15 सितंबर, 2026 को Tata Group के शेयरों में जोरदार उछाल देखने को मिला। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा Tata Sons की 'कोर इन्वेस्टमेंट कंपनी' का लाइसेंस सरेंडर करने की अर्जी खारिज करने के बाद बाजार में कंपनी के पब्लिक लिस्टिंग (IPO) की अटकलें तेज हो गई हैं।
15 सितंबर, 2026 को बाजार खुलते ही टाटा ग्रुप के शेयरों में भारी हलचल दिखी। RBI ने Tata Sons की उस अर्जी को खारिज कर दिया है जिसमें उन्होंने 'कोर इन्वेस्टमेंट कंपनी' (CIC) के रूप में अपना पंजीकरण रद्द करने की मांग की थी। इस फैसले का मतलब है कि अब टाटा सन्स को NBFC-अपर लेयर (Upper Layer) के कड़े नियमों का पालन करना होगा। बाजार ने इसे एक बड़े संकेत के तौर पर लिया है कि कंपनी को अब रेगुलेटरी जरूरतों को पूरा करने के लिए अपनी लिस्टिंग पर विचार करना पड़ सकता है।
टाटा ग्रुप की चाल
इस खबर के बाद Tata Chemicals ने जबरदस्त रफ्तार पकड़ी और शेयर 20% के अपर सर्किट पर पहुंच गया। इसके अलावा TCS, Tata Motors, Tata Elxsi और Tata Technologies के शेयरों में भी अच्छी तेजी देखी गई। वहीं Nifty IT इंडेक्स में 5% से ज्यादा की उछाल ने भी निवेशकों का भरोसा बढ़ाया।
बाजार की चुनौती और रिस्क
टाटा ग्रुप की तेजी एक तरफ, तो दूसरी तरफ बाजार में उतार-चढ़ाव भी बना हुआ है। भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतें $100 प्रति बैरल के पार बने रहने से मार्केट का मूड थोड़ा खराब है। ध्यान देने वाली बात यह है कि जहां टाटा के कुछ शेयर भागे, वहीं Tata Consumer Products और Reliance Industries जैसे दिग्गज शेयर अपने 52-हफ्ते के निचले स्तर पर भी आ गए।
निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि टाटा सन्स की तरफ से लिस्टिंग को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। कंपनी को अब NBFC-अपर लेयर के नियमों के अनुसार काम करना है, और आगे क्या कदम उठाए जाएंगे, यह ग्रुप के अगले फैसलों पर निर्भर करेगा।
