UltraTech Cement ने 'Ultravolt' ब्रांड के साथ वायर्स और केबल्स मार्केट में एंट्री कर ली है। कंपनी की इस धमाकेदार शुरुआत से Polycab और KEI Industries जैसे दिग्गज शेयरों में भारी बिकवाली देखी जा रही है, क्योंकि निवेशकों को प्राइस वॉर का डर सता रहा है।
बाजार में नई हलचल
UltraTech Cement ने उम्मीद से कहीं पहले गुजरात के झगड़िया प्लांट में 'Ultravolt' ब्रांड के तहत कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू कर दिया है। कंपनी ने इस प्रोजेक्ट में ₹1,800 करोड़ का बड़ा निवेश किया है और अगले 5 सालों के भीतर इंडस्ट्री के टॉप 2 प्लेयर्स में जगह बनाने का लक्ष्य रखा है।
क्यों घबराए निवेशक?
इस खबर के आते ही मार्केट में केबल सेक्टर के शेयरों में बिकवाली का दौर शुरू हो गया। पिछले 2 ट्रेडिंग सेशन में Polycab India, KEI Industries, RR Kabel और Havells India जैसी कंपनियों का कुल मार्केट कैप करीब ₹21,500 करोड़ तक घट गया है।
डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क की ताकत
UltraTech की सबसे बड़ी ताकत उसका मौजूदा नेटवर्क है। कंपनी के पास पहले से ही 5,000 से ज्यादा 'UltraTech Building Solutions' आउटलेट्स हैं। इसकी मदद से वे देशभर में अपनी सप्लाई चेन को बहुत तेजी से फैला सकते हैं, जो मौजूदा दिग्गज कंपनियों के लिए बड़ी चुनौती है।
मार्जिन पर दबाव का डर
निवेशकों को डर है कि मार्केट शेयर तेजी से हासिल करने के लिए UltraTech एग्रेसिव प्राइसिंग या डीलर्स को बेहतर इंसेंटिव दे सकती है। अगर ऐसा हुआ, तो अन्य कंपनियों को अपने मुनाफे (Profit Margins) को बचाने के लिए मार्केटिंग खर्च बढ़ाना पड़ सकता है या कीमतें घटानी पड़ सकती हैं। फिलहाल मार्केट इसे 'वैल्यूएशन डी-रेटिंग' के तौर पर देख रहा है, जहाँ आने वाली तिमाहियों के नतीजे यह तय करेंगे कि पुरानी कंपनियां इस जंग में कितनी मजबूती से टिक पाती हैं।
