SEBI ने नियमों का किया बड़ा नवीनीकरण: भारत के शेयर बाजार में डिजिटल-युग का परिवर्तन और बेहतर निवेशक सुरक्षा!
Overview
भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने स्टॉकब्रोकर नियमों में व्यापक बदलाव को मंजूरी दी है, तीन दशक पुराने नियमों को डिजिटल ट्रेडिंग के लिए एक आधुनिक ढांचे से बदला है। मुख्य परिवर्तनों में एल्गोरिथम और मालिकाना (proprietary) ट्रेडिंग को परिभाषित करना, और ग्राहकों के धन व प्रतिभूतियों को अनिवार्य रूप से अलग करके निवेशक सुरक्षा को मजबूत करना शामिल है। म्यूचुअल फंड नियमों को भी पारदर्शी व्यय अनुपात (expense ratios) और बेहतर प्रकटीकरण मानकों के साथ अद्यतन किया गया है।
भारत के पूंजी बाजारों को आधुनिक बनाने के लिए SEBI ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। SEBI के बोर्ड ने बुधवार, 17 दिसंबर 2025 को स्टॉकब्रोकर नियमों के व्यापक नवीनीकरण को मंजूरी दी। यह ऐतिहासिक निर्णय तीन दशक पुराने SEBI (स्टॉक ब्रोकर्स) विनियम, 1992 को प्रतिस्थापित कर नए SEBI (स्टॉक ब्रोकर्स) विनियम, 2025 की स्थापना करता है, जो डिजिटल ट्रेडिंग युग के लिए एक ढांचा तैयार करेगा। इसके साथ ही, SEBI (म्यूचुअल फंड) विनियम, 2026 को भी अद्यतन किया गया है, जिसका उद्देश्य निवेशकों को अधिक पारदर्शिता और लाभ प्रदान करना है। मूल 1992 के नियम फ्लोर-आधारित ट्रेडिंग के लिए डिज़ाइन किए गए थे और तकनीकी प्रगति के साथ, विशेष रूप से एल्गोरिथम ट्रेडिंग और डिजिटल प्लेटफार्मों के उदय के कारण, पुराने पड़ गए थे। नए नियमों में एल्गोरिथम ट्रेडिंग को पहली बार औपचारिक रूप से परिभाषित किया गया है, जिसका अर्थ है पूर्व-निर्धारित तर्क के आधार पर ऑर्डर का स्वचालित निष्पादन। ब्रोकर की अपनी गतिविधियों को क्लाइंट ट्रेडों से अलग करने वाले मालिकाना ट्रेडिंग के लिए भी स्पष्ट मानक स्थापित किए गए हैं। निष्पादन-केवल प्लेटफार्मों (EOPs) के लिए भी एक नियामक ढांचा बनाया गया है। SEBI के अध्यक्ष तुहिन कांता पांडे ने कहा कि इस नवीनीकरण का उद्देश्य दोहराए जाने वाले प्रावधानों को हटाना और अन्य नियामक संरचनाओं के साथ संरेखित करना है। नया ढांचा क्लाइंट फंड और प्रतिभूतियों की सुरक्षा, जोखिम प्रबंधन, आंतरिक नियंत्रण और साइबर सुरक्षा अनुपालन के संबंध में ब्रोकर के दायित्वों को स्पष्ट रूप से बताता है। SEBI, स्टॉक एक्सचेंज और डिपॉजिटरी द्वारा संयुक्त निरीक्षण जैसी पहलों से अनुपालन आसान होगा। क्लाइंट की संपत्ति के दुरुपयोग को रोकने के लिए धन और प्रतिभूतियों का अनिवार्य अलगाव (segregation) महत्वपूर्ण है। मजबूत जोखिम प्रबंधन प्रणाली और आंतरिक नियंत्रण अब आवश्यक हैं। म्यूचुअल फंड खर्चों में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए कुल व्यय अनुपात (TER) को फिर से परिभाषित किया गया है। ये सुधार बाजार की अखंडता, ब्रोकरों के लिए परिचालन दक्षता और निवेशक विश्वास को बढ़ाएंगे।