बजट के झटकों और ट्रेड डील की राहत: बाज़ार में कैसा रहा उतार-चढ़ाव?
पिछले कारोबारी हफ़्ते भारतीय शेयर बाज़ार, खासकर निफ्टी और बैंक निफ्टी में, काफी उतार-चढ़ाव देखा गया। शुरुआती दौर में, यूनियन बजट में डेरिवेटिव्स (Derivatives) पर सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) बढ़ाए जाने की खबर से निफ्टी एक दिन में 24,572 के निचले स्तर तक गिर गया था। लेकिन, हफ़्ते के मध्य में अमेरिका और भारत के बीच हुए व्यापार समझौते की घोषणा के साथ ही बाज़ार का मिजाज पूरी तरह बदल गया। इस डील के तहत दोनों देशों के बीच आपसी टैरिफ में 18% तक की कटौती की गई है। इस खबर ने निफ्टी को 26,341 के स्तर तक पहुंचा दिया। हालांकि, मुनाफ़ावसूली (Profit Booking) और वैश्विक चिंताओं के कारण बाज़ार 25,600 के आसपास बंद हुआ। बाजार में अभी भी उतार-चढ़ाव बने रहने की उम्मीद है, जो RBI की अगली पॉलिसी और ग्लोबल संकेतों पर निर्भर करेगा। निफ्टी के लिए इमीडिएट सपोर्ट 25450-25400 पर है, जबकि मजबूत सपोर्ट 25000-25200 के ज़ोन में है।
सेक्टरों को मिली रफ्तार, इन स्टॉक्स पर दांव
अमेरिका-भारत व्यापार समझौते का सबसे ज्यादा फायदा मेटल्स (Metals) और एनर्जी (Energy) जैसे औद्योगिक सेक्टरों को मिलने की उम्मीद है। Bajaj Broking के अनुसार, Lloyds Metals and Energy (LLOMET) और JSW Energy इस डील से सबसे ज्यादा लाभ उठा सकते हैं।
Lloyds Metals and Energy (LLOMET): यह स्टॉक फिलहाल करीब ₹1,275 पर ट्रेड कर रहा है। कंपनी का मार्केट कैप लगभग ₹62,000-₹70,000 करोड़ के बीच है और इसका TTM P/E रेश्यो (Price to Earnings Ratio) 27.98x से 36.23x के दायरे में है। कंपनी ने दिसंबर 2025 की तिमाही में रिकॉर्ड ₹5,058.08 करोड़ का नेट सेल्स (Net Sales) दर्ज किया है। मार्जिन में ज़बरदस्त सुधार हुआ है और Q3 FY26 में इसका प्रॉफिट पिछले साल की तुलना में 180% बढ़ा है। RSI (Relative Strength Index) लगभग 46.07 पर है, जो पॉजिटिव मोमेंटम (Positive Momentum) दिखा रहा है। विश्लेषकों (Analysts) ने इसका टारगेट प्राइस ₹1570 से ₹1692 के बीच दिया है, जो काफी अच्छी तेजी का संकेत है। टेक्निकल चार्ट्स पर भी स्टॉक में मजबूती के संकेत मिल रहे हैं।
JSW Energy (JSWENERGY): यह शेयर फिलहाल ₹474 के आस-पास है। इसका मार्केट कैप करीब ₹82,000-₹83,000 करोड़ है और TTM P/E रेश्यो लगभग 31.64x से 36.08x है। इंडस्ट्री का औसत P/E 22.74x है, जो JSW Energy से कम है। हालांकि, कंपनी का मजबूत ऑपरेशनल परफॉर्मेंस और Q3 FY26 में रेवेन्यू ग्रोथ (Revenue Growth) इसके वैल्यूएशन (Valuation) को सपोर्ट करती है। ज्यादातर विश्लेषक इसे 'Buy' या 'Hold' रेटिंग दे रहे हैं, और इसका कंसेंसस टारगेट प्राइस (Consensus Target Price) ₹587 से ₹618 के बीच है, जो 20-24% तक के उछाल का संकेत देता है। कंपनी ने 2030 तक 30 GW (गीगावाट) पावर जनरेशन कैपेसिटी (Power Generation Capacity) हासिल करने का लक्ष्य रखा है।
आगे की राह: सेक्टर्स के लिए क्या है खास?
2026 के लिए भारतीय मेटल्स (Metals) और माइनिंग (Mining) सेक्टर का प्रदर्शन शानदार रहने का अनुमान है। वैश्विक मैक्रोइकॉनॉमिक (Macroeconomic) फैक्टर्स, घरेलू मांग और सरकारी नीतियां (Policy Interventions) जैसे सेफगार्ड ड्यूटी (Safeguard Duties) इसे सपोर्ट करेंगे। स्टील सेक्टर में घरेलू कीमतें पहले ही बढ़ाई जा चुकी हैं और 2026 की शुरुआत में और बढ़ोतरी की उम्मीद है। वहीं, एनर्जी सेक्टर की बात करें तो, नेट-जीरो (Net-Zero) लक्ष्यों को पूरा करने और बढ़ती मांग को संभालने के लिए भारत को पावर जनरेशन, स्टोरेज और ग्रिड मॉडर्नाइजेशन (Grid Modernization) में बड़े पैमाने पर सालाना निवेश की आवश्यकता है। बजट में क्रिटिकल मिनरल प्रोसेसिंग (Critical Mineral Processing) और रिन्यूएबल एनर्जी सप्लाई चेन (Renewable Energy Supply Chain) के लिए बड़े प्रावधान किए गए हैं, जो इन ग्रोथ एरियाज के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दिखाते हैं। ऊंचे P/E मल्टीपल्स (Multiples) के बावजूद, Lloyds Metals and Energy और JSW Energy दोनों ही मजबूत ऑपरेशनल मोमेंटम और पॉजिटिव एनालिस्ट सेंटिमेंट (Analyst Sentiment) के साथ अपने-अपने महत्वपूर्ण औद्योगिक सेक्टरों में देखने लायक प्रमुख खिलाड़ी बने हुए हैं।