AI बूम का जलवा! डेवलपर्स का क्रिप्टो से मोहभंग, GitHub पर ब्लॉकचेन एक्टिविटी में भारी गिरावट

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AuthorAditya Rao|Published at:
AI बूम का जलवा! डेवलपर्स का क्रिप्टो से मोहभंग, GitHub पर ब्लॉकचेन एक्टिविटी में भारी गिरावट
Overview

GitHub पर ब्लॉकचेन डेवलपर्स की दुनिया में इन दिनों बड़ी हलचल है। प्लेटफॉर्म पर हर हफ्ते होने वाली कोड कमिट्स में **75%** की भारी गिरावट आई है, जबकि एक्टिव डेवलपर्स की संख्या भी **56%** घट गई है। ये डेवलपर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) प्रोजेक्ट्स की ओर बढ़ रहे हैं, जो तेज़ी से ग्रोथ, भारी वेंचर फंडिंग और तुरंत कमर्शियल डिमांड का वादा कर रहे हैं।

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AI की लहर में क्रिप्टो का पतन?

GitHub पर ब्लॉकचेन और क्रिप्टो स्पेस में काम करने वाले डेवलपर्स की संख्या में भारी कमी देखी जा रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, हर हफ्ते होने वाली कोड कमिट्स की संख्या लगभग 8.71 लाख से घटकर 2.18 लाख रह गई है, जो 75% की भारी गिरावट है। इसी तरह, सक्रिय डेवलपर्स की संख्या भी 8,700 से घटकर 4,600 पर आ गई है, यानी 56% की कमी। यह सब तब हो रहा है जब GitHub जैसे प्लेटफॉर्म पर कुल सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट का ग्राफ ऊपर जा रहा है, जहां 2025 में 3.6 करोड़ से अधिक नए डेवलपर्स जुड़े और प्लेटफॉर्म-व्यापी कमिट्स में 25% की सालाना बढ़ोतरी हुई।

AI प्रोजेक्ट्स क्यों खींच रहे डेवलपर्स?

इस बड़े पलायन की मुख्य वजह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का तेज़ी से बढ़ता दबदबा है। AI अब 43 लाख से अधिक रिपॉजिटरीज़ (repositories) का घर बन गया है। पिछले एक साल में लार्ज लैंग्वेज मॉडल्स (LLMs) जैसे टूल्स का इस्तेमाल करने वाले प्रोजेक्ट्स में 178% की ज़बरदस्त उछाल आई है, जो 11 लाख से अधिक रिपॉजिटरीज़ तक पहुंच गए हैं। AI की इस चमक के पीछे है इसकी तुरंत कमर्शियल मांग और भारी वेंचर कैपिटल (VC) फंडिंग। 2025 में AI में VC फंडिंग 211 बिलियन डॉलर (लगभग ₹17.5 लाख करोड़) तक पहुंच गई, जो ग्लोबल वेंचर इन्वेस्टमेंट का आधा हिस्सा है। इसकी तुलना में, क्रिप्टो वेंचर फंडिंग काफी धीमी पड़ गई, मई 2025 में यह 18.5 मिलियन डॉलर (लगभग ₹150 करोड़) प्रति सप्ताह के निचले स्तर पर आ गई, जो बाज़ार के अनुमान से ज़्यादा प्रैक्टिकल यूज़ पर फोकस होने का संकेत देता है।

प्रमुख ब्लॉकचेन पर गिरावट का आलम

ब्लॉकचेन डेवलपर गतिविधि में यह गिरावट कई बड़े प्लेटफॉर्म्स पर साफ दिख रही है। Ethereum पर एक्टिव डेवलपर्स की संख्या तीन महीने में 34% घटकर 2,811 रह गई, जबकि Solana ने 40% डेवलपर्स खो दिए और यह 942 पर आ गया। Base में 52% की गिरावट के साथ यह संख्या 378 हो गई। वहीं, Aptos जैसे नए ब्लॉकचेन्स ने लगभग 60% डेवलपर्स गंवा दिए, और BNB Chain पर कमिट्स में 85% की भारी कमी आई।

अनुभवी डेवलपर्स की वापसी और वॉलेट इंफ्रास्ट्रक्चर की ग्रोथ

क्रिप्टो स्पेस में केवल वॉलेट इंफ्रास्ट्रक्चर (wallet infrastructure) ही एकमात्र ऐसा क्षेत्र है जिसने थोड़ी ग्रोथ दिखाई है, जहां 308 एक्टिव डेवलपर्स प्रति सप्ताह जुड़े हैं, जो 6% की बढ़ोतरी है। यह इस क्षेत्र में कंसॉलिडेशन (consolidation) का संकेत देता है। जो डेवलपर क्रिप्टो में बचे हैं, वे ज़्यादा अनुभवी हैं। दो साल से ज़्यादा का अनुभव रखने वाले डेवलपर्स की संख्या लगभग 27% बढ़ी है और अब वे 70% कमिट्स के लिए ज़िम्मेदार हैं। यह दर्शाता है कि जो लोग जा रहे हैं, वे ज़्यादातर नए या पार्ट-टाइम योगदानकर्ता हैं।

क्रिप्टो के भविष्य पर सवाल?

पिछली क्रिप्टो गिरावटों के दौरान, डेवलपर्स के पास बहुत कम वैकल्पिक टेक अवसर थे। आज, AI एक मज़बूत और अच्छी तरह से फंडेड विकल्प पेश कर रहा है, जिससे यह टैलेंट ड्रेन (talent drain) पिछली गिरावटों की तुलना में पलटना मुश्किल हो सकता है। AI जॉब मार्केट में तेज़ी जारी रहने का अनुमान है, 2025 तक AI रोल्स कुल टेक पोजीशन का 19% होंगे, और मांग सप्लाई से काफी ज़्यादा होगी।

ब्लॉकचेन से AI की ओर टैलेंट का यह पलायन क्रिप्टो सेक्टर के लॉन्ग-टर्म इनोवेशन (innovation) और सस्टेनेबिलिटी (sustainability) पर सवाल खड़े करता है। डेवलपर्स की कम संख्या नए प्रोजेक्ट्स के विकास और नेटवर्क इफेक्ट्स (network effects) को सीमित कर सकती है। कुछ क्रिप्टो प्रोजेक्ट्स की सट्टा प्रकृति (speculative nature) और AI के स्पष्ट, तुरंत कमर्शियल उपयोगों के बीच का अंतर डेवलपर्स की पसंद में एक मुख्य कारक है। 2025 की पहली तिमाही में क्रिप्टो को 4.8 बिलियन डॉलर (लगभग ₹40,000 करोड़) की VC फंडिंग मिली, लेकिन यह मुख्य रूप से फाउंडेशनल टेक्नोलॉजीज और टोकनाइजेशन (tokenization), DeFi जैसे रियल-वर्ल्ड एप्लीकेशन के लिए थी।

डेवलपर्स की घटती संख्या के कारण प्रोटोकॉल अपडेट और रखरखाव धीमा हो सकता है, जिससे संभावित रूप से कमजोरियां पैदा हो सकती हैं और समग्र क्रिप्टो इकोसिस्टम (ecosystem) कमज़ोर हो सकता है।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.