AI का डबल अटैक! विज्ञापनों पर मंडराया खतरा, अब माइक्रोपेमेंट का चलेगा राज

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AuthorMehul Desai|Published at:
AI का डबल अटैक! विज्ञापनों पर मंडराया खतरा, अब माइक्रोपेमेंट का चलेगा राज
Overview

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) एजेंट्स इंटरनेट के सदियों पुराने विज्ञापन मॉडल को बड़ा झटका देने वाले हैं। कॉइनबेस (Coinbase) का x402 प्रोटोकॉल एक ऐसे भविष्य की ओर इशारा कर रहा है जहाँ AI सीधे विज्ञापनों को बायपास करेगा और डायरेक्ट डिजिटल पेमेंट्स की ज़रूरत पड़ेगी। यह नई 'एजेंटिक इकोनॉमी' खरबों डॉलर की हो सकती है।

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इंटरनेट इकोनॉमी में बड़ा बदलाव

कॉइनबेस (Coinbase) के इंजीनियरों को एक बड़ा बदलाव नज़र आ रहा है: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) एजेंट्स इंटरनेट का मुख्य यूजर बनते जा रहे हैं, जो कि वेब के लंबे समय से चले आ रहे आर्थिक इंजन, यानी विज्ञापनों के लिए खतरा हैं। यह इंसानी ब्राउज़िंग से परे है, जहाँ विज्ञापनों से पैसा कमाना एक जरिया था। अब यह मशीन-टू-मशीन इकोनॉमी (Machine-to-Machine Economy) का दौर है। AI एजेंट्स इतने एफिशिएंट और इंडिपेंडेंट हैं कि वे सीधे तौर पर विज्ञापनों को बायपास कर रहे हैं, जिससे डिजिटल वैल्यू एक्सचेंज के तरीके में एक बड़ा और मौलिक बदलाव आ रहा है।

एजेंटिक इकोनॉमी का उदय

ऑटोनॉमस AI सिस्टम, जिसे 'एजेंटिक इकोनॉमी' (Agentic Economy) कहा जा रहा है, 2030 तक वैश्विक स्तर पर $3 ट्रिलियन से $5 ट्रिलियन तक की कमाई कर सकती है। यह विशाल बाज़ार AI एजेंट्स द्वारा ऑटोमेटिकली टास्क और ट्रांजैक्शन हैंडल करने से आ रहा है। माइक्रोपेमेंट (Micropayment) के पिछले प्रयास इसलिए असफल रहे क्योंकि उन्हें अपनाना मुश्किल था और उनके ट्रांजैक्शन फीस (Transaction Fees) छोटी रकम के लिए बहुत ज़्यादा थे। लेकिन एजेंटिक इकोनॉमी के पैमाने (Scale) और गति (Speed) की ज़रूरत के लिए एफिशिएंट, आसान पेमेंट्स की ज़रूरत है। कॉइनबेस का x402 प्रोटोकॉल, HTTP 402 स्टेटस कोड का उपयोग करके, इस ज़रूरत को पूरा करने का लक्ष्य रखता है। यह APIs और डिजिटल कंटेंट के लिए स्टेबलकॉइन्स (Stablecoins) का उपयोग करके सेवाओं को ऑटोमेटिकली चार्ज करने की सुविधा देता है। क्रिप्टो कंपनियाँ AI कॉमर्स के लिए नींव रख रही हैं, AI एजेंट्स को अगला 'ब्राउज़र' मान रही हैं।

विज्ञापन मॉडल पर गहराता खतरा

डिजिटल विज्ञापन मॉडल, जो सर्च इंजन और पब्लिशर्स (Publishers) के लिए आय का एक प्रमुख स्रोत है, अब खतरे में है। AI जो जानकारी को सारांशित (Synthesize) करता है, जैसे Google का AI Overviews, यूज़र्स को सीधे जवाब देता है। इससे वेबसाइटों पर जाने की ज़रूरत कम हो जाती है, जिससे विज्ञापन प्लेसमेंट (Ad Placements) बायपास हो जाते हैं। Google का ऐड रेवेन्यू 2024 में $348.15 बिलियन रहा, लेकिन इसकी ग्रोथ धीमी हो रही है, जो AI सर्च से कमाई करने में कठिनाई को दर्शाता है। पब्लिशर्स पहले से ही ट्रैफिक में भारी गिरावट देख रहे हैं, कुछ AI सारांशों के कारण 89% तक कम क्लिक्स का अनुभव कर रहे हैं। AI एजेंट्स विज्ञापनों को देखे बिना जानकारी प्राप्त करते हैं, जिससे ऐड-सपोर्टेड इंटरनेट का पतन तेज़ हो रहा है और डायरेक्ट पेमेंट मॉडल को बढ़ावा मिल रहा है।

पिछले माइक्रोपेमेंट के फेलियर और नए समाधान

व्यापक माइक्रोपेमेंट सिस्टम बनाने के पिछले प्रयास इसलिए असफल रहे क्योंकि ट्रांजैक्शन फीस छोटी पेमेंट्स के लिए बहुत ज़्यादा थी, यूज़र एक्सपीरियंस (User Experience) जटिल था, और लोग ऑनलाइन कंटेंट को मुफ्त में मिलने की उम्मीद करते थे। 90s के अंत और 2000s की शुरुआत में शुरुआती सिस्टम क्रेडिट कार्ड प्रोसेसिंग कॉस्ट (Credit Card Processing Costs) से जूझ रहे थे, जिससे $1 से कम के पेमेंट्स अलाभकारी हो जाते थे। अब, ब्लॉकचेन (Blockchain) और स्टेबलकॉइन्स जैसे USDC समाधान पेश कर रहे हैं। सोलाना (Solana) जैसे नेटवर्कों पर x402 जैसे प्रोटोकॉल बेहद कम फीस और बहुत तेज़ सेटलमेंट के साथ ट्रांजैक्शन को हैंडल कर सकते हैं। यह AI एजेंट्स के लिए महत्वपूर्ण है जो रोजाना लाखों माइक्रो-ट्रांजैक्शन कर सकते हैं। अकेले स्टेबलकॉइन का वॉल्यूम 2025 में $33 ट्रिलियन तक पहुंच गया, जो इस बदलाव के लिए पर्याप्त फंड की उपलब्धता दर्शाता है।

इंडस्ट्री की प्रतिक्रिया और नया इंफ्रास्ट्रक्चर

बड़ी टेक और पेमेंट कंपनियाँ बढ़ती एजेंटिक इकोनॉमी के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने की ज़रूरत देख रही हैं। Google Cloud ने Solana Foundation के साथ मिलकर Pay.sh लॉन्च किया है, जिससे AI एजेंट्स स्टेबलकॉइन्स के साथ APIs का भुगतान कर सकें। Stripe अपने पेमेंट सर्विसेज में AI जोड़ रहा है और Google के AI Mode के साथ काम कर रहा है। Ant International ने एजेंटिक कॉमर्स के लिए अपना Agentic Mobile Protocol (AMP) बनाया है। ये प्रयास मशीन-टू-मशीन डील्स के लिए पेमेंट सिस्टम बनाने की व्यापक इंडस्ट्री की ओर इशारा करते हैं, न कि सिर्फ पुराने कंज्यूमर सिस्टम के लिए।

प्रमुख जोखिम और चुनौतियाँ

अपेक्षित वृद्धि के बावजूद, बड़ी चुनौतियाँ बनी हुई हैं। उपभोक्ता अभी भी AI पर भरोसा करने में नए हैं कि वह अपने आप पेमेंट कर सके, बहुत कम लोग आत्मविश्वास महसूस करते हैं। AI ट्रांजैक्शन और स्टेबलकॉइन्स के नियम अभी स्पष्ट नहीं हैं, जिससे अनिश्चितता पैदा हो रही है। पिछले माइक्रोपेमेंट की विफलताएँ, AI एजेंट की कार्रवाइयों का प्रबंधन, और गुप्त समझौतों की संभावना महत्वपूर्ण जोखिम पैदा करती है। साथ ही, जबकि नए ब्लॉकचेन में कम फीस है, ट्रिलियन में ट्रांजैक्शन को संभालना एक बड़ा स्केलेबिलिटी टेस्ट है। पब्लिशर्स और क्रिएटर्स को विज्ञापनों के एक सिद्ध विकल्प के बिना अपनी मुख्य आय का नुकसान हो सकता है, जो ओपन वेब (Open Web) को गंभीर रूप से नुकसान पहुँचा सकता है। AI विज्ञापनों की प्रभावशीलता और ईमानदारी की भी जाँच की जा रही है, क्योंकि लोग छिपे हुए AI प्रभाव के बारे में अधिक जागरूक हैं।

आगे की राह

AI और फाइनेंशियल टेक का मेल एक ऐसे भविष्य का सुझाव देता है जहाँ ऑटोनॉमस एजेंट्स डिजिटल इकोनॉमी में सिर्फ सूचना उपभोक्ता नहीं, बल्कि सक्रिय खिलाड़ी होंगे। x402 जैसे प्रोटोकॉल, Google Cloud, Stripe और अन्य के प्रयासों के साथ, 'एजेंटिक कॉमर्स' (Agentic Commerce) की नींव बना रहे हैं। ऐड-सपोर्टेड इंटरनेट से एक ऐसे इंटरनेट में बदलाव जो पेमेंट्स को एकीकृत (Integrate) करता है, नए आर्थिक मॉडल के लिए भारी अवसर प्रदान करता है लेकिन मौजूदा कंपनियों के लिए एक बड़ा खतरा भी है। सफलता विश्वास बनाने, स्पष्ट नियम निर्धारित करने और यह सुनिश्चित करने पर निर्भर करेगी कि पेमेंट सिस्टम मजबूत, कुशल और मशीन-टू-मशीन उपयोग के लिए बने हों।

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