Calendar Spreads: कम Volatility वाले बाजार में मुनाफे का अचूक मंत्र

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Calendar Spreads: कम Volatility वाले बाजार में मुनाफे का अचूक मंत्र

जब बाजार में हलचल कम हो, तो ऑप्शन सेलिंग जोखिम भरी हो जाती है। ऐसे में 'Calendar Spreads' स्ट्रैटेजी अपनाकर आप मार्जिन कम कर सकते हैं और टाइम डिके (Time Decay) का फायदा उठा सकते हैं।

जब बाजार शांत रहता है, तो 'Implied Volatility' (IV) काफी नीचे आ जाती है। ऑप्शन सेलर्स के लिए यह एक मुश्किल स्थिति होती है क्योंकि कम प्रीमियम के बावजूद अचानक आने वाले झटकों का रिस्क बना रहता है। 'Naked' ऑप्शन सेलिंग में जहां मुनाफा सीमित है, वहीं नुकसान की गुंजाइश बहुत ज्यादा होती है।

Calendar Spread स्ट्रैटेजी क्या है?

इस जोखिम को कम करने के लिए ट्रेडर्स 'Calendar Spread' का रुख करते हैं। इसमें आप एक ही स्ट्राइक प्राइस का नियर-टर्म (जल्दी एक्सपायर होने वाला) ऑप्शन बेचते हैं और लॉन्ग-टर्म (देर से एक्सपायर होने वाला) ऑप्शन खरीदते हैं। इसका मुख्य मकसद 'Time Decay' का लाभ उठाना है, क्योंकि नियर-टर्म ऑप्शन की वैल्यू तेजी से घटती है।

मार्जिन का गणित और NSE में उपयोग

भारतीय शेयर बाजार (NSE) में काम करने वाले ट्रेडर्स के लिए मार्जिन एक बड़ी चुनौती है। 'Naked' सेलिंग में भारी पूंजी ब्लॉक होती है। एक लॉन्ग-टर्म ऑप्शन को जोड़कर, आप अपनी पोजीशन को स्ट्रक्चर्ड बना सकते हैं, जिससे मार्जिन की जरूरत काफी कम हो जाती है। यह कम पूंजी में न्यूट्रल व्यू लेने का बेहतरीन तरीका है।

बाजार के जोखिम और सावधानी

याद रखें, कैलेंडर स्प्रेड्स पूरी तरह जोखिम-मुक्त नहीं हैं। अगर Nifty या Bank Nifty में बड़ी मूवमेंट आती है, तो आपको नुकसान हो सकता है। साथ ही, अगर अचानक मार्केट में घबराहट बढ़ती है और IV में स्पाइक आता है, तो स्प्रेड की दोनों लेग्स पर इसका अलग असर पड़ता है।

इसके अलावा, ट्रांजेक्शन कॉस्ट और लिक्विडिटी का भी ध्यान रखना जरूरी है। ब्रोकरेज और एक्सचेंज फीस आपके मुनाफे को कम कर सकते हैं, इसलिए ऐसे स्ट्राइक्स चुनें जहां लिक्विडिटी अच्छी हो।

ट्रेडर्स के लिए जरूरी सलाह

मौजूदा साप्ताहिक (Weekly) एक्सपायरी के दौर में, ट्रेडर्स को स्ट्राइक प्राइस के करीब आने वाली कीमतों पर नजर रखनी चाहिए। एक्सपायरी के करीब बड़ी मूवमेंट आपकी पोजीशन को नुकसान में बदल सकती है। हमेशा नियर-टर्म और लॉन्ग-टर्म वोलैटिलिटी के अंतर को ट्रैक करें, क्योंकि यही आपकी स्ट्रैटेजी की सफलता तय करता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.