Tesla के निवेशकों के लिए पिछले दो हफ्ते काफी निराशाजनक रहे हैं। कंपनी के शेयर **24%** तक गिर चुके हैं, जिसकी वजह दूसरी तिमाही के कमजोर नतीजों का आना है। Tesla ने **$400 मिलियन** का ऑपरेटिंग प्रॉफिट दर्ज किया, जो विश्लेषकों की **$1.7 बिलियन** की उम्मीदों से काफी कम है। इस नतीजे ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है कि कंपनी का वैल्यूएशन बहुत ज्यादा है और मार्जिन पर दबाव बना हुआ है।
Detailed Coverage
मुनाफे में आई भारी गिरावट, शेयर 15% लुढ़के
इलेक्ट्रिक व्हीकल बनाने वाली कंपनी Tesla के शेयरधारकों को पिछले दो हफ्तों में बड़ा झटका लगा है। कंपनी के शेयर करीब 24% तक टूट चुके हैं। इस बड़ी गिरावट की मुख्य वजह दूसरी तिमाही के निराशाजनक नतीजों का आना है। Tesla ने इस तिमाही में करीब $400 मिलियन का ऑपरेटिंग प्रॉफिट कमाया है, जबकि मार्केट को $1.7 बिलियन के प्रॉफिट की उम्मीद थी। नतीजों के बाद गुरुवार को शेयर 15% तक गिर गए और शुक्रवार को भी इनमें कमजोरी बनी रही।
वैल्यूएशन और मार्केट की वोलेटिलिटी (Valuation and Market Volatility)
Tesla का शेयर हमेशा से ही बाकी मार्केट की तुलना में प्रीमियम वैल्यूएशन पर ट्रेड करता रहा है। ऐसे में, जब भी कोई निगेटिव खबर आती है, तो शेयर की कीमतों में ज्यादा उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है। मार्केट के आंकड़ों के अनुसार, Tesla के शेयर की वोलेटिलिटी बाकी बड़ी टेक कंपनियों के शेयरों से 2 से 3 गुना ज्यादा है। इसका मतलब यह है कि जहां कंपनी ने तेजी से ग्रोथ दिखाई है, वहीं उम्मीदों पर खरा न उतरने पर शेयर में बड़ी गिरावट का भी जोखिम रहता है। विश्लेषकों के अनुमान और असल प्रॉफिट के बीच का यह बड़ा अंतर बताता है कि कॉम्पिटिटिव इलेक्ट्रिक व्हीकल मार्केट में कंपनी के लिए मार्जिन बनाए रखना एक बड़ी चुनौती है।
SpaceX का प्रदर्शन और निवेशकों की भावना (SpaceX Performance and Investor Sentiment)
एलोन मस्क (Elon Musk) से जुड़ी कंपनियों में चल रही निगेटिव खबरों के बीच SpaceX भी मुश्किलों से जूझ रही है। कंपनी के Starship प्रोग्राम में तकनीकी देरी आ रही है, जिसके कारण इसके 13वें टेस्ट फ्लाइट को बार-बार कैंसिल करना पड़ रहा है। इस लॉन्चिंग की सफलता कंपनी के ऑर्बिटल लॉन्च कॉस्ट को कम करने और फ्यूचर AI इंफ्रास्ट्रक्चर को सपोर्ट करने के लक्ष्य के लिए बहुत अहम है। इन तकनीकी दिक्कतों के अलावा, SpaceX का शेयर 'IPO ओवरहैंग' (IPO Overhang) की समस्या से भी जूझ रहा है। खबरें हैं कि शुरुआती निवेशकों (Early Investors) बड़ी मात्रा में अपने शेयर बेचना चाहते हैं, जिससे मार्केट में स्टॉक की सप्लाई डिमांड से ज्यादा हो गई है। 16 जून को $226 के अपने हाई लेवल से SpaceX का शेयर करीब 50% गिर चुका है और फिलहाल अपने $135 के इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) प्राइस से काफी नीचे ट्रेड कर रहा है।
आगे क्या देखना होगा?
Tesla के निवेशकों के लिए सबसे महत्वपूर्ण यह देखना होगा कि कंपनी आने वाली तिमाहियों में अपने प्रॉफिट मार्जिन को स्थिर कर पाती है या नहीं। निवेशक मैनेजमेंट से कॉस्ट-कटिंग उपायों और गाड़ियों की डिमांड ट्रेंड्स पर कमेंट्री का भी इंतजार करेंगे। वहीं, SpaceX के लिए Starship टेस्ट फ्लाइट्स की सफल लॉन्चिंग और शुरुआती शेयरधारकों द्वारा बेचे जा रहे शेयरों के दबाव को कंपनी कैसे मैनेज करती है, इस पर फोकस रहेगा। इन फैक्टर्स के साथ-साथ हाई-वैल्यूएशन टेक स्टॉक्स के लिए ओवरऑल मार्केट का माहौल, दोनों कंपनियों के शेयरों की दिशा तय करेगा।
