25 सितंबर, 2026 को शेयर बाजार में गजब की तसवीर दिखी। जहां एक ओर Transport Corp, Xelpmoc Design और Infinium Pharma तकनीकी तेजी (technical breakout) के दम पर **8%** तक चढ़ गए, वहीं कई ब्लू-चिप शेयर अपने 52-हफ्तों के निचले स्तर पर लुढ़क गए। यह बाजार की दोहरी चाल दिखा रहा है।
बाजार की दोहरी तस्वीर
सितंबर की इस ट्रेडिंग में बाजार का मिजाज पूरी तरह बंटा हुआ नजर आया। जहां मिड-कैप शेयरों में खरीदारी दिखी, वहीं दिग्गज कंपनियां बिकवाली के दबाव में थीं। Transport Corp of India (TCI) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 8.29% की बढ़त बनाई और यह ₹944.10 पर बंद हुआ। वहीं, Xelpmoc Design 7.60% उछलकर ₹84 और Infinium Pharma 4.57% की तेजी के साथ ₹269 पर पहुंच गया।
क्यों आई यह तेजी?
ट्रेडर्स का मानना है कि इन शेयरों में 'टेक्निकल ब्रेकआउट' देखा गया है। जब शेयर अपने 30, 50 और 150 दिनों के औसत भाव से ऊपर ट्रेड करते हैं, तो इसे पॉजिटिव सिग्नल माना जाता है। लेकिन दूसरी तरफ, बाजार के बड़े खिलाड़ियों का हाल बुरा है। Hindustan Unilever, Britannia और Tata Motors के शेयर अपने 52-हफ्तों के निचले स्तर पर आ गए। इनके साथ-साथ IRB Infrastructure, KPIT Technologies और Tata Elxsi में भी कमजोरी दिखी।
निवेशकों के लिए चेतावनी
जब बड़े शेयर गिरते हैं, तो यह अक्सर संस्थागत निवेशकों (Institutional Investors) द्वारा बिकवाली का संकेत होता है, जो अर्थव्यवस्था में सुस्ती की चिंता जताते हैं। सिर्फ 'चार्ट' देखकर शेयर खरीदना जोखिम भरा हो सकता है। किसी भी शेयर की चाल उसके फंडामेंटल, यानी कंपनी के मुनाफे और कर्ज की स्थिति पर टिकी होती है। अगर आप तकनीकी तेजी के पीछे भाग रहे हैं, तो सावधान रहें—कंपनी के ऑर्डर बुक और तिमाही नतीजों पर नजर रखना बेहद जरूरी है। बाजार की इस अस्थिरता के बीच केवल मजबूत फंडामेंटल वाले शेयर ही लंबी अवधि में टिक पाएंगे।
