AI और तनाव कम होने की उम्मीदों से बाज़ार में बहार
बाज़ार में आई इस ऐतिहासिक तेजी के पीछे दो बड़े फैक्टर रहे: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टेक्नोलॉजी की ताबड़तोड़ मांग और अमेरिका-ईरान के बीच तनाव कम होने की उम्मीदें। जहां एक तरफ शेयर रॉकेट की तरह भागे, वहीं दूसरी तरफ कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में भारी गिरावट देखी गई।
AI का जलवा, सेमीकंडक्टर सेक्टर में तूफानी तेजी
सेमीकंडक्टर सेक्टर में तो जैसे बहार आ गई, खासकर AI चिप्स बनाने वाली कंपनी Advanced Micro Devices (AMD) के शेयरों में। पहली तिमाही 2026 के नतीजों के बाद AMD के शेयर लगभग 18.6% उछलकर अपने ऑल-टाइम हाई पर पहुंच गए। कंपनी ने $10.3 बिलियन का रेवेन्यू दर्ज किया, जो पिछले साल के मुकाबले 38% ज्यादा है। इसके डेटा सेंटर डिवीजन ने अकेले $5.8 बिलियन का कारोबार किया, जिसमें 57% की जबरदस्त ग्रोथ रही। AMD ने दूसरी तिमाही के लिए $11.2 बिलियन के रेवेन्यू का अनुमान दिया है, जो AI एक्सेलेरेटर और सर्वर CPUs की मजबूत मांग की ओर इशारा करता है। AMD की इस परफॉर्मेंस ने Intel और Nvidia जैसी दूसरी चिप कंपनियों को भी फायदा पहुंचाया, जिससे PHLX चिप इंडेक्स 4.5% चढ़ गया।
जियोपॉलिटिकल टेंशन में कमी से तेल सस्ता, शेयर चढ़े
उधर, अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे विवाद के शांतिपूर्ण समाधान की उम्मीदों ने एनर्जी मार्केट में हलचल मचा दी। Brent क्रूड ऑयल फ्यूचर लगभग 7.8% गिरकर $101.27 प्रति बैरल पर आ गए, जो पिछले दो हफ्तों का सबसे निचला स्तर है। माना जा रहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से सप्लाई बाधित होने का खतरा कम हो गया है। U.S. West Texas Intermediate (WTI) क्रूड में भी करीब 7% की गिरावट आई। जियोपॉलिटिकल टेंशन कम होने से दुनिया भर के इक्विटी मार्केट में तेजी देखी गई। अमेरिका के प्रमुख इंडेक्स Dow Jones Industrial Average 1.2%, S&P 500 1.5%, और Nasdaq Composite 2.0% बढ़कर नई रिकॉर्ड ऊंचाई पर बंद हुए। यूरोप का STOXX 600 इंडेक्स 2.2% और MSCI All-Country World Index 1.64% चढ़ा। इस मौके पर डॉलर कमजोर हुआ और जापानी येन मजबूत हुआ, जो निवेशकों के रिस्क लेने की क्षमता बढ़ने का संकेत है।
हाई वैल्यूएशन की चिंता और अतीत की आहट
फिलहाल बाज़ार भविष्य की ग्रोथ, खासकर AI सेक्टर में, बहुत ऊंची कीमत चुकाने को तैयार है। AMD का P/E रेश्यो पिछले साल 116x से 137x के बीच रहा, जो कंपनी से बहुत तेज ग्रोथ की उम्मीद दिखाता है। इसका फॉरवर्ड P/E रेश्यो करीब 51.80x है, जो सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री के औसत 34.71x से काफी ऊपर है। Nvidia, जो AI चिप मार्केट में एक अहम खिलाड़ी है, के शेयर भी बढ़े, जो इस सेक्टर में व्यापक मजबूती का संकेत है। Samsung Electronics जैसे टेक हार्डवेयर कंपनियों का P/E रेश्यो करीब 32.36x है। कुछ विश्लेषकों ने इसे 'काफी महंगा' (Significantly Overvalued) करार दिया है।
ऐतिहासिक तौर पर, मध्य पूर्व में तनाव कम होने की उम्मीदें अक्सर झूठी साबित हुई हैं। पहले भी ऐसे मौके आए हैं जब शांति की उम्मीदें टूटीं और तेल की कीमतों में फिर उछाल आया। इस साल S&P 500 लगभग 7.6% और Nasdaq 11% बढ़ चुका है। कुछ मार्केट वॉचर्स इस तेजी की तुलना डॉट-कॉम बबल से कर रहे हैं, और वे किसी स्थिर आर्थिक मंदी के स्पष्ट संकेतों का इंतजार कर रहे हैं।
बाज़ार के लिए बने हुए हैं जोखिम
इन सकारात्मक संकेतों के बावजूद, बाज़ार के लिए कई बड़े जोखिम बने हुए हैं। AMD का हाई वैल्यूएशन कोई गलती बर्दाश्त नहीं करेगा, खासकर जब Nvidia AI चिप मार्केट का नेतृत्व कर रही है। अमेरिका के एक्सपोर्ट कंट्रोल नियम भी AMD की इंटरनेशनल बिक्री के लिए एक बड़ा खतरा हैं।
ईरान के साथ शांति वार्ता, जो फिलहाल बाज़ार को सहारा दे रही है, एक ऐसे मेमोरेंडम पर आधारित बताई जा रही है जो अभी फाइनल नहीं हुआ है। ऐतिहासिक उतार-चढ़ाव इस बात का संकेत देते हैं कि स्थिति अभी भी अनिश्चित है। राष्ट्रपति ट्रम्प की हालिया चेतावनियां भी इस नाजुकता को दर्शाती हैं।
बाज़ार का यह ट्रेंड कि अटकलों भरी खबरों के आधार पर शेयर खरीदे जा रहे हैं, बिना पूरी पुष्टि के, बाज़ार को कमजोर बना सकता है। Samsung Electronics का वैल्यूएशन, जिसे कुछ पैमानों पर 'काफी महंगा' कहा गया है, इस चिंता को बढ़ाता है कि टेक सेक्टर की यह तेजी कहीं बहुत ज़्यादा न हो जाए। Intel का मिला-जुला प्रदर्शन, जिसमें निगेटिव या बहुत हाई P/E रेश्यो दिख रहे हैं, चिप इंडस्ट्री में असमान ट्रेंड को दिखाता है।
एनालिस्ट्स की राय और बाज़ार का आउटलुक
जानकारों ने AMD के लिए अपने प्राइस टारगेट बढ़ा दिए हैं, कुछ तो $500 से $625 तक पहुंच गए हैं, क्योंकि वे AI की लगातार मांग की उम्मीद कर रहे हैं। मौजूदा अर्निंग सीजन काफी मजबूत रहा है, जिसमें 80% से ज़्यादा S&P 500 कंपनियों ने उम्मीदों से बेहतर नतीजे पेश किए हैं। हालांकि, बाज़ार की मौजूदा तेजी AI की निरंतरता और जियोपॉलिटिकल टेंशन कम रहने पर निर्भर करती है।
इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर आमतौर पर सावधानी के साथ आशावादी हैं। वे AI की मजबूत अंडरलाइंग ग्रोथ को पहचानते हैं, लेकिन संभावित जियोपॉलिटिकल झटकों और ऊंची वैल्यूएशन पर पैनी नज़र रखे हुए हैं। Brent क्रूड ऑयल की कीमतें, हालिया गिरावट के बावजूद, एक साल पहले के मुकाबले अभी भी लगभग 66.73% ज़्यादा हैं। यह याद दिलाता है कि तनाव बढ़ने पर ऊर्जा की कीमतें फिर से बढ़ सकती हैं।
