भारत में धमाका: फॉक्सकॉन ने एप्पल के नए आईफोन 17 प्रो मैक्स फैक्ट्री के लिए 30,000 कर्मचारी नियुक्त किए!
Overview
ताइवान की Hon Hai Precision Industry Co (फॉक्सकॉन) ने सिर्फ आठ महीनों में बेंगलुरु, भारत के पास स्थित अपने नए आईफोन असेंबली प्लांट के लिए 30,000 कर्मचारी नियुक्त किए हैं। यह सुविधा, जो चीन से एप्पल की सप्लाई चेन के विविधीकरण का एक प्रमुख हिस्सा है, अब आईफोन 17 प्रो मैक्स को असेंबल कर रही है। कार्यबल में मुख्य रूप से महिलाएं (80%) हैं, जिनमें से कई पहली बार नौकरी की तलाश में हैं। फॉक्सकॉन ₹20,000 करोड़ का निवेश कर रही है और 50,000 कर्मचारियों को रोजगार देने की उम्मीद है, जिससे व्यापक सुविधाओं वाला एक मिनी-टाउनशिप तैयार होगा। यह विस्तार भारत की वैश्विक विनिर्माण केंद्र के रूप में बढ़ती भूमिका पर प्रकाश डालता है।
ताइवान की Hon Hai Precision Industry Co, जिसे विश्व स्तर पर फॉक्सकॉन के नाम से जाना जाता है, ने भारत के बेंगलुरु के पास देवनाहल्ली में अपने नए आईफोन असेंबली प्लांट के लिए 30,000 श्रमिकों को काम पर रखने का एक उल्लेखनीय कार्य किया है। यह तीव्र भर्ती, जो केवल आठ से नौ महीनों में पूरी हुई है, चीन से एप्पल की वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को विविध बनाने और उस पर निर्भरता कम करने के उसके तेज प्रयासों का संकेत देती है। यह अत्याधुनिक सुविधा अब एप्पल के नवीनतम फ्लैगशिप मॉडल, आईफोन 17 प्रो मैक्स को असेंबल करने में सक्रिय रूप से लगी हुई है।
इस नई फॉक्सकॉन सुविधा की एक विशिष्ट विशेषता इसका कार्यबल जनसांख्यिकी है, जहाँ लगभग 80 प्रतिशत कर्मचारी महिलाएं हैं। इनमें से एक महत्वपूर्ण संख्या युवा लड़कियों की है, जिनकी आयु 19 से 24 वर्ष के बीच है, और वे अपने करियर में पहली बार औपचारिक औद्योगिक क्षेत्र में प्रवेश कर रही हैं। आस-पास के राज्यों से कर्नाटक में उनका प्रवास, भारत के भीतर बड़े पैमाने पर विनिर्माण कार्यों द्वारा उत्पन्न रोजगार के अवसरों को रेखांकित करता है।
लगभग 300 एकड़ में फैली यह फैक्ट्री, अप्रैल-मई के आसपास अपने परीक्षण उत्पादन चरण में शुरू हुई थी। शुरुआत में आईफोन 16 श्रृंखला पर ध्यान केंद्रित करने के बाद, इसने अब सबसे उन्नत आईफोन 17 प्रो मैक्स मॉडल का उत्पादन शुरू कर दिया है। इस संयंत्र से होने वाले उत्पादन का 80% से अधिक निर्यात के लिए नामित है, जो एप्पल उत्पादों के लिए एक प्रमुख वैश्विक विनिर्माण केंद्र के रूप में भारत की महत्वपूर्ण भूमिका को मजबूत करता है। उत्पादन तल क्षेत्र स्वयं लगभग 2.5 लाख वर्ग फुट में फैला है, जो इसे तमिलनाडु में फॉक्सकॉन की मौजूदा सुविधा से भी आगे ले जाने की स्थिति में रखता है।
फॉक्सकॉन इस देवनाहल्ली परियोजना में लगभग ₹20,000 करोड़ का भारी निवेश कर रही है। अनुमान बताते हैं कि अगले साल अपनी चरम परिचालन क्षमता पर यह सुविधा 50,000 श्रमिकों को रोजगार देने की क्षमता रखती है। इस विशाल कार्यबल को समायोजित करने और समर्थन देने के लिए, फॉक्सकॉन ने व्यापक छात्रावास सुविधाओं का विकास किया है, जिसमें आवासीय, चिकित्सा, शैक्षिक और मनोरंजक सुविधाओं के साथ परिसर को एक व्यापक मिनी-टाउनशिप में विकसित करने की योजना है।
देवनाहल्ली सुविधा में श्रमिकों को औसतन लगभग ₹18,000 मासिक वेतन मिलने का अनुमान है, जो विशेष रूप से नीले कॉलर (blue-collar) पदों पर महिलाओं के लिए प्रतिस्पर्धी माना जाता है। कंपनी मुफ्त आवास और सब्सिडी वाले भोजन जैसी कर्मचारी लाभ भी प्रदान करती है।
एक सरकारी अधिकारी ने टिप्पणी की कि यह परियोजना भारत की उत्पादन-लिंक्ड प्रोत्साहन (PLI) योजना की सफलता का एक स्पष्ट प्रमाण है। 2021 में लॉन्च की गई इस योजना का उद्देश्य घरेलू विनिर्माण क्षमताओं को बढ़ावा देना है और इसने फॉक्सकॉन जैसे प्रमुख वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माताओं को देश में महत्वपूर्ण परिचालन स्थापित करने के लिए आकर्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
इस फॉक्सकॉन सुविधा की स्थापना और तेजी से विस्तार से भारत के विनिर्माण क्षेत्र पर गहरा सकारात्मक प्रभाव पड़ने वाला है। यह देश की निर्यात क्षमताओं को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ावा देगा, चीन के लिए एक विश्वसनीय वैकल्पिक विनिर्माण आधार के रूप में इसकी प्रतिष्ठा को बढ़ाएगा, और पर्याप्त रोजगार के अवसर पैदा करेगा। यह विकास भारत को वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स आपूर्ति श्रृंखला में और एकीकृत करता है और क्षेत्र में आर्थिक विकास को बढ़ावा देता है।
Impact Rating: 8/10