पर भी बारीकी से नजर रखने की जरूरत है।